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Bhiwani News: खानक पहाड़ में लाल पत्थर की बोली बंद करवाने के लिए एसोसिएशन ने लिखा पत्र
Tue, 28 Oct 2025 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 28 Oct 2025 01:43 AM IST
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तोशाम। खानक पहाड़ में लाल पत्थर की बोली बंद करवाने की मांग को लेकर खानक-डाडम क्रेशर एसोसिएशन ने एचएसआईआईडीसी (हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड) के एचओडी को पत्र लिखा है। एसोसिएशन से जुड़े क्रेशर मालिकों ने अपने पत्र में कहा है कि लाल पत्थर की बोली से भ्रष्टाचार की आशंका बनी रहती है और इससे सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि लाल पत्थर में मिट्टी मिलाई जा रही है जिससे क्रेशर संचालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने पत्र के माध्यम से एचएसआईआईडीसी से लाल पत्थर की बोली बंद करने पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है।
लाल व नीले पत्थर के भाव में प्रति टन 100 रुपये का अंतर
लाल और नीले पत्थर के भाव में प्रति टन 100 रुपये का अंतर बताया गया है। लाल पत्थर क्रेशर मालिकों को 225 रुपये प्रति टन मिलता है जबकि नीला पत्थर 325 रुपये प्रति टन तक बेचा जाता है। जानकारी के अनुसार तीसरे दिन लगभग 50 हजार टन लाल पत्थर और करीब 2 लाख टन नीले पत्थर की बोली लगाई जाती है। क्रेशर मालिकों ने एचएसआईआईडीसी के एचओडी को पत्र लिखकर लाल पत्थर की बोली बंद करवाने की मांग दोहराई है।
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इस संबंध में एचएसआईआईडीसी के सीनियर मैनेजर रविन्द्र जाखड़ ने बताया कि दोनों तरह के पत्थरों की उठान जरूरी है क्योंकि दोनों की अपनी अलग उपयोगिता है। उन्होंने लाल पत्थर में मिट्टी मिलाने के आरोपों को खारिज किया। वहीं क्रेशर एसोसिएशन के प्रधान भीष्म महता ने कहा कि लाल पत्थर की उठान नीले पत्थर से अलग की जाए। इसके लिए लाल पत्थर की उठान के लिए अलग रास्ते और कांटे बनाए जाएं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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उन्होंने कहा कि लाल पत्थर में मिट्टी मिलाई जा रही है जिससे क्रेशर संचालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने पत्र के माध्यम से एचएसआईआईडीसी से लाल पत्थर की बोली बंद करने पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है।
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लाल व नीले पत्थर के भाव में प्रति टन 100 रुपये का अंतर
लाल और नीले पत्थर के भाव में प्रति टन 100 रुपये का अंतर बताया गया है। लाल पत्थर क्रेशर मालिकों को 225 रुपये प्रति टन मिलता है जबकि नीला पत्थर 325 रुपये प्रति टन तक बेचा जाता है। जानकारी के अनुसार तीसरे दिन लगभग 50 हजार टन लाल पत्थर और करीब 2 लाख टन नीले पत्थर की बोली लगाई जाती है। क्रेशर मालिकों ने एचएसआईआईडीसी के एचओडी को पत्र लिखकर लाल पत्थर की बोली बंद करवाने की मांग दोहराई है।
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इस संबंध में एचएसआईआईडीसी के सीनियर मैनेजर रविन्द्र जाखड़ ने बताया कि दोनों तरह के पत्थरों की उठान जरूरी है क्योंकि दोनों की अपनी अलग उपयोगिता है। उन्होंने लाल पत्थर में मिट्टी मिलाने के आरोपों को खारिज किया। वहीं क्रेशर एसोसिएशन के प्रधान भीष्म महता ने कहा कि लाल पत्थर की उठान नीले पत्थर से अलग की जाए। इसके लिए लाल पत्थर की उठान के लिए अलग रास्ते और कांटे बनाए जाएं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।