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Bhiwani News: सफाईकर्मियों की हड़ताल से बिगड़ सकता है स्वच्छ सर्वेक्षण का गणित
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शहर में घंटाघर के समीप सड़क किनारे फैला कूड़ा।
भिवानी। नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की पिछले सात दिनों से जारी हड़ताल के कारण शहर की स्वच्छ रैंकिंग प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के तहत 12,500 अंकों में से 4000 अंक सीधे सफाई व्यवस्था से जुड़े हैं ऐसे में शहर में फैले कूड़े के ढेर सर्वेक्षण के गणित को बिगाड़ सकते हैं। निकाय विभाग द्वारा जारी टूलकिट के अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण का कार्य फिलहाल जारी है और केंद्रीय मंत्रालय की टीम कभी भी निरीक्षण के लिए आ सकती है। ऐसे में सात दिनों से सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं। पिछले वर्ष भिवानी की रैंकिंग देशभर में 258वें और प्रदेश में 29वें स्थान पर रही थी।
दरअसल, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते पूरे शहर में सफाई व्यवस्था, सीवर रखरखाव और कार्यालय कार्य पूरी तरह प्रभावित हैं। कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं और सरकार पर वादा खिलाफी व कर्मचारी विरोधी नीतियों के आरोप लगा रहे हैं। निकाय विभाग की टूलकिट में कुल 12,500 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें दृश्य स्वच्छता के अधिकतम 1500 अंक हैं जिनमें शहर की साफ-सफाई और कचरा मुक्त गलियों का आकलन किया जाएगा।
कचरा कलेक्शन के 1000 अंक निर्धारित हैं जिसमें डोर-टू-डोर कचरा उठान और गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण की प्रक्रिया को देखा जाएगा। इसके अलावा कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए 1500 अंक तय किए गए हैं। यदि हड़ताल जारी रही और इसी दौरान सर्वेक्षण टीम पहुंची तो रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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सफाई न होने के कारण शहर में यहां लगे कूड़े के ढेर
शुक्रवार को भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहे। बिचला बाजार, जैन चौक, सर्राफ बाजार, घंटाघर बाजार, सराय चौपटा, दिनोद गेट, हांसी गेट, पटेल नगर, कृष्णा कॉलोनी, रोहतक गेट सब्जी मंडी, दादरी गेट सहित शहर की अधिकांश कॉलोनियों में कूड़ा जमा रहा जहां बेसहारा पशु कूड़े में मुंह मारते नजर आए। पिछले सात दिनों में शहर में करीब 750 टन ठोस कचरा जमा हो चुका है।
नगर परिषद गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना जारी
रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम दानव ने आरोप लगाया कि वर्ष 1997 से 2026 तक सफाई और सीवर कर्मचारियों की कोई नई पक्की भर्ती नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ठेका प्रथा समाप्त करने के बजाय हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कर्मचारियों को ठगा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 40 वर्षों में आबादी और क्षेत्रफल कई गुना बढ़ा लेकिन नए पद सृजित नहीं किए गए। उनकी प्रमुख मांगों में दैनिक वेतन भोगी और अनुबंधित कर्मचारियों को दो वर्ष की नीति बनाकर पक्का करना, सफाई, सीवर व फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को 5000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता देना, कच्चे कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति व ग्रेच्युटी देना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, आठ अप्रैल से हड़ताल पर चल रहे अग्निशमन कर्मियों का समर्थन और शहीद कर्मचारियों रणवीर व भवीचंद के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता देना शामिल है।
नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए लगातार सरकार से बातचीत चल रही है। हड़ताल के दौरान शहरवासियों से भी खुले में कूड़ा नहीं डालने की अपील की जा रही है। वहीं मुख्य जगहों पर कूड़ा उठान का प्रबंध भी कराया गया है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की हम सबकी जिम्मेदारी है। -राजाराम, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद भिवानी।
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दरअसल, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते पूरे शहर में सफाई व्यवस्था, सीवर रखरखाव और कार्यालय कार्य पूरी तरह प्रभावित हैं। कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं और सरकार पर वादा खिलाफी व कर्मचारी विरोधी नीतियों के आरोप लगा रहे हैं। निकाय विभाग की टूलकिट में कुल 12,500 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें दृश्य स्वच्छता के अधिकतम 1500 अंक हैं जिनमें शहर की साफ-सफाई और कचरा मुक्त गलियों का आकलन किया जाएगा।
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कचरा कलेक्शन के 1000 अंक निर्धारित हैं जिसमें डोर-टू-डोर कचरा उठान और गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण की प्रक्रिया को देखा जाएगा। इसके अलावा कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए 1500 अंक तय किए गए हैं। यदि हड़ताल जारी रही और इसी दौरान सर्वेक्षण टीम पहुंची तो रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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सफाई न होने के कारण शहर में यहां लगे कूड़े के ढेर
शुक्रवार को भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहे। बिचला बाजार, जैन चौक, सर्राफ बाजार, घंटाघर बाजार, सराय चौपटा, दिनोद गेट, हांसी गेट, पटेल नगर, कृष्णा कॉलोनी, रोहतक गेट सब्जी मंडी, दादरी गेट सहित शहर की अधिकांश कॉलोनियों में कूड़ा जमा रहा जहां बेसहारा पशु कूड़े में मुंह मारते नजर आए। पिछले सात दिनों में शहर में करीब 750 टन ठोस कचरा जमा हो चुका है।
नगर परिषद गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना जारी
रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम दानव ने आरोप लगाया कि वर्ष 1997 से 2026 तक सफाई और सीवर कर्मचारियों की कोई नई पक्की भर्ती नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ठेका प्रथा समाप्त करने के बजाय हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कर्मचारियों को ठगा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 40 वर्षों में आबादी और क्षेत्रफल कई गुना बढ़ा लेकिन नए पद सृजित नहीं किए गए। उनकी प्रमुख मांगों में दैनिक वेतन भोगी और अनुबंधित कर्मचारियों को दो वर्ष की नीति बनाकर पक्का करना, सफाई, सीवर व फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को 5000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता देना, कच्चे कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति व ग्रेच्युटी देना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, आठ अप्रैल से हड़ताल पर चल रहे अग्निशमन कर्मियों का समर्थन और शहीद कर्मचारियों रणवीर व भवीचंद के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता देना शामिल है।
नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए लगातार सरकार से बातचीत चल रही है। हड़ताल के दौरान शहरवासियों से भी खुले में कूड़ा नहीं डालने की अपील की जा रही है। वहीं मुख्य जगहों पर कूड़ा उठान का प्रबंध भी कराया गया है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की हम सबकी जिम्मेदारी है। -राजाराम, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद भिवानी।