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Bhiwani News: नो एंट्री पर नहीं हो रहा काम, बाजारों में लग रहा जाम
Mon, 23 Oct 2023 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 23 Oct 2023 11:51 PM IST
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भिवानी।
त्योहारी सीजन के चलते बाजारों में आमजन से ज्यादा संख्या तो वाहनों की है। जिस कारण बाजार में हर रोज जाम की स्थिति बन रही है और खरीदारी करने आए व्यक्तियों को जाम के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजार की सड़कों पर थ्री व्हीलर और निजी वाहनों के आने से भी बाजार में जाम की स्थिति बनी हुई है। जिस पर प्रशासन की तरफ से ध्यान नहीं है। बाजार में सुबह आठ से रात आठ बजे तक नो एंट्री भी है, बावजूद इसके निजी वाहन और ई रिक्शा यहां जाम की स्थिति बना रहे हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से भी बाजारों में किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है। बाजार की सड़कों पर खुले में लावारिस पशु घूम रहे है। त्योहारी सीजन होने के कारण हर रोज लगभग डेढ़ से दो हजार व्यक्ति खरीदारी के लिए बाजार आते हैं। ऐसे में सुरक्षा दृष्टि के मद्देनजर प्रशासन की तरफ से किसी तरह की कोई गार्ड या पुलिसकर्मी की तैनाती न होने से बाजार में किसी भी समय कोई भी घटना घटित हो सकती है।
आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही यातायात पुलिस और नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराया था। दुकान के सामान को रखने के लिए जगह को निर्धारित किया था। सराय चौपटा चौक से लेकर घंटाघर चौक तक लगभग दो सौ दुकानें आती हैं। इसमें से मात्र दस से पंद्रह दुकानदार ही निर्धारित जगह पर सामान लगा रहे है और बाकि दुकानदार निर्धारित जगह से हटकर सामान लगा रहे है।
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पिछले साल जेबतराशी की हुई थीं 40 घटनाएं
बीते साल भी दिवाली के त्योहार पर लगभग 35 से 40 व्यक्तियों की जेब कटने का मामला सामने आया था। इसको लेकर प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने के बजाय और ढीला रवैया देखा जा रहा है। बाजार की भीड़ में किसी भी व्यक्ति की कोई पहचान नहीं है और चोरी की वारदात, चेन स्नेचिंग जैसी की घटनाओं को आराम से अंजाम दिया जा सकता है। कुछ समय पहले भी बाजार में कई तरह की चोरी की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है। ऐसे में समय रहते प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। ताकि किसी बड़ी घटना के होने से बचा जा सकें। बाजारों में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं हैं, केवल दुकानों पर कैमरे लगे हैं, उनकी लोकेशन भी दुकान के आगे या फिर अंदर है।
बाजार में पिछले 39 साल से दुकान है। लेकिन दुकानदार दुकान से दस-दस फुट आगे सामान लगा रहे है। इसको लेकर संबंधित विभाग और अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें व्यक्तिगत तौर से दे चुका हूं। लेकिन कोई नियमित समाधान नहीं हुआ। लगभग एक महीने पहले भी सिटी थाने में अतिक्रमण को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसके बाद लिखित समझौता हुआ लेकिन उसके बाद अब भी वहीं स्थिति बनी हुई है।
-धीरज, दुकानदार।
पिछले 14 साल से यहीं नियमित रेहड़ी लगाता हूं। जाम की स्थिति तो यहां लगभग रहती ही है। इसका मुख्य कारण बाजार में आने वाले ऑटो-ई रिक्शा और निजी वाहन है। इसकी तरफ प्रशासन का कोई ध्यान नही है। त्योहारी सीजन पर विशेषकर ध्यान दिया जाना चाहिए। ताकि बाजार में किसी प्रकार से जाम की स्थिति से छुटकारा मिल सकें।
- लालु, रेहड़ी चालक।
घंटाघर चौक से सराय चौपटा तक लगभग दो सौ दुकानें हैं। इसमें से कुछ दुकानदार ही निर्धारित जगहों पर दुकान के सामान को लगा रहे है। कई बार इस बारे में समझाया जा चुका है लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों है। इस मार्केट में सीएम के दौरे के दौरान कुछ लाइटें लगाई गई थी। इससे अलग लाइटें, सीसीटीवी कैमरे, दो चौकीदार, दो सफाईकर्मी को व्यापार मंडल की तरफ से लगाया गया है। इनकी मरम्मत कार्यों को भी व्यापार मंडल की ओर से ही किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन को भी आमजन की सुरक्षा, सेवा में सहयोग करने के लिए आगे आना चाहिए।
-अतुल रोहिल्ला, घंटाघर मार्केट प्रधान।
तीन-चार दिन पहले ही बाजार में अतिक्रमण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया था। इस बारे में दुकानदारों को हिदायतें दी गई थीं। सुरक्षा के लिए लोकल पुलिस की ड्यूटी है। बाजारों में वाहनों की नो एंट्री है। नो पार्किंग जोन में वाहनों के चालान किए जाएंगे।
