फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   To prove the income of the family, people are measuring the stairs of the administration

परिवार की आमदनी को साबित करने के लिए लोग नाप रहे प्रशासन की सीढ़ियां,

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
To prove the income of the family, people are measuring the stairs of the administration
सरल केंद्र में अपने कार्य करवाने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़। संवाद - फोटो : Bhiwani
संजय वर्मा
विज्ञापन

भिवानी। परिवार व खुद की आमदनी को साबित करने के लिए भी लोगों को जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के कार्यालयों की सीढ़ियां नापने पर मजबूर होना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय में फाइलों के ढेर लगे हैं, लेकिन एक भी आय प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है। इसकी वजह परिवार पहचान पत्र का डाटा अपडेट नहीं होना है। ऐसे लोगों के समाधान के लिए कमेटियां तक भी नहीं बनी है। इसकी वजह से ये लोग एक कार्यालय से निकल दूसरे कार्यालय में गर्मी में चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। तहसील कार्यालय में रोजाना 80 से 90 आवेदन आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आ रहे हैं। रोजाना ही नई फाइलों की वजह से तहसील कार्यालय में ढेर बढ़ रहा है, जबकि फाइलों में एक भी आवेदन पर प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं।
पिछले तीन सालों से जिला प्रशासन में करीब तीन लाख से अधिक परिवारों की पहचान कराने में जुटा है। परिवारों की यूनिक आईडी भी बन चुकी है और प्रत्येक सदस्य की आमदनी का खाका भी इसमें तैयार हो चुका है। अब इसकी वेरिफिकेशन का काम चल रहा है। इसी बीच जिन लोगों को अपने बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिलों के लिए आय प्रमाण पत्र की जरूरत हैं, वे अभिभावक खुद की आय को साबित करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, क्योंकि परिवार पहचान पत्र में दर्शायी गई आमदनी और पटवारी से तस्दीक आय में मिलान नहीं हो रहा है। ऐसे आवेदनों पर आय प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहा है। ऑनलाइन सिस्टम ऐसे आय प्रमाण पत्रों में मिस मैच का लाल रंग से संदेश भी दर्शाया जा रहा है। इसका मतलब आय मिलान नहीं होने की सूरत में ये प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता है। संवाद
विज्ञापन

आरटीई में मुफ्त दाखिला, आय प्रमाण पत्र की होड़
हरियाणा स्कूली निदेशालय ने निजी स्कूलों में राइट टू एजुकेशन यानी आरटीई के तहत प्री प्राइमरी कक्षाओं में गरीब बच्चों के मुफ्त दाखिला की प्रक्रिया चल रही है। इसमें शामिल होने के लिए अभिभावक आय प्रमाण पत्र भी बनवा रहे हैं, मगर परिवार पहचान पत्र की तकनीकी खामी का खामियाजा इन अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। समाधान भी कोई नहीं सूझा रहा है, क्योंकि अभी तक जिला मुख्यालय स्तर पर ऐसी कोई कमेटियां तक नहीं बनी हैं, जो ऐसे मामलों की सीधी सुनवाई कर उनका तुरंत समाधान करा दे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरल में भी आसान नहीं हैं लोगों के काम
एक ही छत के नीचे जाति, रिहायशी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र बनवाने के सुविधा दी गई है। ये सभी काम सरल केंद्र में ऑनलाइन किए जा रहे हैं, मगर सरल में लोगों के आसानी से काम नहीं बन रहे हैं, क्योंकि ऑनलाइन डॉटा अपडेट नहीं होना ऐसे कार्यों में रुकावट बन रहा है। अब लोगों के काम रुकने पर उन पर मानसिक दबाव भी बढ़ गया है।
घर बैठे कर दिया सर्वे, मनमर्जी से दी सर्वेक्षण की रिपोर्ट
जिन लोगों से जिला प्रशासन ने परिवार पहचान पत्र में सर्वे कराया था, उन लोगों ने घर बैठे ही फोन पर बेसिक जानकारी लेकर मनमर्जी से सर्वेक्षण रिपोर्ट दे दी। अब उसी रिपोर्ट से असल डाटा का मिलान नहीं हो रहा है। हमारी परेशानी ये है कि हम अपनी असल आमदनी बता रहे हैं तो भी हमारे काम नहीं बन रहे हैं। बेवजह एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय चक्कर काट रहे हैं। - सुरेंद्र कुमार, शिक्षा मार्ग क्षेत्रवासी
मुझे अपने बच्चे का दाखिला कराना था, आय प्रमाण पत्र के लिए सरल पर ऑनलाइन आवेदन करा दिया। मुझे बताया गया है कि मेरा आय प्रमाण पत्र नहीं बनेगा, क्योंकि मेरी आय फैमिली आईडी व सर्वे रिपोर्ट में अलग अलग दर्शायी है। मैं पिछले एक सप्ताह से यहां चक्कर लगा रहा हूं, कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। -पवन कुमार, ऑटो मार्केट क्षेत्रवासी।

परिवार पहचान पत्र में पूरे परिवार की आय दर्ज होती है। तहसील कार्यालय में सिर्फ आय प्रमाण पत्र लेने के लिए आवेदन जमा कराए जा रहे हैं, अगर रिकार्ड पूरा और दुरुस्त है तो फिर आय प्रमाण पत्र जारी हो जाएगा। - रवींद्र सिंह, तहसीलदार, तहसील कार्यालय भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed