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Bhiwani News: विकास कार्यों में 72 लाख के गबन मामले में पूर्व सरपंच और पंचायत सचिव सहित छह दोषी करार
Sat, 31 Aug 2024 05:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 31 Aug 2024 05:14 AM IST
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भिवानी। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर विजेंद्र सिंह के पैतृक गांव कालुवास में विकास कार्यों के लिए आई 72 लाख की सरकारी के गबन मामले में न्यायालय ने पूर्व सरपंच व पंचायत सचिव सहित छह लोगों को दोषी करार दिया है। वहीं इस मामले में दो महिला पंचों सहित चार को बरी कर दिया है। सजा के बिंदू पर तीन सितंबर को सुनवाई होगी।
अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंद्र सिंह के बड़े भाई मनोज की शिकायत पर 2015 में हिसार विजिलेंस ने आरोपियों पर धोखाधड़ी एवं भ्रष्टाचार से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसमें मामले में दस लोगों को नामजद किया गया था। सदर पुलिस थाने में दी गई शिकायत में बताया गया था कि गांव कालुवास में विकास कार्यों के लिए सरकार की तरफ से जारी किए गए 72 लाख रुपये को तत्कालीन सरपंच व ग्राम सचिव सहित अन्य ने डकार लिया है। यह राशि गांव के विकास कार्यों पर खर्च नहीं हुई और फर्जी तरीके से सामान खरीद दिखाकर इसकी बंदरबांट की गई। इस मामले में एडिशनल सेशन जज संजीव आर्य की अदालत ने सुनवाई करते हुए कालुवास के पूर्व सरपंच रमेश कुमार, पंचायत सचिव जितेंद्र, आयरन स्टोर के मालिक राजेश सिंगला, मार्बल स्टोर संचालक दिनेश, अर्थ मूवर हनुमान व जितेंद्र उर्फ जीतू को दोषी करार दिया है। जबकि इस मामले में कालुवास की निवर्तमान पंच बबीता व प्रकाशी सहित राजबीर सिंह व निवर्तमान जिला पार्षद श्याम को बरी कर दिया।
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अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंद्र सिंह के बड़े भाई मनोज की शिकायत पर 2015 में हिसार विजिलेंस ने आरोपियों पर धोखाधड़ी एवं भ्रष्टाचार से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसमें मामले में दस लोगों को नामजद किया गया था। सदर पुलिस थाने में दी गई शिकायत में बताया गया था कि गांव कालुवास में विकास कार्यों के लिए सरकार की तरफ से जारी किए गए 72 लाख रुपये को तत्कालीन सरपंच व ग्राम सचिव सहित अन्य ने डकार लिया है। यह राशि गांव के विकास कार्यों पर खर्च नहीं हुई और फर्जी तरीके से सामान खरीद दिखाकर इसकी बंदरबांट की गई। इस मामले में एडिशनल सेशन जज संजीव आर्य की अदालत ने सुनवाई करते हुए कालुवास के पूर्व सरपंच रमेश कुमार, पंचायत सचिव जितेंद्र, आयरन स्टोर के मालिक राजेश सिंगला, मार्बल स्टोर संचालक दिनेश, अर्थ मूवर हनुमान व जितेंद्र उर्फ जीतू को दोषी करार दिया है। जबकि इस मामले में कालुवास की निवर्तमान पंच बबीता व प्रकाशी सहित राजबीर सिंह व निवर्तमान जिला पार्षद श्याम को बरी कर दिया।
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