-सुनील कुमार, यातायात पुलिस प्रभारी, भिवानी।
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त्योहारी सीजन के चलते बाजारों में आमजन से ज्यादा संख्या तो वाहनों की है। जिस कारण बाजार में हर रोज जाम की स्थिति बन रही है और खरीदारी करने आए व्यक्तियों को जाम के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजार की सड़कों पर थ्री व्हीलर और निजी वाहनों के आने से भी बाजार में जाम की स्थिति बनी हुई है। जिस पर प्रशासन की तरफ से ध्यान नहीं है। बाजार में सुबह आठ से रात आठ बजे तक नो एंट्री भी है, बावजूद इसके निजी वाहन और ई रिक्शा यहां जाम की स्थिति बना रहे हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से भी बाजारों में किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है। बाजार की सड़कों पर खुले में लावारिस पशु घूम रहे है। त्योहारी सीजन होने के कारण हर रोज लगभग डेढ़ से दो हजार व्यक्ति खरीदारी के लिए बाजार आते हैं। ऐसे में सुरक्षा दृष्टि के मद्देनजर प्रशासन की तरफ से किसी तरह की कोई गार्ड या पुलिसकर्मी की तैनाती न होने से बाजार में किसी भी समय कोई भी घटना घटित हो सकती है।
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आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही यातायात पुलिस और नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराया था। दुकान के सामान को रखने के लिए जगह को निर्धारित किया था। सराय चौपटा चौक से लेकर घंटाघर चौक तक लगभग दो सौ दुकानें आती हैं। इसमें से मात्र दस से पंद्रह दुकानदार ही निर्धारित जगह पर सामान लगा रहे है और बाकि दुकानदार निर्धारित जगह से हटकर सामान लगा रहे है।
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पिछले साल जेबतराशी की हुई थीं 40 घटनाएं
बीते साल भी दिवाली के त्योहार पर लगभग 35 से 40 व्यक्तियों की जेब कटने का मामला सामने आया था। इसको लेकर प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने के बजाय और ढीला रवैया देखा जा रहा है। बाजार की भीड़ में किसी भी व्यक्ति की कोई पहचान नहीं है और चोरी की वारदात, चेन स्नेचिंग जैसी की घटनाओं को आराम से अंजाम दिया जा सकता है। कुछ समय पहले भी बाजार में कई तरह की चोरी की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है। ऐसे में समय रहते प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। ताकि किसी बड़ी घटना के होने से बचा जा सकें। बाजारों में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं हैं, केवल दुकानों पर कैमरे लगे हैं, उनकी लोकेशन भी दुकान के आगे या फिर अंदर है।
बाजार में पिछले 39 साल से दुकान है। लेकिन दुकानदार दुकान से दस-दस फुट आगे सामान लगा रहे है। इसको लेकर संबंधित विभाग और अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें व्यक्तिगत तौर से दे चुका हूं। लेकिन कोई नियमित समाधान नहीं हुआ। लगभग एक महीने पहले भी सिटी थाने में अतिक्रमण को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसके बाद लिखित समझौता हुआ लेकिन उसके बाद अब भी वहीं स्थिति बनी हुई है।
-धीरज, दुकानदार।
पिछले 14 साल से यहीं नियमित रेहड़ी लगाता हूं। जाम की स्थिति तो यहां लगभग रहती ही है। इसका मुख्य कारण बाजार में आने वाले ऑटो-ई रिक्शा और निजी वाहन है। इसकी तरफ प्रशासन का कोई ध्यान नही है। त्योहारी सीजन पर विशेषकर ध्यान दिया जाना चाहिए। ताकि बाजार में किसी प्रकार से जाम की स्थिति से छुटकारा मिल सकें।
- लालु, रेहड़ी चालक।
घंटाघर चौक से सराय चौपटा तक लगभग दो सौ दुकानें हैं। इसमें से कुछ दुकानदार ही निर्धारित जगहों पर दुकान के सामान को लगा रहे है। कई बार इस बारे में समझाया जा चुका है लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों है। इस मार्केट में सीएम के दौरे के दौरान कुछ लाइटें लगाई गई थी। इससे अलग लाइटें, सीसीटीवी कैमरे, दो चौकीदार, दो सफाईकर्मी को व्यापार मंडल की तरफ से लगाया गया है। इनकी मरम्मत कार्यों को भी व्यापार मंडल की ओर से ही किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन को भी आमजन की सुरक्षा, सेवा में सहयोग करने के लिए आगे आना चाहिए।
-अतुल रोहिल्ला, घंटाघर मार्केट प्रधान।
तीन-चार दिन पहले ही बाजार में अतिक्रमण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया था। इस बारे में दुकानदारों को हिदायतें दी गई थीं। सुरक्षा के लिए लोकल पुलिस की ड्यूटी है। बाजारों में वाहनों की नो एंट्री है। नो पार्किंग जोन में वाहनों के चालान किए जाएंगे।
-सुनील कुमार, यातायात पुलिस प्रभारी, भिवानी।