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उपमुख्यमंत्री की गाड़ी के आगे अड़े प्रेमनगर के ग्रामीण, पुलिस ने हटाया तो हुई धक्कामुक्की
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गांव प्रेमनगर में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का विरोध कर रहे ग्रामीणों को उनके काफिले के आगे ?
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। प्रेम नगर में मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण वीरवार को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की गाड़ी के आगे अड़ गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाया। पुलिस व ग्रामीणों में धक्कामुक्की भी हुई। इस दौरान तनावपूर्ण माहौल बन। उपमुख्यमंत्री जब वापस जाने लगे तो ग्रामीणों ने खेतों के रास्ते सड़क पर भागकर उन्हें काले झंडे दिखाए।
इस दौरान पुलिस भी उन्हें रोकने के लिए दौड़ते और धकेलते हुए नजर आई। ग्रामीणों ने नारेबाजी भी की। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन पर उपमुख्यमंत्री से मिलवाने के नाम पर धोखा करने के भी आरोप लगाए।
मेडिकल कॉलेज निर्माण की घोषणा पहले प्रेमनगर गांव में हुई थी। मगर विशेषज्ञों की टीम ने दूरी ज्यादा बताते हुए मिल्क प्लांट की जगह को सही बताया, जहां अब मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है। जगह शिफ्ट किए जाने के विरोध में प्रेम नगर के ग्रामीण गांव में ही बने चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय के नए परिसर के सामने धरनारत हैं। विश्वविद्यालय में आयोजित हुई चार दिवसीय ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कुश्ती चैंपियनशिप के अंतिम दिन मुख्यातिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पहुंचे थे।
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उपमुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीण अचानक धरने से उठकर गाड़ी के आगे आ गए। पुलिस फोर्स ने ग्रामीणों को धकेलकर हटाया। इस दौरान धक्कामुक्की हुई। उपमुख्यमंत्री की गाड़ी भी रुकी और वह गाड़ी से बाहर भी आए। बाद में पुलिस ने सभी को हटाया तो उपमुख्यमंत्री यूनिवर्सिटी में गए। वापसी में भी ग्रामीणों ने विरोध और काले झंडे दिखाने की तैयारी कर ली तो पुलिस फोर्स ने उन्हें घेरकर उपमुख्यमंत्री की गाड़ी को निकलवाया। मगर कुछ ग्रामीण खेतों के रास्ते दौड़कर सड़क पर पहुंच गए और काले झंडे दिखाए। पुलिस अधिकारी, कर्मचारी भी दौड़े और ग्रामीणों को एक साइड किया। इस दौरान ग्रामीण नारेबाजी कर भी रोष जताते रहे। काफी समय तक यहां तनावपूर्ण माहौल रहा।
न ग्रामीण उपमुख्यमंत्री से मिलने आए और न ही उपमुख्यमंत्री धरने पर गए
ग्रामीण जब उपमुख्यमंत्री की गाड़ी के आगे अड़े तो गाड़ी रुकवाकर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला गाड़ी से बाहर आए। उन्होंने धरनारत ग्रामीणों को बातचीत के लिए बुलाया, मगर ग्रामीण धरने पर ही उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को बुलाना चाह रहे थे। करीब तीन से पांच मिनट इंतजार करने के बाद उपमुख्यमंत्री विश्वविद्यालय में चले गए।
ग्रामीणों को मनाते रहे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी
ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री की गाड़ी के आगे अड़ने का प्रयास किया तो पुलिस अधिकारियों की भी सांसें फूल गईं। उपमुख्यमंत्री तो विश्वविद्यालय में चले गए मगर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को मनाते रहे कि वे दोबारा गाड़ी के आगे न आएं। एएसपी हितेश स्वयं धरने पर पहुंचकर ग्रामीणों से गाड़ी के आगे नहीं आने के लिए अनुरोध करते नजर आए।
10 दिन में समाधान नहीं हुआ तो लेंगे कड़ा फैसला
धरनारत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने उनके साथ धोखा किया है। पहले उन्हें उपमुख्यमंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया था। साथ ही वापसी में भी कहा गया था कि धरने पर पांच ही लोग रहें, उपमुख्यमंत्री आएंगे। मगर सीधे ही निकाल दिया गया। वे लंबे समय से विभिन्न मांगों सीबीएलयू में नौकरियों एवं दाखिलों में आरक्षण के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए धरने पर हैं। ग्रामीणों ने एलान किया कि पिछले दिनों सांसद बृजेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. डीपी वत्स ने उनके किए वादे अनुसार 10 दिन का समय प्रशासन व सरकार को देते हुए कहा कि इसके बाद ग्रामीण कड़ा फैसला लेकर अपने अधिकारों की मांगों को मनवाने के लिए बड़ा फैसला लेंगे। सीबीएलयू को बंद करने तक का निर्णय लेंगे। धरने पर कैप्टन कलम सिंह, संदीप मल्हान, सुरेश फौजी, जयसिंह दूहन, राजेंद्र दूहन, राजकुमार दूहन, अशोक बूरा, महाबीर, बलबीर, सूबे सिंह, उदयभान, दिलबाग, मनोज, जॉनी, ईश्वर, जसविंद्र, मनीष नंबरदार, हरभज, राजकुमार दहिया, कुलदीप वाल्मीकि, नान्हू, अजय नाथ, रामपाल, अनूप मल्हान, प्राचार्य नंदकरण, अशोका, कृष्ण, जॉनी ठेकेदार, प्रवीण बूरा, राजेश बूरा, मनोज, नरेंद्र फौगाट, संजय फौगाट आदि उपस्थित रहे।
