फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Vice-Chancellor shares mantras for success with law students; emphasizes the importance of reasoning and decision-making skills.

Bhiwani News: विधि विद्यार्थियों को कुलगुरु ने दिए सफलता के मंत्र, कहा- तर्कशीलता और निर्णय क्षमता जरूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 01:23 AM IST
विज्ञापन
Vice-Chancellor shares mantras for success with law students; emphasizes the importance of reasoning and decision-making skills.
भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) के विधि विभाग में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए आयोजित दीक्षारंभ (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने विद्यार्थियों को सफल अधिवक्ता बनने के लिए तर्कशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता और कुशाग्र बुद्धि विकसित करने का आह्वान किया।
विज्ञापन

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में यूआईएलएस (पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़) से प्रो. भारत मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन विधि संकाय के डीन एवं अध्यक्ष डॉ. प्रमोद मलिक ने किया। कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने शेक्सपियर के प्रसिद्ध नाटक द मर्चेंट ऑफ वेनिस का उदाहरण देते हुए कहा कि विधि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है।
विज्ञापन

एक सफल अधिवक्ता के लिए स्किल, विट, तर्क क्षमता और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे विधि की पढ़ाई को केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम न मानें, बल्कि न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना के लिए कार्य करने का संकल्प लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य अतिथि प्रो. भारत ने विद्यार्थियों को कानून के क्षेत्र से जुड़े ऐतिहासिक उदाहरणों के माध्यम से प्रेरित किया। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे द्वारा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए मात्र एक रुपये की सांकेतिक फीस लेने का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून का पेशा केवल धन अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का महत्वपूर्ण जरिया है।

उन्होंने एडीएम जबलपुर मामले में जस्टिस एचआर खन्ना के ऐतिहासिक असहमति निर्णय का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को सत्य, न्याय और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रमोद मलिक ने भी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर विधि विभाग के विद्यार्थी एवं शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed