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Bhiwani News: शहर बढ़ा, कॉलोनियां अटकीं... अब 21 इलाकों को अधिकृत होने का इंतजार
Wed, 01 Oct 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 01 Oct 2025 01:34 AM IST
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भिवानी शहर।
भिवानी। शहर के 175 एकड़ अनधिकृत दायरे में आबाद 21 कॉलोनियों के अधिकृत होने का लंबा इंतजार जारी है। शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय में भिवानी शहर की अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत किए जाने का मामला अभी लंबित पड़ा है। स्थानीय नगर परिषद अधिकारियों ने आपत्तियां दूर कर मसौदे को मुख्यालय भेज दिया है।
हालांकि 26 अनधिकृत कॉलोनियों में से तीन कॉलोनियां अधिकृत हो चुकी हैं वहीं तकनीकी कार्यों के चलते दो कॉलोनियों को सूची से हटा दिया गया। जबकि 21 कॉलोनियों के अधिकृत होने का निर्णय अभी मुख्यालय में अटका हुआ है। शहर के चारों तरफ अनधिकृत दायरा लगातार बढ़ रहा है। नगर परिषद अधिकारियों ने अनधिकृत कॉलोनियों के मसौदे में कई बार संशोधन किया है लेकिन हर बार फाइल मुख्यालय से आपत्ति के साथ लौटा दी जाती है।
शहर में नगर परिषद की हद से बाहर जिला नगर योजनाकार विभाग की कई अनधिकृत कॉलोनियां पहले ही अधिकृत हो चुकी हैं। वहीं नगर परिषद की चार दशक पुरानी कॉलोनियों को अधिकृत कराने में फाइलें अब भी ब्यू प्रिंट में उलझी हैं। शहर की सीमाओं तक नए आवास तेजी से विकसित हो रहे हैं। इनमें राजस्व विभाग से भूमि रजिस्ट्री बंद है लेकिन भूमाफिया एग्रीमेंट के जरिए कारोबार चला रहे हैं। कृषि भूमि को प्लाॅट में तब्दील कर रिहायशी आवासों के रूप में बेचा जा रहा है जबकि जिला नगर योजनाकार का नियंत्रण चुनिंदा जगहों तक ही है।
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नगर परिषद पिछले ढाई साल से शहर के दायरे को बढ़ाने के लिए फाइलों में उलझी है। अनधिकृत कॉलोनियों के मसौदे को कई बार संशोधित कर मुख्यालय भेजा जा चुका है लेकिन हर बार आपत्तियों के कारण फाइल लौट जाती है। हाल ही में मसौदा फिर शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजा गया है लेकिन अभी तक किसी कार्रवाई की शुरुआत नहीं हुई। हरियाणा सरकार भी अभी इन कॉलोनियों को अधिकृत करने के लिए तैयार नहीं है।
पेपर लैस डिजिटल भूमि रजिस्ट्री में भी अनधिकृत दायरे से किए जा रहे ऑनलाइन दस्तावेज
राजस्व विभाग ने हाल ही में पेपर लैस डिजिटल भूमि रजिस्ट्री की व्यवस्था शुरू की है। शहर के ऐसे इलाकों की भूमि के दस्तावेज भी ऑनलाइन किए जा रहे हैं जिनके किला और खसरा नंबर में भूमि रजिस्ट्री पर पाबंदी लगी है। राजस्व विभाग के अधिकारी काफी भूमि रजिस्ट्री ऐसे दायरे की कर चुके हैं। जिला प्रशासन और एसीबी भी कुछ भूमि रजिस्ट्री की जांच में जुटी हैं।
रिहायशी इलाके में चल रही औद्योगिक गतिविधि, अधिकृत होने का मामला उलझा
हरियाणा सरकार ने रिहायशी कॉलोनियों को अधिकृत करने में कुछ शर्तें तय की हैं जिनमें यह मुख्य है कि कॉलोनी में कोई औद्योगिक गतिविधि नहीं चलनी चाहिए। शहर की अनधिकृत कॉलोनियों में कई रिहायशी मकानों में लघु उद्योग और फैक्टरी चल रही हैं जिनका पंजीकरण और वैधता नहीं है। इस वजह से इन कॉलोनियों को अधिकृत करने का मामला उलझा हुआ है।
