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Bhiwani News: ग्रामीणों ने नम आंखों से दी सशस्त्र सीमा बल के जवान अनिल कुमार को अंतिम विदाई
Wed, 22 Oct 2025 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 22 Oct 2025 12:53 AM IST
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तोशाम के गांव खरकड़ी माखवान में अनिल कुमार सशस्त्र सीमा बल के जवान को अंतिम विदाई एडवोकेट हरिसि
तोशाम। क्षेत्र के गांव खरकड़ी माखवान निवासी 35 वर्षीय अनिल कुमार सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान का सोमवार को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े भाई राकेश पंघाल ने उन्हें मुखाग्नि दी। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया जबकि पुलिस की टुकड़ी ने गन झुकाकर सलामी दी।
अनिल कुमार की ड्यूटी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में थी। रविवार को ड्यूटी के दौरान पैर फिसलने से वे पहाड़ी से नीचे गिर पड़े जिससे सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई थी। हादसे की जानकारी मिलते ही सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों और जवानों ने पिथौरागढ़ में उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव लाया गया जहां ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
खरकड़ी माखवान के सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि अनिल तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो बड़े भाई खेतीबाड़ी करते हैं। पिता कृष्ण कुमार का करीब पांच साल पहले निधन हो गया था। अनिल कुमार 10 जुलाई 2012 को सशस्त्र सीमा बल में भर्ती हुए थे। दो साल पहले उनकी शादी हुई थी और पत्नी उनके साथ उत्तराखंड में ही रहती थीं। करीब दो महीने पहले अनिल छुट्टी पर पत्नी के साथ गांव आए थे और कुछ दिन रुकने के बाद ड्यूटी पर लौट गए थे। रविवार को उनके शहीद होने की सूचना गांव पहुंची तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
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सोमवार को जब शहीद अनिल का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। इस मौके पर एडवोकेट हरिसिंह सांगवान, नायब तहसीलदार अशोक कुमार, चेयरमैन प्रतिनिधि सोनू, वाइस चेयरमैन सुनील भारीवास, कमल प्रधान सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे। पिथौरागढ़ से एसएसबी 55वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर रोहित सिंह, गौरव चंद्रा, जीडी रमन कुमार, मंजीत, अजय सहित जवानों की टीम भी अंतिम संस्कार में शामिल हुई।
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अनिल कुमार की ड्यूटी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में थी। रविवार को ड्यूटी के दौरान पैर फिसलने से वे पहाड़ी से नीचे गिर पड़े जिससे सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई थी। हादसे की जानकारी मिलते ही सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों और जवानों ने पिथौरागढ़ में उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव लाया गया जहां ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
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खरकड़ी माखवान के सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि अनिल तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो बड़े भाई खेतीबाड़ी करते हैं। पिता कृष्ण कुमार का करीब पांच साल पहले निधन हो गया था। अनिल कुमार 10 जुलाई 2012 को सशस्त्र सीमा बल में भर्ती हुए थे। दो साल पहले उनकी शादी हुई थी और पत्नी उनके साथ उत्तराखंड में ही रहती थीं। करीब दो महीने पहले अनिल छुट्टी पर पत्नी के साथ गांव आए थे और कुछ दिन रुकने के बाद ड्यूटी पर लौट गए थे। रविवार को उनके शहीद होने की सूचना गांव पहुंची तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
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सोमवार को जब शहीद अनिल का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। इस मौके पर एडवोकेट हरिसिंह सांगवान, नायब तहसीलदार अशोक कुमार, चेयरमैन प्रतिनिधि सोनू, वाइस चेयरमैन सुनील भारीवास, कमल प्रधान सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे। पिथौरागढ़ से एसएसबी 55वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर रोहित सिंह, गौरव चंद्रा, जीडी रमन कुमार, मंजीत, अजय सहित जवानों की टीम भी अंतिम संस्कार में शामिल हुई।