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Bhiwani News: पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को किया नमन
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नई पुलिस लाइन में पुलिस के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि उपरांत सलामी देते पुलिस अधीक्षक मयंक मिश
भिवानी। पुलिस स्मृति दिवस पर बुधवार को पुलिस लाइन स्थित शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने शहीद पुलिसकर्मियों के स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया और पुलिस टुकड़ी ने सलामी दी। उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
एसपी मयंक मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और शहीद परिवारों के सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि 21 अक्तूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में सीमा की निगरानी कर रहे पुलिस दल पर चीनी सैनिकों ने हमला किया था। इसमें सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हो गए थे। उनकी स्मृति में वर्ष 1960 से हर साल 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है।
यह दिवस देश और नागरिकों की सुरक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। एसपी ने शहीदों के नामों का स्मरण करते हुए उनके समर्पण को पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
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भिवानी के इन शहीदों ने दिया बलिदान
गांव दिनोद निवासी राव रणबीर सिंह लूट के आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस टीम पर हुई गोलीबारी का बहादुरी से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। गांव धनाना निवासी सिपाही राजेश कुमार 10 जनवरी 2004 को गुरुग्राम में बंदियों को अदालत में पेश करने जा रही पुलिस पार्टी के साथ तैनात थे। अदालत के पास बदमाशों की गोलीबारी का सामना करते हुए उन्होंने प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें पुलिस पदक से सम्मानित किया।
गांव मिताथल निवासी सिपाही सत्यवान 22 मई 1992 को कुरुक्षेत्र में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान आतंकवादी हमले में शहीद हो गए। गांव बड़सी निवासी ईएएसआई सुनील कुमार 27 अप्रैल 2026 को भिवानी से हांसी जा रही निजी बस में आग लगने के दौरान यात्रियों को बचाने के प्रयास में आग की चपेट में आकर शहीद हो गए। कार्यक्रम के बाद एसपी मयंक मिश्रा ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना और उन्हें सम्मानित किया।
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एसपी मयंक मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और शहीद परिवारों के सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि 21 अक्तूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में सीमा की निगरानी कर रहे पुलिस दल पर चीनी सैनिकों ने हमला किया था। इसमें सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हो गए थे। उनकी स्मृति में वर्ष 1960 से हर साल 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है।
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यह दिवस देश और नागरिकों की सुरक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। एसपी ने शहीदों के नामों का स्मरण करते हुए उनके समर्पण को पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
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भिवानी के इन शहीदों ने दिया बलिदान
गांव दिनोद निवासी राव रणबीर सिंह लूट के आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस टीम पर हुई गोलीबारी का बहादुरी से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। गांव धनाना निवासी सिपाही राजेश कुमार 10 जनवरी 2004 को गुरुग्राम में बंदियों को अदालत में पेश करने जा रही पुलिस पार्टी के साथ तैनात थे। अदालत के पास बदमाशों की गोलीबारी का सामना करते हुए उन्होंने प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें पुलिस पदक से सम्मानित किया।
गांव मिताथल निवासी सिपाही सत्यवान 22 मई 1992 को कुरुक्षेत्र में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान आतंकवादी हमले में शहीद हो गए। गांव बड़सी निवासी ईएएसआई सुनील कुमार 27 अप्रैल 2026 को भिवानी से हांसी जा रही निजी बस में आग लगने के दौरान यात्रियों को बचाने के प्रयास में आग की चपेट में आकर शहीद हो गए। कार्यक्रम के बाद एसपी मयंक मिश्रा ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना और उन्हें सम्मानित किया।