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Bhiwani News: महाशिवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र का संयोग बनेगा, बुध-शनि और सूर्य तीनों कुंभ राशि में विराजमान होंगे
Tue, 18 Feb 2025 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 18 Feb 2025 12:13 AM IST
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तोशाम। महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी को मनाया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इस दिन शाम 5:22 शाम तक बजे श्रवण नक्षत्र प्रभावी रहेगा। इस दिन बुध, शनि और सूर्य तीनों कुंभ राशि में विराजमान होंगे।
ऐसे में बुधादित्य योग और त्रिग्रही योग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवसर पर रात्रि में चार प्रहर की पूजा करने से शिव कृपा प्राप्त होती है। इन सभी तिथियों पर विशेष पूजा-अर्चना, वृत और दान करने से कई गुणा फल प्राप्त होगा।
पंडित श्रीकांत शास्त्री के अनुसार प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा से कष्टों का निवारण होता है। 11 फरवरी को बुध ने स्थान बदलते हुए मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश किया। इसकी वजह से कुंभ राशि में बुध व शनि का योग बना है। इससे व्यापार में वृद्धि होगी और नए आविष्कार सामने आएंगे।
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12 फरवरी की रात 9:54 बजे सूर्य देव भी मकर राशि से कुंभ राशि में आ गए। इस बजह से कुंभ राशि में त्रिगृह योग बना है। ये 27 फरवरी तक रहेगा। 27 फरवरी रात 11:47 बजे बुध ग्रह राशि बदलकर मीन में चले जाएंगे। 28 फरवरी से 14 मार्च तक त्रिग्रही योग का निर्माण मीन राशि में होगा, जो बुध, शुक्र व राहु से बनेगा।
फाल्गुन माह माह में वर्जित होते हैं ये काम
पंडित श्रीकांत शास्त्री के अनुसार फाल्गुन महीने के दौरान तामसिक चीजों (शराब, मांस, लहसुन और प्याज आदि) का सेवन न करें। साथ ही इस माह के दौरान किसी भी व्यक्ति विशेष को नुकसान पहुंचाने के बारे में ना सोचें।
24 फरवरी को भी शुभ तिथि, विजया एकादशी मनाएंगे
फरवरी माह में कई शुभ तिथियां आ रही हैं। इनमें व्रत, पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। 24 फरवरी को विजया एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन सिद्धि योग रहेगा, जिससे पाप और संताप से मुक्ति मिलेगी।
फाल्गुन में दान पुण्य से आती है समृद्धि
सनातन धर्म में फाल्गुन माह का विशेष महत्व है। इस माह में महाशिवरात्रि व होली जैसे बड़े व्रत व त्योहार आते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार साल का आखिरी महीना फाल्गुन होता है। 13 फरवरी से फाल्गुन की शुरुआत हो चुकी है। पंडित श्रीकांत शास्त्री के मुताबिक यह माह भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है। इस माह में किए किए कुछ उपाय व्यक्ति के जीवन से परेशानियां खत्म कर सकते हैं। पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हुआ है और 14 मार्च शुक्रवार को शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर समाप्त होता। फाल्गुन माह में भी दान करने से समृद्धि आती है।
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ऐसे में बुधादित्य योग और त्रिग्रही योग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवसर पर रात्रि में चार प्रहर की पूजा करने से शिव कृपा प्राप्त होती है। इन सभी तिथियों पर विशेष पूजा-अर्चना, वृत और दान करने से कई गुणा फल प्राप्त होगा।
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पंडित श्रीकांत शास्त्री के अनुसार प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा से कष्टों का निवारण होता है। 11 फरवरी को बुध ने स्थान बदलते हुए मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश किया। इसकी वजह से कुंभ राशि में बुध व शनि का योग बना है। इससे व्यापार में वृद्धि होगी और नए आविष्कार सामने आएंगे।
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12 फरवरी की रात 9:54 बजे सूर्य देव भी मकर राशि से कुंभ राशि में आ गए। इस बजह से कुंभ राशि में त्रिगृह योग बना है। ये 27 फरवरी तक रहेगा। 27 फरवरी रात 11:47 बजे बुध ग्रह राशि बदलकर मीन में चले जाएंगे। 28 फरवरी से 14 मार्च तक त्रिग्रही योग का निर्माण मीन राशि में होगा, जो बुध, शुक्र व राहु से बनेगा।
फाल्गुन माह माह में वर्जित होते हैं ये काम
पंडित श्रीकांत शास्त्री के अनुसार फाल्गुन महीने के दौरान तामसिक चीजों (शराब, मांस, लहसुन और प्याज आदि) का सेवन न करें। साथ ही इस माह के दौरान किसी भी व्यक्ति विशेष को नुकसान पहुंचाने के बारे में ना सोचें।
24 फरवरी को भी शुभ तिथि, विजया एकादशी मनाएंगे
फरवरी माह में कई शुभ तिथियां आ रही हैं। इनमें व्रत, पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। 24 फरवरी को विजया एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन सिद्धि योग रहेगा, जिससे पाप और संताप से मुक्ति मिलेगी।
फाल्गुन में दान पुण्य से आती है समृद्धि
सनातन धर्म में फाल्गुन माह का विशेष महत्व है। इस माह में महाशिवरात्रि व होली जैसे बड़े व्रत व त्योहार आते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार साल का आखिरी महीना फाल्गुन होता है। 13 फरवरी से फाल्गुन की शुरुआत हो चुकी है। पंडित श्रीकांत शास्त्री के मुताबिक यह माह भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है। इस माह में किए किए कुछ उपाय व्यक्ति के जीवन से परेशानियां खत्म कर सकते हैं। पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हुआ है और 14 मार्च शुक्रवार को शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर समाप्त होता। फाल्गुन माह में भी दान करने से समृद्धि आती है।