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Bhiwani News: प्रसव के दौरान महिला की मौत, कोख में ही जुड़वां बच्चियों ने तोड़ा दम
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भिवानी। प्रसव के दौरान मंगलवार को 34 वर्षीय महिला की मौत हो गई जबकि उसकी कोख में ही जुड़वां बच्चियों ने भी दम तोड़ दिया। महिला को प्रसव पीड़ा होने पर पहले गांव बामला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। वहां से उसे एक निजी अस्पताल और फिर जिला नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में रेफर किया गया।
उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। खरक पुलिस चौकी की टीम ने चिकित्सकों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया। खरक पुलिस चौकी को दिए बयान में कलानौर (रोहतक) निवासी रामपाल ने बताया कि उसकी 34 वर्षीय बहन दर्शना की शादी वर्ष 2013 में गांव बामला निवासी राकेश के साथ हुई थी। राकेश गांव में ही मेहनत-मजदूरी करता है। दर्शना के पहले से तीन बच्चे हैं और वह फिर से गर्भवती थी। उसके सभी जरूरी टेस्ट हो चुके थे।
रामपाल के अनुसार सुबह करीब चार बजे दर्शना को प्रसव पीड़ा हुई। ससुराल वाले उसे बामला पीएचसी लेकर पहुंचे। प्रारंभिक जांच के बाद हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे रोहतक रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया गया।
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जिला नागरिक अस्पताल के लेबर रूम में प्रसव के दौरान दर्शना की मौत हो गई। उसके गर्भ में पल रहीं जुड़वां बच्चियों की भी सांसें थम गईं। खरक पुलिस चौकी की महिला जांच अधिकारी रेखा ने बताया कि प्रसव के दौरान महिला की मौत की सूचना मिलने पर शव का नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। मृतका के भाई रामपाल के बयान दर्ज कर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। खरक पुलिस चौकी की टीम ने चिकित्सकों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया। खरक पुलिस चौकी को दिए बयान में कलानौर (रोहतक) निवासी रामपाल ने बताया कि उसकी 34 वर्षीय बहन दर्शना की शादी वर्ष 2013 में गांव बामला निवासी राकेश के साथ हुई थी। राकेश गांव में ही मेहनत-मजदूरी करता है। दर्शना के पहले से तीन बच्चे हैं और वह फिर से गर्भवती थी। उसके सभी जरूरी टेस्ट हो चुके थे।
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रामपाल के अनुसार सुबह करीब चार बजे दर्शना को प्रसव पीड़ा हुई। ससुराल वाले उसे बामला पीएचसी लेकर पहुंचे। प्रारंभिक जांच के बाद हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे रोहतक रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया गया।
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जिला नागरिक अस्पताल के लेबर रूम में प्रसव के दौरान दर्शना की मौत हो गई। उसके गर्भ में पल रहीं जुड़वां बच्चियों की भी सांसें थम गईं। खरक पुलिस चौकी की महिला जांच अधिकारी रेखा ने बताया कि प्रसव के दौरान महिला की मौत की सूचना मिलने पर शव का नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। मृतका के भाई रामपाल के बयान दर्ज कर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।