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Bhiwani News: महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल बनीं विंग कमांडर व्योमिका सिंह
Fri, 09 May 2025 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 09 May 2025 11:05 PM IST
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विंग कमांडर व्योमिका सिंह।
भिवानी। म्हारी बहादुर बहू बरगी बेटी भगवान सबनै दे। बहू न दिख्या दिया कि म्हारी बहू-बेटियां की हिम्मत छौरयां तै कम ना सै। एक बात सै बस, म्हारा दिल मजबूत होणा चाहिए। पढ़ण लिखण आली छौरियां न भी मेहनत करकै व्योमिका की तरियां साहसी बणना पड़ैगा। यह कहना है कि पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाली भारतीय वायु सेना की शौर्य दास्तां को बयां करने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह की करीब 86 वर्षीय ताई सास रामदेई का।
व्योमिका सिंह गांव बापोड़ा की बहू है, उनके पति दिनेश सभ्रवाल भी विंग कमांडर हैं। रामदेई से जब उनके घर जाकर उनकी बहू व्योमिका सिंह के बारे में बात की गई तो उनके झुर्रियों से भरे चेहरे पर एकाएक खुशी और मुस्कान छा गई।
अपने भाव प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि उनको अपनी बहू पर गर्व है और बहुत खुशी महसूस हो रही है। भले ही आज वो हमसे दूर रह रही हों, लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा उन पर है। आज सारे देश का ध्यान उनकी बहू की तरफ गया है। रामदेई के साथ-साथ गांव बापोड़ा में उनके घर में मौजूद व्योमिका सिंह की ननद सुमन और पूनम ने अपनी भाभी पर गौरव महसूस किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपनी भाभी को टीवी पर बताते देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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उल्लेखनीय है कि सिंदूर ऑपरेशन के माध्यम से पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाली भारतीय सेना की शौर्य दास्तां को बयां करने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने देश-दुनिया का ध्यान एक बार फिर से फौजियों के गांव बापोड़ा की तरफ खींचा है। यह पूर्व थलसेना अध्यक्ष एवं मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह का गांव भी है।
गांव बापोड़ा की बहू व्योमिका सिंह महिला सशक्तीकरण की एक नई मिसाल बनी हैं। न केवल परिजनों को व्योमिका सिंह पर नाज है बल्कि गांव बापोड़ा के साथ-साथ पूरा जिला भिवानी गौरवान्वित महसूस कर रहा है। यहां हम बताते चलें कि जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम हिल स्टेशन पर 22 अप्रैल को आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों पर हमला किया गया था। आतंकियों के कायराना हमले में 26 पर्यटकों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
व्योमिका सिंह के परिजनों की खुशी का नहीं ठिकाना
गांव बापोड़ा के मूल निवासी जनरल वीके सिंह के सेनाध्यक्ष के रूप में पहुंचने पर गांव बापोड़ा को विशेष पहचान मिली थी। व्योमिका की बदौलत आज एक बार फिर से बापोड़ा का नाम लोगों की जुबां पर आया है। जहां एक तरफ गांव बापोड़ा में व्योमिका सिंह के परिजन प्रफुल्लित हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को अपनी बहू पर भी नाज है। विंग कमांडर व्योमिका सिंह के परिजन डॉ. अशोक, ईश्वर सिंह और एडवोकेट रामौतार सभ्रवाल ने बताया कि उनके पूरे गांव में देशभक्ति का जज्बा है। उनके परिवार से व्योमिका व उनके पति दिनेश के साथ-साथ करीब दस लोग सेना में सेवाएं दे चुके हैं। विंग कमांडर व्योमिका के देवर विकास सभ्रवाल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राजनीति विभाग विभाग के विभागाध्यक्ष हैं। परिवार से दीपक सभ्रवाल एचसीएस अधिकारी हैं।
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व्योमिका सिंह गांव बापोड़ा की बहू है, उनके पति दिनेश सभ्रवाल भी विंग कमांडर हैं। रामदेई से जब उनके घर जाकर उनकी बहू व्योमिका सिंह के बारे में बात की गई तो उनके झुर्रियों से भरे चेहरे पर एकाएक खुशी और मुस्कान छा गई।
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अपने भाव प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि उनको अपनी बहू पर गर्व है और बहुत खुशी महसूस हो रही है। भले ही आज वो हमसे दूर रह रही हों, लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा उन पर है। आज सारे देश का ध्यान उनकी बहू की तरफ गया है। रामदेई के साथ-साथ गांव बापोड़ा में उनके घर में मौजूद व्योमिका सिंह की ननद सुमन और पूनम ने अपनी भाभी पर गौरव महसूस किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपनी भाभी को टीवी पर बताते देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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उल्लेखनीय है कि सिंदूर ऑपरेशन के माध्यम से पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाली भारतीय सेना की शौर्य दास्तां को बयां करने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने देश-दुनिया का ध्यान एक बार फिर से फौजियों के गांव बापोड़ा की तरफ खींचा है। यह पूर्व थलसेना अध्यक्ष एवं मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह का गांव भी है।
गांव बापोड़ा की बहू व्योमिका सिंह महिला सशक्तीकरण की एक नई मिसाल बनी हैं। न केवल परिजनों को व्योमिका सिंह पर नाज है बल्कि गांव बापोड़ा के साथ-साथ पूरा जिला भिवानी गौरवान्वित महसूस कर रहा है। यहां हम बताते चलें कि जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम हिल स्टेशन पर 22 अप्रैल को आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों पर हमला किया गया था। आतंकियों के कायराना हमले में 26 पर्यटकों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
व्योमिका सिंह के परिजनों की खुशी का नहीं ठिकाना
गांव बापोड़ा के मूल निवासी जनरल वीके सिंह के सेनाध्यक्ष के रूप में पहुंचने पर गांव बापोड़ा को विशेष पहचान मिली थी। व्योमिका की बदौलत आज एक बार फिर से बापोड़ा का नाम लोगों की जुबां पर आया है। जहां एक तरफ गांव बापोड़ा में व्योमिका सिंह के परिजन प्रफुल्लित हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को अपनी बहू पर भी नाज है। विंग कमांडर व्योमिका सिंह के परिजन डॉ. अशोक, ईश्वर सिंह और एडवोकेट रामौतार सभ्रवाल ने बताया कि उनके पूरे गांव में देशभक्ति का जज्बा है। उनके परिवार से व्योमिका व उनके पति दिनेश के साथ-साथ करीब दस लोग सेना में सेवाएं दे चुके हैं। विंग कमांडर व्योमिका के देवर विकास सभ्रवाल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राजनीति विभाग विभाग के विभागाध्यक्ष हैं। परिवार से दीपक सभ्रवाल एचसीएस अधिकारी हैं।