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Bhiwani News: बवानीखेड़ा में खाद की किल्लत, किसान बोले- समय पर बिजाई नहीं न होने से प्रभावित होगी फसल

Tue, 24 Jun 2025 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 24 Jun 2025 12:42 AM IST
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There is a shortage of fertilizers in Bawanikheda, farmers said that the crop will be affected due to not sowing on time
बवानीखेड़ा में खाद के लिए लगी किसानों की भीड़। 
बवानीखेड़ा। कस्बे में किसानों के लिए डीएपी खाद की किल्लत एक बड़ी समस्या बन चुकी है। अनाज मंडी में स्थित दी बवानीखेड़ा कोऑपरेटिव मार्केटिंग कम प्रोसेसिंग समिति द्वारा किसानों को उन्नत किस्म की खाद उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें डीएपी, यूरिया और एनपीके शामिल हैं। लेकिन खाद की कमी के कारण किसान समय पर बिजाई नहीं कर पा रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि खाद समय पर नहीं मिलने से उनकी फसलों पर असर पड़ेगा। उनकी चिंता है कि अगर समय पर खाद नहीं दी जाती है तो उनकी फसलें गुणवत्तापूर्ण नहीं होंगी। सोमवार सुबह क्षेत्र के किसानों को डीएपी खाद आने की सूचना मिली, जिसके बाद सैकड़ों किसान, महिलाएं और बच्चे अनाज मंडी में पहुंचे और खाद लेने के लिए इंतजार करने लगे।
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किसानों ने बताया कि लगभग एक महीने बाद खाद की दो गाड़ियां आई हैं, जबकि क्षेत्र में हजारों एकड़ में कपास और धान की बिजाई की तैयारी चल रही है। किसानों का कहना है कि समय पर खाद न मिलने से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बावजूद खाद, उर्वरक और दवाइयां समय पर नहीं मिलतीं, जिससे हमेशा उनका नुकसान होता है। किसानों का डर यह भी है कि खाद की कीमतें बढ़ सकती हैं, जो फिलहाल 1350 रुपये प्रति बैग हैं।
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नहीं है खाद की किल्लत, किसानों को मिलेगा पूरा स्टॉक
एजीएम शैलीन कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे दो गाड़ियां डीएपी की आई थीं, जिनमें लगभग 760 बैग थे। इन बैगों को किसानों को उनके आधार कार्ड के आधार पर पांच बैग प्रत्येक को वितरित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास डीएपी की कोई कमी नहीं है। शैलीन कुमार ने बताया कि यूरिया और एनपीके की भी कोई कमी नहीं है और इनका पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने किसानों को यह जानकारी भी दी कि एनपीके डीएपी से अधिक शक्तिशाली होता है, क्योंकि इसमें उन्नत किस्म की 20% मात्रा होती है, जबकि डीएपी में यह मात्रा 18% होती है। एजीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि उन्हें किसी प्रकार की खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी और सभी आवश्यक खाद समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।
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