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Bhiwani News: ये कैसा निर्माण...गीली मिट्टी पर डाली जा रही तारकोल की परत
Sun, 13 Jul 2025 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 13 Jul 2025 01:05 AM IST
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खस्ताहाल दिनोद रोड।
भिवानी। तोशाम बाईपास से गांव दिनोद तक बन रही सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एजेंसी ने रोडा डालने के बाद उस पर मिट्टी डाल दी और अब गीली मिट्टी पर ही तारकोल की परत बिछाई जा रही है। यह कार्य करीब सवा करोड़ रुपये के बजट से पांच किलोमीटर में किया जा रहा है, जिसमें से करीब साढ़े तीन किलोमीटर की सड़क तैयार भी कर दी गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में हुई बारिश के बावजूद एजेंसी ने मिट्टी पर ही तारकोल बिछा दिया जिससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि रोडा सेट करने के लिए मिट्टी डालना तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है, और तारकोल की परत मिट्टी की सफाई के बाद ही डाली जा रही है।
नियमों को दरकिनार कर रही निर्माण एजेंसी
जिला परिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों की विशेष मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी किया है। इस योजना के तहत तोशाम बाईपास से दिनोद गांव तक लगभग 5 किमी लंबी सड़क को फिर से तैयार किया जा रहा है। नियमों के अनुसार सड़क के निर्माण में मोटा रोडा बिछाने के बाद उस पर क्रशर डस्ट (नाला शेड) डालकर अच्छी तरह रोलिंग की जाती है ताकि वह वाहनों के दबाव में स्थिर रहे। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी ने क्रशर डस्ट के बजाय खेतों की मिट्टी डाल दी है और बिना पूरी रोलिंग किए उस पर तारकोल की लेयर डाल दी जा रही है। इससे सड़क टिकाऊ नहीं रह पाएगी और जल्द ही टूटने लगेगी।
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सड़क निर्माण के मानकों को ताक पर रखकर एजेंसी कर रही है काम : अनिल कुमार
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अनिल कुमार ने निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह काम पूरी तरह मानकों के खिलाफ हो रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में गीली मिट्टी पर तारकोल डालना तकनीकी रूप से गलत है। इससे सड़क जल्दी खराब हो जाएगी। न तो कोई निगरानी हो रही है, न ही गुणवत्ता की जांच की जा रही है।
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सड़क निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार ही किया जा रहा है। रोडा डालने के बाद उसे सेट करने के लिए मिट्टी डाली जाती है और बाद में उसे साफ कर तारकोल की लेयर बिछाई जाती है। इसमें कोई अनियमितता नहीं है, यह तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है। -विजय कुमार कार्यकारी अभियंता जिला परिषद भिवानी।
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ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में हुई बारिश के बावजूद एजेंसी ने मिट्टी पर ही तारकोल बिछा दिया जिससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि रोडा सेट करने के लिए मिट्टी डालना तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है, और तारकोल की परत मिट्टी की सफाई के बाद ही डाली जा रही है।
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नियमों को दरकिनार कर रही निर्माण एजेंसी
जिला परिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों की विशेष मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी किया है। इस योजना के तहत तोशाम बाईपास से दिनोद गांव तक लगभग 5 किमी लंबी सड़क को फिर से तैयार किया जा रहा है। नियमों के अनुसार सड़क के निर्माण में मोटा रोडा बिछाने के बाद उस पर क्रशर डस्ट (नाला शेड) डालकर अच्छी तरह रोलिंग की जाती है ताकि वह वाहनों के दबाव में स्थिर रहे। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी ने क्रशर डस्ट के बजाय खेतों की मिट्टी डाल दी है और बिना पूरी रोलिंग किए उस पर तारकोल की लेयर डाल दी जा रही है। इससे सड़क टिकाऊ नहीं रह पाएगी और जल्द ही टूटने लगेगी।
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सड़क निर्माण के मानकों को ताक पर रखकर एजेंसी कर रही है काम : अनिल कुमार
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अनिल कुमार ने निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह काम पूरी तरह मानकों के खिलाफ हो रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में गीली मिट्टी पर तारकोल डालना तकनीकी रूप से गलत है। इससे सड़क जल्दी खराब हो जाएगी। न तो कोई निगरानी हो रही है, न ही गुणवत्ता की जांच की जा रही है।
सड़क निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार ही किया जा रहा है। रोडा डालने के बाद उसे सेट करने के लिए मिट्टी डाली जाती है और बाद में उसे साफ कर तारकोल की लेयर बिछाई जाती है। इसमें कोई अनियमितता नहीं है, यह तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है। -विजय कुमार कार्यकारी अभियंता जिला परिषद भिवानी।