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व्यर्थ पानी बहाया तो कटेगा पेयजल कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Apr 2017 12:38 AM IST
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टैंक में गंदा पानी।
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व्यर्थ पानी बहाया तो आपका कनेक्शन कट सकता है। माफीनामा लिखने के बाद ही दोबारा कनेक्शन मिलेगा। दोबारा भी पानी व्यर्थ बहाया तो सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में पेनल्टी लगेगी। इस बार अत्यधिक गर्मी और पेयजल समस्या को देखते हुए यह निर्णय लिया है। इसके अलावा सर्विस सेंटरों के कामर्शियल पेयजल कनेक्शन भी बंद करने की तैयारी हो गई है। मई में पेयजल संकट गहरा सकता है। गांवों में तो अभी से ही समस्या बन गई है। इसके लिए गांवों के सरपंचों को पत्र लिखकर ऑन डिमांड टैंकर की सुविधा शुरू की गई है।
अप्रैल माह में ही तापमान 45 डिग्री के आंकड़े को छू रहा है। रविवार को जहां पारा 45 डिग्री तापमान था तो सोमवार को 44 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। अप्रैल माह में ही पानी की मांग अचानक काफी बढ़ गई है। गर्मी को देखते हुए पहले जहां एक मई से पांच एमएलडी पानी बढ़ाने की योजना थी, वहीं अभी से पांच एमएलडी पानी की सप्लाई बढ़ा दी गई है। अब शहर में 70 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है।
गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट भी गहराने लगा है। शहर में अभी समस्या नहीं है लेकिन आसपास के गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। गर्मियों में पेयजल संकट समस्या न बने इसके लिए सोमवार को सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई।
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विभाग अधिकारियों ने अब योजना बनाई है कि पानी की बर्बादी और कामर्शियल प्रयोग रोका जाए। इसी कड़ी में वाटर सर्विसेज स्पॉटिंग एक्टिंग आर्गेनाइजेशन, ब्लॉक व डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन, जनस्वास्थ्य विभाग के जेई की टीम पेयजल सप्लाई के समय मॉनिटरिंग करेगी। मॉनिटरिंग के समय जहां भी पानी की बर्बादी मिली, वहीं उपभोक्ता का पेयजल कनेक्शन काट दिया जाएगा। माफीनामा लिखने के बाद ही कनेक्शन जोड़ा जाएगा। अगर दोबारा पानी व्यर्थ बहाया तो सरकारी कार्य में बाधा मानते हुए पेनल्टी लगाई जाएगी। पानी का कामर्शियल प्रयोग भी एडवांस में ही बंद किया जाएगा।
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जरूरत पर तुरंत पहुंचे टैंकर से पानी
गांवों में बने पेयजल संकट, ग्रामीणों के रोष प्रदर्शन, जलघरों को ताला जड़ने की शिकायतों के बाद गांवों के लिए ऑन डिमांड टैंकर सुविधा शुरू की गई है। सभी गांवों के सरपंचों को पत्र लिखा गया है। इसके तहत जरूरत पर तुरंत टैंकर से पानी पहुंचाया जाएगा।
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गर्मी में पेयजल संकट न गहराये इसके लिए प्लानिंग बनाई जा रही है। पानी बर्बादी रोकने के लिए टीमें बनाई गई है। फिलहाल गर्मी और लोगों की जरूरत को देखते हुए 70 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा है। गांवों के लिए ऑन डिमांड टैंकर सेवा शुरू की गई है।
संजीव त्यागी, एक्सईएन
जनस्वास्थ्य विभाग
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पेयजल संकट पर बिफरे ग्रामीण, जलघर को जड़ा ताला
भिवानी। पेयजल संकट से परेशान उमरावत गांव के ग्रामीण जलघर को ताला जड़ कर रोष जताया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक पेयजल नहीं दिया जाएगा तब तक ताला नहीं खोलेंगे। बाद में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के समझाने पर ग्रामीणों ने ताला खोला। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे।
पिछले करीब 15 दिन से पानी नहीं आने से परेशान उमरावत गांव के ग्रामीण सुबह एकत्रित हुए और जलघर को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने नारेबाजी कर रोष जताया और चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, वे नहीं हटेंगे और न ही ताला खोलेंगे। सूचना पर जनस्वास्थ्य विभाग का एक अधिकारी मौके पर पहुंचा और जल्द समाधान करने, अवैध कनेक्शन हटाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया।
ग्रामीण जयकिशन, मांगेराम, मनीराम, पुरूषोत्तम, रिसाला सिंह ने बताया कि गांव में पिछले लबे समय से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। 15-15 दिन तक पानी नहीं मिलता है। अधिकारियों को बार-बार सूचित करने पर भी आज तक पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं हुई है। ऐसे में टैंकर से पानी खरीदकर काम चलाना पड़ता है। पशुओं तक के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य पेयजल लाइन में अवैध कनेक्शनों की भरमार है। इस कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। ग्रामीणों ने मुख्य लाइन से अवैध कनेक्शन हटवाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार अवैध कनेक्शनों की शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जलघर को दोबारा ताला जड़ देंगे।
