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Bhiwani News: पोषण माह अभियान के तहत महिलाओं व बच्चों को बताया पौष्टिक आहार का महत्व
Sat, 21 Sep 2024 05:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 21 Sep 2024 05:29 AM IST
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भिवानी। गांव ढाणी रिवासा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से नेहरू युवा केंद्र के सहयोग से कुपोषण एवं संतुलित आहार पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 0-6 वर्ष तक के बच्चें, गर्भवती महिलाओं, किशोरियों को पोषण अभियान की जानकारी देने के साथ-साथ किशोरियों, महिलाओं व बच्चों को पौष्टिक खाद्य सामग्री व आयरन और कैल्शियम की गोलियां वितरित की गईं।
इस दौरान उपस्थित सभी लोगों से पोषण तथा अपनी जीवनशैली में सही खान पान अपनाने बारे भी अपील की। संतुलित आहार में प्रोटीन, विटामिन, खनिज और आवश्यक पोषक तत्वों की महत्ता के बारे में भी विस्तार से बताया गया। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर शोभावती कांटिया व नेहरू युवा केंद्र की स्वयं सेवक रानी मान ने कहा कि पौष्टिक खान-पान, पारंपरिक भोजन और मोटा अनाज जो स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होते है। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य कुपोषण की समस्या पर काबू पाना है और इस दौरान महिलाओं, किशोरियों व बच्चों को पौष्टिक आहार लेने बारे जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कई बार सही और उचित रूप से आहार न लेने के कारण कुपोषण की स्थिति बन जाती है, जिस कारण व्यवहार में भी बदलाव आ जाता है। ऐसे में कुपोषण से बचने के लिए पूर्ण एवं पौष्टिक रूप में आहार लेना चाहिए। महिलाएं अपने दैनिक खानपान के दौरान हरी व ताजा फल-सब्जियों को शामिल करें, ताकि पौष्टिक आहार से शरीर का निर्माण हो सके। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच करवानी चाहिए।
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इस दौरान उपस्थित सभी लोगों से पोषण तथा अपनी जीवनशैली में सही खान पान अपनाने बारे भी अपील की। संतुलित आहार में प्रोटीन, विटामिन, खनिज और आवश्यक पोषक तत्वों की महत्ता के बारे में भी विस्तार से बताया गया। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर शोभावती कांटिया व नेहरू युवा केंद्र की स्वयं सेवक रानी मान ने कहा कि पौष्टिक खान-पान, पारंपरिक भोजन और मोटा अनाज जो स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होते है। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य कुपोषण की समस्या पर काबू पाना है और इस दौरान महिलाओं, किशोरियों व बच्चों को पौष्टिक आहार लेने बारे जागरूक किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि कई बार सही और उचित रूप से आहार न लेने के कारण कुपोषण की स्थिति बन जाती है, जिस कारण व्यवहार में भी बदलाव आ जाता है। ऐसे में कुपोषण से बचने के लिए पूर्ण एवं पौष्टिक रूप में आहार लेना चाहिए। महिलाएं अपने दैनिक खानपान के दौरान हरी व ताजा फल-सब्जियों को शामिल करें, ताकि पौष्टिक आहार से शरीर का निर्माण हो सके। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच करवानी चाहिए।
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