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सड़क हादसे में बच्चे का पैर कटा
भिवानी
Updated Thu, 21 Aug 2014 12:21 AM IST
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लोहारू-भिवानी सड़क मार्ग पर बीती रात्रि ढाणी टोडा गांव के पास एक कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। घटना में सवार चालक सहित 5 लोग घायल हो गए। हादसे में 13 वर्षीय किशोर को अपना एक पैर गंवाना पड़ा। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के झुंझुनूं निवासी गोपाल अपनी मां द्रोपदी व 13 वर्षीय बेटा मयंक व एक अन्य हर्षित के साथ कार से हरिद्वार से झुंझुनूं लौट रहे थे। कार को हरिपुरा निवासी शेर सिंह चला रहा था। ये लोग अपने किसी रिश्तेदार की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के पश्चात वापस लौट रहे थे।
रात करीब सवा 12 के बीच जब वे ढाणी टोडा गांव के निकट पुल क्रास कर लोहारू की तरफ बढ़ ही रहे थे कि नींद या अन्य किसी कारण से चालक कार पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि जोरदार धमाके के साथ ही कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए।
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गाड़ी के दरवाजे लॉक हो जाने की वजह से सभी सवार भीतर फंस गए और 13 वर्षीय मयंक का एक पैर कट गया। धमाके की आवाज सुन ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वहां से गुजर रहे ट्रक वालों की मदद से कार के शीशे-दरवाजे तोड़ पांचों घायलों को बाहर निकाला।
बार-बार फोन के बावजूद नहीं पहुंची एंबुलेंस
ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार 102 नंबर पर फोन किए जाने के बावजूद सरकारी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची और किसी तरह लोगों ने घायलों को लोहारू के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। सरकारी एंबुलेंस से पहले 60 किलोमीटर दूर झुंझुनूं (राजस्थान) से घायलों के परिजन लोहारू पहुंच गए। ग्रामीणों ने बार-बार 102 पर एंबुलेंस को फोन किया मगर एंबुलेंस नहीं पहुंची। घायल किशोर मयंक ने हिम्मत दिखाते हुए झुंझुनूं अपने परिजनों को हादसे की सूचना दी और एंबुलेंस से पहले वहां से घायलों के परिजन पहुंच गए। ड्यूअल फ्रंट एयर बैग होने की वजह से चालक व आगे की सीट पर बैठे व्यक्ति को जानलेवा चोट नहीं लगी। घायलों के परिजन उन्हें राजस्थान के किसी अस्पताल में लेकर गए हैं।
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जानकारी के अनुसार, राजस्थान के झुंझुनूं निवासी गोपाल अपनी मां द्रोपदी व 13 वर्षीय बेटा मयंक व एक अन्य हर्षित के साथ कार से हरिद्वार से झुंझुनूं लौट रहे थे। कार को हरिपुरा निवासी शेर सिंह चला रहा था। ये लोग अपने किसी रिश्तेदार की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के पश्चात वापस लौट रहे थे।
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रात करीब सवा 12 के बीच जब वे ढाणी टोडा गांव के निकट पुल क्रास कर लोहारू की तरफ बढ़ ही रहे थे कि नींद या अन्य किसी कारण से चालक कार पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि जोरदार धमाके के साथ ही कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए।
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गाड़ी के दरवाजे लॉक हो जाने की वजह से सभी सवार भीतर फंस गए और 13 वर्षीय मयंक का एक पैर कट गया। धमाके की आवाज सुन ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वहां से गुजर रहे ट्रक वालों की मदद से कार के शीशे-दरवाजे तोड़ पांचों घायलों को बाहर निकाला।
बार-बार फोन के बावजूद नहीं पहुंची एंबुलेंस
ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार 102 नंबर पर फोन किए जाने के बावजूद सरकारी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची और किसी तरह लोगों ने घायलों को लोहारू के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। सरकारी एंबुलेंस से पहले 60 किलोमीटर दूर झुंझुनूं (राजस्थान) से घायलों के परिजन लोहारू पहुंच गए। ग्रामीणों ने बार-बार 102 पर एंबुलेंस को फोन किया मगर एंबुलेंस नहीं पहुंची। घायल किशोर मयंक ने हिम्मत दिखाते हुए झुंझुनूं अपने परिजनों को हादसे की सूचना दी और एंबुलेंस से पहले वहां से घायलों के परिजन पहुंच गए। ड्यूअल फ्रंट एयर बैग होने की वजह से चालक व आगे की सीट पर बैठे व्यक्ति को जानलेवा चोट नहीं लगी। घायलों के परिजन उन्हें राजस्थान के किसी अस्पताल में लेकर गए हैं।