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अभियान: सुरक्षित नहीं बच्चों का घर से स्कूल तक का सफर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 May 2022 12:30 AM IST
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The thieves broke the locks of the rooms made in the plot, took away the goods, case registered
भिवानी। महज थोड़े से रुपये बचाने के चक्कर में अभिभावक अपने बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। इन बच्चों का घर से स्कूल और स्कूल से घर तक का सफर सुरक्षित नहीं है। शहर की सड़कों पर दो या चार बच्चों से नहीं, बल्कि 15 से 20 बच्चों से खचाखच भरे ऑटो दौड़ रहे हैं। हालांकि नियमों के अनुसार तो ऑटो में सिर्फ तीन सवारी बैठाने की अनुमति है। मगर, शहर में छह से आठ सवारी तो ऑटो में रहती ही है। वहीं, स्कूली बच्चों की बात करें तो ऑटों में 15 से 20 बच्चे बैठाएं जा रहे हैं। इनका न तो कोई चालान करने वाला है और न ही कोई फटकार लगाने वाला। वहीं, अभिभावक भी महज थोड़े से रुपये बचाने के चक्कर में अपने बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे है।
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ये बोले अभिभावक:
वहीं, अभिभावक मनोज, राकेश, विजय, सोनू, नरेश सांगवान और संदीप का कहना है कि उनके बच्चे शहर के निजी स्कूलों में पढ़ते है। स्कूल बस का किराया ऑटो के किराये की तुलना में अधिक है। इसलिए वे अपने बच्चों को ऑटो में भेजते हैं। अगर, स्कूल प्रशासन बस का किराया कम कर दे तो वे भी अपने बच्चों को बस में ही भेजेंगे। वहीं, शहर में कई अभिभावकों की रिहायश भीड़-भाड़ वाली गलियों में जहां पर बस नहीं पहुंच पाती, इसलिए ऑटो में बच्चे भेजना मजबूरी है।
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स्कूल संचालकों ने बंद की आंखें, पुलिस भी चुप
बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरकर ऑटो के जाने के मामले में स्कूल संचालकों ने भी अपनी आंखें बंद की हुई है। वे न तो ऑटो चालक को कुछ कहते हैं और न ही अपने स्तर पर कोई अन्य व्यवस्था अमल में ला रहे। वहीं, सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो पर ट्रैफिक पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिसकी वजह से उन्हें हौसला मिल रहा है। अगर पुलिस इनके चालान करें तो संभवत: ही व्यवस्था में बदलाव आएं और स्कूली बच्चों का घर से स्कूल तक का सफर सुरक्षित हो सकें।
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वर्जन
हमने अभियान चलाकर जांच की थी और ऑटो चालकों को नियमानुसार ही बच्चों को ऑटो में बैठाने के निर्देश दिए थे। सभी कर्मचारियों को जांच के निर्देश है और जहां भी निर्धारित सीट से ज्यादा बच्चे ऑटो में मिले, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इंस्पेक्टर श्रीभगवान, एसएचओ
ट्रैफिक थाना पुलिस
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