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अप्रैल माह में ही तापमान 45 डिग्री के आंकड़े को छू रहा है। रविवार को जहां पारा 45 डिग्री तापमान था तो सोमवार को 44 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। अप्रैल माह में ही पानी की मांग अचानक काफी बढ़ गई है। गर्मी को देखते हुए पहले जहां एक मई से पांच एमएलडी पानी बढ़ाने की योजना थी, वहीं अभी से पांच एमएलडी पानी की सप्लाई बढ़ा दी गई है। अब शहर में 70 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है।
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गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट भी गहराने लगा है। शहर में अभी समस्या नहीं है लेकिन आसपास के गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। गर्मियों में पेयजल संकट समस्या न बने इसके लिए सोमवार को सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई।
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विभाग अधिकारियों ने अब योजना बनाई है कि पानी की बर्बादी और कामर्शियल प्रयोग रोका जाए। इसी कड़ी में वाटर सर्विसेज स्पॉटिंग एक्टिंग आर्गेनाइजेशन, ब्लॉक व डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन, जनस्वास्थ्य विभाग के जेई की टीम पेयजल सप्लाई के समय मॉनिटरिंग करेगी। मॉनिटरिंग के समय जहां भी पानी की बर्बादी मिली, वहीं उपभोक्ता का पेयजल कनेक्शन काट दिया जाएगा। माफीनामा लिखने के बाद ही कनेक्शन जोड़ा जाएगा। अगर दोबारा पानी व्यर्थ बहाया तो सरकारी कार्य में बाधा मानते हुए पेनल्टी लगाई जाएगी। पानी का कामर्शियल प्रयोग भी एडवांस में ही बंद किया जाएगा।
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जरूरत पर तुरंत पहुंचे टैंकर से पानी
गांवों में बने पेयजल संकट, ग्रामीणों के रोष प्रदर्शन, जलघरों को ताला जड़ने की शिकायतों के बाद गांवों के लिए ऑन डिमांड टैंकर सुविधा शुरू की गई है। सभी गांवों के सरपंचों को पत्र लिखा गया है। इसके तहत जरूरत पर तुरंत टैंकर से पानी पहुंचाया जाएगा।
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गर्मी में पेयजल संकट न गहराये इसके लिए प्लानिंग बनाई जा रही है। पानी बर्बादी रोकने के लिए टीमें बनाई गई है। फिलहाल गर्मी और लोगों की जरूरत को देखते हुए 70 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा है। गांवों के लिए ऑन डिमांड टैंकर सेवा शुरू की गई है।
संजीव त्यागी, एक्सईएन
जनस्वास्थ्य विभाग
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पेयजल संकट पर बिफरे ग्रामीण, जलघर को जड़ा ताला
भिवानी। पेयजल संकट से परेशान उमरावत गांव के ग्रामीण जलघर को ताला जड़ कर रोष जताया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक पेयजल नहीं दिया जाएगा तब तक ताला नहीं खोलेंगे। बाद में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के समझाने पर ग्रामीणों ने ताला खोला। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे।
पिछले करीब 15 दिन से पानी नहीं आने से परेशान उमरावत गांव के ग्रामीण सुबह एकत्रित हुए और जलघर को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने नारेबाजी कर रोष जताया और चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, वे नहीं हटेंगे और न ही ताला खोलेंगे। सूचना पर जनस्वास्थ्य विभाग का एक अधिकारी मौके पर पहुंचा और जल्द समाधान करने, अवैध कनेक्शन हटाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया।
ग्रामीण जयकिशन, मांगेराम, मनीराम, पुरूषोत्तम, रिसाला सिंह ने बताया कि गांव में पिछले लबे समय से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। 15-15 दिन तक पानी नहीं मिलता है। अधिकारियों को बार-बार सूचित करने पर भी आज तक पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं हुई है। ऐसे में टैंकर से पानी खरीदकर काम चलाना पड़ता है। पशुओं तक के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य पेयजल लाइन में अवैध कनेक्शनों की भरमार है। इस कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। ग्रामीणों ने मुख्य लाइन से अवैध कनेक्शन हटवाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार अवैध कनेक्शनों की शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जलघर को दोबारा ताला जड़ देंगे।