तैयारी : कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपलब्ध करवाई जा रही ऑक्सीजन
कोरोना वायरस की आशंकित तीसरी लहर को लेकर जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज के लिए अभी से ही व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अब तक ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों में सबसे बेहतर इंतजाम किया गया है। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में भी ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई जा रही है।
विस्तार
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों के इलाज के लिए बेहतर इंतजाम किया गया है। कोरोना वायरस की आशंकित तीसरी लहर को लेकर जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज के लिए अभी से ही व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अब तक ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों में सबसे बेहतर इंतजाम किया गया है।
कोरोना वायरस के मरीजों को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। कारण, कोरोना वायरस के कारण मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है और ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है। ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों की मौत भी हो जाती है। इस परेशानी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सबसे ज्यादा फोकस ऑक्सीजन पर ही कर रहा है। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेंट्रल पाइप लाइन के बेड तैयार किए गए हैं, जहां पर मरीजों को भर्ती कर एक साथ में सभी बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई की जा सकती है। इस व्यवस्था में हर बेड पर ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत नहीं पड़ती है। एक ही स्थान पर ऑक्सीजन सिलिंडर रखने के बाद वहां से सभी बेड ऑक्सीजन की सप्लाई होने लगेगी।
जिले में 222 बेड पर होगी सेंट्रल पाइप लाइन
स्वास्थ्य विभाग नए प्रोजेक्ट के तहत जिले की प्रत्येक सीएचसी पर सेंट्रल पाइप लाइन लगाएगा। इसके तहत नागरिक अस्पताल को छोड़कर पूरे जिले में 222 बेड पर सेंट्रल पाइप लाइन से ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। इसके साथ ही एसडीएच तोशाम और एसडीएच सिवानी में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन दोनों प्लांट में 350 लीटर प्रति मिनट की ऑक्सीजन सप्लाई होगी।
दूसरी लहर में हुई थी ऑक्सीजन की कमी
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जिले में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। इसकी वजह से कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को मजबूरी में पीजीआईएमएस रोहतक और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जा रहा था। दूसरी लहर में मांग से आधी ऑक्सीजन सप्लाई हो रही थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने दूसरी लहर से सबक लेकर ऑक्सीजन की पूर्ति पर पहले ही व्यवस्था कर रहा है। ताकि तीसरी लहर में ऑक्सीजन की वजह से किसी मरीज को परेशानी न हो।
पीएचसी पर लगवाए ऑक्सीजन कन्संट्रेटर
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) पर ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन कन्संट्रेटर की व्यवस्था की है। इसके लिए प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लिया है। जिले के 22 पीएचसी पर पहले से ही कन्संट्रेटर पहुंचा दिए हैं। साथ ही इन पीएचसी में अलग से कोविड बेड तैयार करवाए गए हैं।
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की बेड अनुसार जानकारी
| केंद्र | संख्या |
| तोशाम | 50 |
| मीरान | 07 |
| धनाना | 06 |
| जमालपुर | 50 |
| कैरू |
13 |
| लोहारू | 14 |
| मानेहरू | 10 |
| बवानीखेड़ा | 22 |
| सिवानी | 50 |
कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके तहत ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र प्रत्येक सीएचसी पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए सेंट्रल पाइप लाइन लगवाई जाएगी। साथ ही एसडीएच तोशाम और सिवानी में ऑक्सीन प्लांट लगाए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन।