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Bhiwani News: सुंदर में 787, मित्ताथल में 404 और जूई फीडर में 663 क्यूसेक पानी का स्तर बना, टेल के टैंक भरने का प्रयास
Tue, 07 May 2024 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 07 May 2024 12:09 AM IST
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भिवानी। यमुना का जलस्तर कम होने के बावजूद सिंचाई विभाग भिवानी जिले में नहरी पानी की स्थिति को बेहतर करने में जुटा है। इसी का नतीजा है कि पांच मई तक शेड्यूल के बावजूद अब सात मई तक सुंदर ग्रुप को पानी मिला है। सोमवार को सुंदर में 787, मित्ताथल में 404 और जूई फीडर में 663 क्यूसेक पानी का स्तर बना रहा। इसकी वजह से टेल तक लगने वाले गांवों के जलघर टैंकों को भरने का प्रयास रहा।
सुंदर ग्रुप की नहरों में मंगलवार शाम तक अतिरिक्त नहरी पानी मिलेगा। आठ मई से बुटाना ग्रुप की नहरों में पानी आएगा। इसके बाद निगाना फीडर से भी शहरी दायरे के जलघर टैंक भरे जा सकेंगे। शहरी दायरे में जलघर टैंकों में पानी होने के बावजूद भी कई इलाके पेयजल संकट से घिरे हैं, इसकी वजह टेल तक पानी नहीं पहुंचना और अन्य तकनीकी खामियां भी हैं।
सुंदर ग्रुप की नहरों में 28 अप्रैल से नहरी पानी मिल रहा है। शुरुआत में काफी कम पानी ही नहर में पहुंचा, जिसकी वजह से पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को भी टैंकों को भरने के लिए पर्याप्त पानी की दरकार बनी।
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सिंचाई विभाग ने मुख्यालय से दो दिन अतिरिक्त पानी की मांग की। इस पर अब पांच के बजाय सात मई तक सुंदर, मित्ताथल और जूई फीडर नहरों में अतिरिक्त पानी मिलेगा। सोमवार को सुंदर, मिताथल और जूई फीडर में एक साथ 1854 क्यूसेक पानी चलाया गया। जिससे नहर भी पानी से लबालब चली। वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भी चौबीस घंटे के लिए मिले अतिरिक्त नहरी पानी का फायदा उठाते हुए जलघर के टैंकों को भरने में जुटे हैं। शहरी दायरे के जलघर टैंकों की स्थिति भी बेहतर हो गई है।
45 से 55 एमएलडी तक बढ़ गई शहरी दायरे में पानी की मांग, आपूर्ति में नहीं हुआ इजाफा
मई की गर्मी में अब लोगों का प्यास से कंठ सूखने लगा है। यही वजह है कि अब पानी की रोजाना 45 एमएलडी से 55 एमएलडी तक डिमांड बढ़ गई है, मगर आपूर्ति में कोई इजाफा नहीं हुआ है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने जोन वाइज शहरी दायरे में पानी की आपूर्ति का शेड्यूल बनाया हुआ है। इसके हिसाब से बड़े जोन में ढाई घंटे तो छोटे जोन में मात्र डेढ़ घंटे तक पानी आपूर्ति की व्यवस्था कराई गई है। इस लिहाज से प्रत्येक घर में पेयजल आपूर्ति के लिए सिर्फ आधा से पौना घंटे ही नल चलता है। इसके बाद पानी की आपूर्ति अगले दिन ही होती है। प्रत्येक जोन में केवल एक ही समय में पानी आपूर्ति दी जा रही है।
अवैध नल और स्वच्छ पानी की बर्बादी भी बढ़ा रही दिक्कत
शहरी दायरे में अवैध नल और स्वच्छ पानी की बर्बादी ने भी अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी अधिकारियों ने वार्ड स्तर पर खुला दरबार लगाकर लोगों की पानी और सीवर संबंधी समस्याएं जानीं और उनका समाधान भी कराया। इस बीच लोगों को स्वच्छ पानी की बर्बादी नहीं करने के प्रति भी जागरूक किया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। अब भी शहर में हजारों लीटर स्वच्छ पानी बर्बाद हो रहा है। वहीं लीकेज और अवैध नल भी पानी की बर्बादी में अहम भूमिका निभा रहे हैं। विभाग ने भी अवैध नलों पर नकेल पर सीमित कार्रवाई ही की है।
सुंदर ग्रुप में मंगलवार शाम तक पानी मिला है। इस बीच पूरे सिस्टम की नहरों में पानी दिया जा रहा है, ताकि टेल एंड तक लगने वाले गांवों के जलघरों में भी पानी की स्थिति को बेहतर किया जा सके। 28 अप्रैल से ही नहरें चल रही हैं, लेकिन शुरुआत में कम नहरी पानी ही मिला था, अब पेयजल जरूरतों के लिहाज से अतिरिक्त नहरी पानी मिलने से हालात नियंत्रण में आ जाएंगे।
- जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।
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सुंदर ग्रुप की नहरों में मंगलवार शाम तक अतिरिक्त नहरी पानी मिलेगा। आठ मई से बुटाना ग्रुप की नहरों में पानी आएगा। इसके बाद निगाना फीडर से भी शहरी दायरे के जलघर टैंक भरे जा सकेंगे। शहरी दायरे में जलघर टैंकों में पानी होने के बावजूद भी कई इलाके पेयजल संकट से घिरे हैं, इसकी वजह टेल तक पानी नहीं पहुंचना और अन्य तकनीकी खामियां भी हैं।
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सुंदर ग्रुप की नहरों में 28 अप्रैल से नहरी पानी मिल रहा है। शुरुआत में काफी कम पानी ही नहर में पहुंचा, जिसकी वजह से पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को भी टैंकों को भरने के लिए पर्याप्त पानी की दरकार बनी।
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सिंचाई विभाग ने मुख्यालय से दो दिन अतिरिक्त पानी की मांग की। इस पर अब पांच के बजाय सात मई तक सुंदर, मित्ताथल और जूई फीडर नहरों में अतिरिक्त पानी मिलेगा। सोमवार को सुंदर, मिताथल और जूई फीडर में एक साथ 1854 क्यूसेक पानी चलाया गया। जिससे नहर भी पानी से लबालब चली। वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भी चौबीस घंटे के लिए मिले अतिरिक्त नहरी पानी का फायदा उठाते हुए जलघर के टैंकों को भरने में जुटे हैं। शहरी दायरे के जलघर टैंकों की स्थिति भी बेहतर हो गई है।
45 से 55 एमएलडी तक बढ़ गई शहरी दायरे में पानी की मांग, आपूर्ति में नहीं हुआ इजाफा
मई की गर्मी में अब लोगों का प्यास से कंठ सूखने लगा है। यही वजह है कि अब पानी की रोजाना 45 एमएलडी से 55 एमएलडी तक डिमांड बढ़ गई है, मगर आपूर्ति में कोई इजाफा नहीं हुआ है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने जोन वाइज शहरी दायरे में पानी की आपूर्ति का शेड्यूल बनाया हुआ है। इसके हिसाब से बड़े जोन में ढाई घंटे तो छोटे जोन में मात्र डेढ़ घंटे तक पानी आपूर्ति की व्यवस्था कराई गई है। इस लिहाज से प्रत्येक घर में पेयजल आपूर्ति के लिए सिर्फ आधा से पौना घंटे ही नल चलता है। इसके बाद पानी की आपूर्ति अगले दिन ही होती है। प्रत्येक जोन में केवल एक ही समय में पानी आपूर्ति दी जा रही है।
अवैध नल और स्वच्छ पानी की बर्बादी भी बढ़ा रही दिक्कत
शहरी दायरे में अवैध नल और स्वच्छ पानी की बर्बादी ने भी अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी अधिकारियों ने वार्ड स्तर पर खुला दरबार लगाकर लोगों की पानी और सीवर संबंधी समस्याएं जानीं और उनका समाधान भी कराया। इस बीच लोगों को स्वच्छ पानी की बर्बादी नहीं करने के प्रति भी जागरूक किया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। अब भी शहर में हजारों लीटर स्वच्छ पानी बर्बाद हो रहा है। वहीं लीकेज और अवैध नल भी पानी की बर्बादी में अहम भूमिका निभा रहे हैं। विभाग ने भी अवैध नलों पर नकेल पर सीमित कार्रवाई ही की है।
सुंदर ग्रुप में मंगलवार शाम तक पानी मिला है। इस बीच पूरे सिस्टम की नहरों में पानी दिया जा रहा है, ताकि टेल एंड तक लगने वाले गांवों के जलघरों में भी पानी की स्थिति को बेहतर किया जा सके। 28 अप्रैल से ही नहरें चल रही हैं, लेकिन शुरुआत में कम नहरी पानी ही मिला था, अब पेयजल जरूरतों के लिहाज से अतिरिक्त नहरी पानी मिलने से हालात नियंत्रण में आ जाएंगे।
- जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।