नगर परिषद की 21 अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत कराने का मसला मुख्यालय भेजा जा चुका है। नगर परिषद की तरफ से मुख्यालय द्वारा दर्ज कराई गई सभी आपत्तियों को दूर कर फिर से भेजा गया। हरियाणा सरकार द्वारा जल्द ही इन कॉलोनियों को अधिकृत किए जाने की उम्मीद है। - भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी
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हालांकि 26 अनधिकृत कॉलोनियों में से तीन कॉलोनियां अधिकृत हो चुकी हैं वहीं तकनीकी कार्यों के चलते दो कॉलोनियों को सूची से हटा दिया गया। जबकि 21 कॉलोनियों के अधिकृत होने का निर्णय अभी मुख्यालय में अटका हुआ है। शहर के चारों तरफ अनधिकृत दायरा लगातार बढ़ रहा है। नगर परिषद अधिकारियों ने अनधिकृत कॉलोनियों के मसौदे में कई बार संशोधन किया है लेकिन हर बार फाइल मुख्यालय से आपत्ति के साथ लौटा दी जाती है।
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शहर में नगर परिषद की हद से बाहर जिला नगर योजनाकार विभाग की कई अनधिकृत कॉलोनियां पहले ही अधिकृत हो चुकी हैं। वहीं नगर परिषद की चार दशक पुरानी कॉलोनियों को अधिकृत कराने में फाइलें अब भी ब्यू प्रिंट में उलझी हैं। शहर की सीमाओं तक नए आवास तेजी से विकसित हो रहे हैं। इनमें राजस्व विभाग से भूमि रजिस्ट्री बंद है लेकिन भूमाफिया एग्रीमेंट के जरिए कारोबार चला रहे हैं। कृषि भूमि को प्लाॅट में तब्दील कर रिहायशी आवासों के रूप में बेचा जा रहा है जबकि जिला नगर योजनाकार का नियंत्रण चुनिंदा जगहों तक ही है।
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नगर परिषद पिछले ढाई साल से शहर के दायरे को बढ़ाने के लिए फाइलों में उलझी है। अनधिकृत कॉलोनियों के मसौदे को कई बार संशोधित कर मुख्यालय भेजा जा चुका है लेकिन हर बार आपत्तियों के कारण फाइल लौट जाती है। हाल ही में मसौदा फिर शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजा गया है लेकिन अभी तक किसी कार्रवाई की शुरुआत नहीं हुई। हरियाणा सरकार भी अभी इन कॉलोनियों को अधिकृत करने के लिए तैयार नहीं है।
पेपर लैस डिजिटल भूमि रजिस्ट्री में भी अनधिकृत दायरे से किए जा रहे ऑनलाइन दस्तावेज
राजस्व विभाग ने हाल ही में पेपर लैस डिजिटल भूमि रजिस्ट्री की व्यवस्था शुरू की है। शहर के ऐसे इलाकों की भूमि के दस्तावेज भी ऑनलाइन किए जा रहे हैं जिनके किला और खसरा नंबर में भूमि रजिस्ट्री पर पाबंदी लगी है। राजस्व विभाग के अधिकारी काफी भूमि रजिस्ट्री ऐसे दायरे की कर चुके हैं। जिला प्रशासन और एसीबी भी कुछ भूमि रजिस्ट्री की जांच में जुटी हैं।
रिहायशी इलाके में चल रही औद्योगिक गतिविधि, अधिकृत होने का मामला उलझा
हरियाणा सरकार ने रिहायशी कॉलोनियों को अधिकृत करने में कुछ शर्तें तय की हैं जिनमें यह मुख्य है कि कॉलोनी में कोई औद्योगिक गतिविधि नहीं चलनी चाहिए। शहर की अनधिकृत कॉलोनियों में कई रिहायशी मकानों में लघु उद्योग और फैक्टरी चल रही हैं जिनका पंजीकरण और वैधता नहीं है। इस वजह से इन कॉलोनियों को अधिकृत करने का मामला उलझा हुआ है।
नगर परिषद की 21 अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत कराने का मसला मुख्यालय भेजा जा चुका है। नगर परिषद की तरफ से मुख्यालय द्वारा दर्ज कराई गई सभी आपत्तियों को दूर कर फिर से भेजा गया। हरियाणा सरकार द्वारा जल्द ही इन कॉलोनियों को अधिकृत किए जाने की उम्मीद है। - भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी