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Bhiwani News: बीरण गांव में 20 दिन से पेयजल संकट, ग्रामीणों ने उपायुक्त से लगाई समाधान की गुहार
Wed, 16 Jul 2025 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 16 Jul 2025 11:44 PM IST
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पेयजल के लिए उपायुक्त से मिलने जाते गांव बीरण के निवासी।
भिवानी। गांव बीरण में बीते लगभग 20 दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। जलघर में टैंक भरे होने और नहरें चालू रहने के बावजूद गांव को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। इससे परेशान ग्रामीण बुधवार को सरपंच सुल्तान सिंह की अगुवाई में उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और उपायुक्त साहिल गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की गुहार लगाई।
सरपंच सुल्तान सिंह और पंच ओमप्रकाश ने बताया कि गांव में लगातार गंभीर जल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए टैंकरों, कुओं और अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिनमें से अधिकांश स्रोत पीने योग्य नहीं हैं। इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर पशुपालकों और दुग्ध व्यवसाय से जुड़े परिवारों पर पड़ रहा है, क्योंकि पानी की कमी के कारण दूध फट रहा है और ग्रामीणों को रोजाना आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जलघर के टैंक भरे होने और नहरों में पानी होने के बावजूद बीरण गांव को सप्लाई नहीं मिल रही। उन्होंने बताया कि कई बार जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जेई, एसडीओ, एक्सईएन सहित अन्य अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन किसी ने समस्या का समाधान नहीं किया। विभाग के अधिकारी न तो गांव में आकर हालात का जायजा लेते हैं और न ही वैकल्पिक व्यवस्था करते हैं।
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इस मौके पर पंच सतपाल, रामनिवास, नवीन, अनिल कुमार, इंद्र, ज्योति सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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सरपंच सुल्तान सिंह और पंच ओमप्रकाश ने बताया कि गांव में लगातार गंभीर जल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए टैंकरों, कुओं और अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिनमें से अधिकांश स्रोत पीने योग्य नहीं हैं। इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर पशुपालकों और दुग्ध व्यवसाय से जुड़े परिवारों पर पड़ रहा है, क्योंकि पानी की कमी के कारण दूध फट रहा है और ग्रामीणों को रोजाना आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि जलघर के टैंक भरे होने और नहरों में पानी होने के बावजूद बीरण गांव को सप्लाई नहीं मिल रही। उन्होंने बताया कि कई बार जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जेई, एसडीओ, एक्सईएन सहित अन्य अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन किसी ने समस्या का समाधान नहीं किया। विभाग के अधिकारी न तो गांव में आकर हालात का जायजा लेते हैं और न ही वैकल्पिक व्यवस्था करते हैं।
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इस मौके पर पंच सतपाल, रामनिवास, नवीन, अनिल कुमार, इंद्र, ज्योति सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।