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इस दौरान पुलिस भी उन्हें रोकने के लिए दौड़ते और धकेलते हुए नजर आई। ग्रामीणों ने नारेबाजी भी की। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन पर उपमुख्यमंत्री से मिलवाने के नाम पर धोखा करने के भी आरोप लगाए।
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मेडिकल कॉलेज निर्माण की घोषणा पहले प्रेमनगर गांव में हुई थी। मगर विशेषज्ञों की टीम ने दूरी ज्यादा बताते हुए मिल्क प्लांट की जगह को सही बताया, जहां अब मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है। जगह शिफ्ट किए जाने के विरोध में प्रेम नगर के ग्रामीण गांव में ही बने चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय के नए परिसर के सामने धरनारत हैं। विश्वविद्यालय में आयोजित हुई चार दिवसीय ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कुश्ती चैंपियनशिप के अंतिम दिन मुख्यातिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पहुंचे थे।
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उपमुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीण अचानक धरने से उठकर गाड़ी के आगे आ गए। पुलिस फोर्स ने ग्रामीणों को धकेलकर हटाया। इस दौरान धक्कामुक्की हुई। उपमुख्यमंत्री की गाड़ी भी रुकी और वह गाड़ी से बाहर भी आए। बाद में पुलिस ने सभी को हटाया तो उपमुख्यमंत्री यूनिवर्सिटी में गए। वापसी में भी ग्रामीणों ने विरोध और काले झंडे दिखाने की तैयारी कर ली तो पुलिस फोर्स ने उन्हें घेरकर उपमुख्यमंत्री की गाड़ी को निकलवाया। मगर कुछ ग्रामीण खेतों के रास्ते दौड़कर सड़क पर पहुंच गए और काले झंडे दिखाए। पुलिस अधिकारी, कर्मचारी भी दौड़े और ग्रामीणों को एक साइड किया। इस दौरान ग्रामीण नारेबाजी कर भी रोष जताते रहे। काफी समय तक यहां तनावपूर्ण माहौल रहा।
न ग्रामीण उपमुख्यमंत्री से मिलने आए और न ही उपमुख्यमंत्री धरने पर गए
ग्रामीण जब उपमुख्यमंत्री की गाड़ी के आगे अड़े तो गाड़ी रुकवाकर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला गाड़ी से बाहर आए। उन्होंने धरनारत ग्रामीणों को बातचीत के लिए बुलाया, मगर ग्रामीण धरने पर ही उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को बुलाना चाह रहे थे। करीब तीन से पांच मिनट इंतजार करने के बाद उपमुख्यमंत्री विश्वविद्यालय में चले गए।
ग्रामीणों को मनाते रहे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी
ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री की गाड़ी के आगे अड़ने का प्रयास किया तो पुलिस अधिकारियों की भी सांसें फूल गईं। उपमुख्यमंत्री तो विश्वविद्यालय में चले गए मगर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को मनाते रहे कि वे दोबारा गाड़ी के आगे न आएं। एएसपी हितेश स्वयं धरने पर पहुंचकर ग्रामीणों से गाड़ी के आगे नहीं आने के लिए अनुरोध करते नजर आए।
10 दिन में समाधान नहीं हुआ तो लेंगे कड़ा फैसला
धरनारत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने उनके साथ धोखा किया है। पहले उन्हें उपमुख्यमंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया था। साथ ही वापसी में भी कहा गया था कि धरने पर पांच ही लोग रहें, उपमुख्यमंत्री आएंगे। मगर सीधे ही निकाल दिया गया। वे लंबे समय से विभिन्न मांगों सीबीएलयू में नौकरियों एवं दाखिलों में आरक्षण के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए धरने पर हैं। ग्रामीणों ने एलान किया कि पिछले दिनों सांसद बृजेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. डीपी वत्स ने उनके किए वादे अनुसार 10 दिन का समय प्रशासन व सरकार को देते हुए कहा कि इसके बाद ग्रामीण कड़ा फैसला लेकर अपने अधिकारों की मांगों को मनवाने के लिए बड़ा फैसला लेंगे। सीबीएलयू को बंद करने तक का निर्णय लेंगे। धरने पर कैप्टन कलम सिंह, संदीप मल्हान, सुरेश फौजी, जयसिंह दूहन, राजेंद्र दूहन, राजकुमार दूहन, अशोक बूरा, महाबीर, बलबीर, सूबे सिंह, उदयभान, दिलबाग, मनोज, जॉनी, ईश्वर, जसविंद्र, मनीष नंबरदार, हरभज, राजकुमार दहिया, कुलदीप वाल्मीकि, नान्हू, अजय नाथ, रामपाल, अनूप मल्हान, प्राचार्य नंदकरण, अशोका, कृष्ण, जॉनी ठेकेदार, प्रवीण बूरा, राजेश बूरा, मनोज, नरेंद्र फौगाट, संजय फौगाट आदि उपस्थित रहे।