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Bhiwani News: भिवानी जिला बार में काले कोट से शुरू हुआ प्रदेश के कई सफेदपोश सियासतदानों का सफर
Sat, 16 Mar 2024 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 16 Mar 2024 11:08 PM IST
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भिवानी। लोकसभा चुनावों की चुनावी आहट के साथ ही बार में भी चुनावी सरगर्मियों की गर्माहट शुरू हो गई है। भिवानी बार ने प्रदेश की सक्रिय राजनीति ने कई नामी चेहरे दिए हैं, जिनकी शुरुआत इसी बार में काले कोट से हुई थी, जो बाद में प्रदेश के सफेदपोश सियासतदानों के सफर पर निकल पड़े। 1972 में भिवानी में न्यायालय के नए परिसर की शुरुआत हो गई थी।
सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल, पूर्व मंत्री चौ. हीरानंद आर्य, चौ. बंसीलाल के बड़े बेटे पूर्व विधायक रणबीर महेंद्रा और छोटे बेटे पूर्व कृषि मंत्री चौ. सुरेंद्र सिंह, बंसीलाल के दामाद पूर्व विधायक चौ. सोमबीर सिंह, पूर्व सहकारिता मंत्री ठाकुर बीर सिंह सरीखे कई ऐसे नामी चेहरे हैं, जिन्होंने भिवानी बार में वकालत की है। भिवानी बार राजनीति का गढ़ भी माना जाता रहा है, क्योंकि यहां की वकालत ने प्रदेश को कई नामी चेहरे दिए हैं, जिनकी सियासत से न केवल प्रदेश की सूरत बदली है बल्कि देश की राजनीति में आज भी उनका नाम गूंज रहा है।
भिवानी जिला बार में इस समय 2772 सदस्य हैं। इसमें करीब 300 महिला अधिवक्ता शामिल हैं। शुरुआत में भिवानी बार में चुनिंदा लोग ही सदस्य होते थे, जिनकी अच्छी खासी वकालत के साथ उनका रुतबा भी होता था। आज युवा पीढ़ी वकालत में अपना कॅरिअर बना रही हैं, मगर भिवानी बार में आज भी पुराने अधिवक्ताओं को वो पुराना दौर अच्छे से याद है, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कनिष्ठ अधिवक्ताओं को काफी कुछ सीखने को मिला है। अब दौर लोकसभा चुनाव का चल रहा है तो यहां बार में कोर्ट केसों पर कम चुनावों पर ज्यादा चर्चाएं होने लगी हैं। बार से जुड़े कुछ राजनेता न केवल प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं बल्कि अच्छा खासा वोट बैंक भी रखते हैं।
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ये नामी चेहरे रहे हैं भिवानी बार का हिस्सा
भिवानी जिला बार में पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल, उनके बड़े बेटे पूर्व विधायक चौ. रणबीर सिंह महेंद्रा, उनके छोटे बेटे पूर्व कृषि मंत्री चौ. सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री चौ. हीरानंद आर्य, पूर्व सहकारिता मंत्री ठाकुर बीर सिंह, पूर्व मंत्री चौ. जगन्नाथ, पूर्व सांसद चौ. जंगबीर सिंह, पूर्व विधायक चौ. सोमबीर सिंह, पूर्व विधानसभा स्पीकर चौ. छत्तर सिंह चौहान, पूर्व मंत्री डॉ. वासुदेव शर्मा, पूर्व विधायक शशीरंजन परमार के नाम शामिल हैं, इसके अलावा कई अधिवक्ता आज भी विभिन्न राजनीतिक दलों व पदों पर हैं। जो भिवानी बार के सदस्य होने के साथ अपनी वकालत जारी रखे हुए हैं।
देश में आपातकाल में ये गए थे जेल
1975 में देश में आपात काल लागू हुआ तो पूर्व मंत्री ठाकुर बीर सिंह, पूर्व मंत्री चौ. हीरानंद आर्य, पूर्व मंत्री चौ. जगन्नाथ, पूर्व मंत्री सागरराम गुप्ता, एडवोकेट दयानंद गुलिया, नरेंद्र नंदा, जितेंद्र तंवर सहित अन्य ने 19 माह की जेल भी काटी थी। प्रदेश की राजनीति में सक्रिय ये सभी भिवानी बार के सदस्य भी रहे हैं।
भिवानी बार हमेशा से ही राजनीति का गढ़ रही है, क्योंकि यहां के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदेश में दिग्गज नेता भी रह चुके हैं। लोकसभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में यहां अधिवक्ता चुनावी माहौल पर दिनभर चर्चाएं कर मौजूदा हालातों पर भी मंथन करते हैं। भिवानी बार से बहुत बड़ा वोट बैंक भी जुड़ा हैं। इसलिए भी यहां हर राजनेता अपने पक्ष में माहौल करने के लिए बार में आना जरूरी समझते हैं।
- एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया, अध्यक्ष, भिवानी बार एसोसिएशन
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सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल, पूर्व मंत्री चौ. हीरानंद आर्य, चौ. बंसीलाल के बड़े बेटे पूर्व विधायक रणबीर महेंद्रा और छोटे बेटे पूर्व कृषि मंत्री चौ. सुरेंद्र सिंह, बंसीलाल के दामाद पूर्व विधायक चौ. सोमबीर सिंह, पूर्व सहकारिता मंत्री ठाकुर बीर सिंह सरीखे कई ऐसे नामी चेहरे हैं, जिन्होंने भिवानी बार में वकालत की है। भिवानी बार राजनीति का गढ़ भी माना जाता रहा है, क्योंकि यहां की वकालत ने प्रदेश को कई नामी चेहरे दिए हैं, जिनकी सियासत से न केवल प्रदेश की सूरत बदली है बल्कि देश की राजनीति में आज भी उनका नाम गूंज रहा है।
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भिवानी जिला बार में इस समय 2772 सदस्य हैं। इसमें करीब 300 महिला अधिवक्ता शामिल हैं। शुरुआत में भिवानी बार में चुनिंदा लोग ही सदस्य होते थे, जिनकी अच्छी खासी वकालत के साथ उनका रुतबा भी होता था। आज युवा पीढ़ी वकालत में अपना कॅरिअर बना रही हैं, मगर भिवानी बार में आज भी पुराने अधिवक्ताओं को वो पुराना दौर अच्छे से याद है, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कनिष्ठ अधिवक्ताओं को काफी कुछ सीखने को मिला है। अब दौर लोकसभा चुनाव का चल रहा है तो यहां बार में कोर्ट केसों पर कम चुनावों पर ज्यादा चर्चाएं होने लगी हैं। बार से जुड़े कुछ राजनेता न केवल प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं बल्कि अच्छा खासा वोट बैंक भी रखते हैं।
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ये नामी चेहरे रहे हैं भिवानी बार का हिस्सा
भिवानी जिला बार में पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल, उनके बड़े बेटे पूर्व विधायक चौ. रणबीर सिंह महेंद्रा, उनके छोटे बेटे पूर्व कृषि मंत्री चौ. सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री चौ. हीरानंद आर्य, पूर्व सहकारिता मंत्री ठाकुर बीर सिंह, पूर्व मंत्री चौ. जगन्नाथ, पूर्व सांसद चौ. जंगबीर सिंह, पूर्व विधायक चौ. सोमबीर सिंह, पूर्व विधानसभा स्पीकर चौ. छत्तर सिंह चौहान, पूर्व मंत्री डॉ. वासुदेव शर्मा, पूर्व विधायक शशीरंजन परमार के नाम शामिल हैं, इसके अलावा कई अधिवक्ता आज भी विभिन्न राजनीतिक दलों व पदों पर हैं। जो भिवानी बार के सदस्य होने के साथ अपनी वकालत जारी रखे हुए हैं।
देश में आपातकाल में ये गए थे जेल
1975 में देश में आपात काल लागू हुआ तो पूर्व मंत्री ठाकुर बीर सिंह, पूर्व मंत्री चौ. हीरानंद आर्य, पूर्व मंत्री चौ. जगन्नाथ, पूर्व मंत्री सागरराम गुप्ता, एडवोकेट दयानंद गुलिया, नरेंद्र नंदा, जितेंद्र तंवर सहित अन्य ने 19 माह की जेल भी काटी थी। प्रदेश की राजनीति में सक्रिय ये सभी भिवानी बार के सदस्य भी रहे हैं।
भिवानी बार हमेशा से ही राजनीति का गढ़ रही है, क्योंकि यहां के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदेश में दिग्गज नेता भी रह चुके हैं। लोकसभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में यहां अधिवक्ता चुनावी माहौल पर दिनभर चर्चाएं कर मौजूदा हालातों पर भी मंथन करते हैं। भिवानी बार से बहुत बड़ा वोट बैंक भी जुड़ा हैं। इसलिए भी यहां हर राजनेता अपने पक्ष में माहौल करने के लिए बार में आना जरूरी समझते हैं।
- एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया, अध्यक्ष, भिवानी बार एसोसिएशन