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Bhiwani News: ऑपरेशन मुस्कान के तहत छह बच्चों को किया रेस्क्यू, चार परिजनों को सौंपे, दो शेल्टर होम भेजे
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अभियान के तहत रेस्क्यू किए गए बच्चों के साथ पुलिस व सीडब्ल्यूसी सदस्य।
भिवानी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिला बाल कल्याण समिति, जिला पुलिस और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त अभियान चलाकर शहर के विभिन्न बाजारों और पार्कों से छह बच्चों को रेस्क्यू किया जिनमें से चार को परिजनों को सौंप दिया गया जबकि दो बच्चों को ओपन शेल्टर होम भेजा गया।
सीडब्ल्यूसी सदस्य एडवोकेट धीरज सैनी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य उन बच्चों को सुरक्षित करना था जो लापता थे या विषम परिस्थितियों में काम करने को मजबूर थे। रेस्क्यू किए गए छह बच्चों में से चार को आवश्यक कागजी कार्रवाई और काउंसिलिंग के बाद उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया। अपने बच्चों को वापस पाकर परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
उन्होंने बताया कि शेष दो बच्चों के मामले में उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक मौके पर उपस्थित नहीं हुए और उनसे संपर्क भी नहीं हो सका। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें जिला बाल संरक्षण अधिकारी की देखरेख में ओपन शेल्टर होम भेज दिया गया। अभियान के दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। सीडब्ल्यूसी भिवानी के चेयरमैन एडवोकेट प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि बच्चों का बचपन सुरक्षित करना उनकी प्राथमिकता है।
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इस दौरान सीडब्ल्यूसी के सदस्य नीलम रानी, दिनेश अत्री, एडवोकेट धीरज सैनी के अलावा जिला पुलिस की ओर से इंस्पेक्टर अमरदीप, एसआई कपिल देव तथा क्राइम ब्रांच से एएसआई मंजीता और एएसआई पवन कुमार मौजूद रहे।
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सीडब्ल्यूसी सदस्य एडवोकेट धीरज सैनी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य उन बच्चों को सुरक्षित करना था जो लापता थे या विषम परिस्थितियों में काम करने को मजबूर थे। रेस्क्यू किए गए छह बच्चों में से चार को आवश्यक कागजी कार्रवाई और काउंसिलिंग के बाद उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया। अपने बच्चों को वापस पाकर परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
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उन्होंने बताया कि शेष दो बच्चों के मामले में उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक मौके पर उपस्थित नहीं हुए और उनसे संपर्क भी नहीं हो सका। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें जिला बाल संरक्षण अधिकारी की देखरेख में ओपन शेल्टर होम भेज दिया गया। अभियान के दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। सीडब्ल्यूसी भिवानी के चेयरमैन एडवोकेट प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि बच्चों का बचपन सुरक्षित करना उनकी प्राथमिकता है।
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इस दौरान सीडब्ल्यूसी के सदस्य नीलम रानी, दिनेश अत्री, एडवोकेट धीरज सैनी के अलावा जिला पुलिस की ओर से इंस्पेक्टर अमरदीप, एसआई कपिल देव तथा क्राइम ब्रांच से एएसआई मंजीता और एएसआई पवन कुमार मौजूद रहे।