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Bhiwani News: बवानीखेड़ा तहसील के सात गांवों को अब भी बस सुविधा का इंतजार
Fri, 25 Oct 2024 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 25 Oct 2024 11:03 PM IST
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बवानीखेड़ा का सामान्य बस अड्डा।
भिवानी। जिले के गठन के साथ ही बवानीखेड़ा को तहसील का दर्जा मिला था। लेकिन जिले की सबसे पुरानी तहसील के सात गांवों आज भी हरियाणा रोडवेज परिवहन सुविधा से वंचित हैं।
तहसील कार्यालय बवानीखेड़ा कस्बे में होने के कारण सात गांवों के लोगों को निजी वाहनों से रोजाना तहसील कार्यालय पहुंचना पड़ता है। इन सात गांवों से रोजाना सैकड़ों की संख्या में यात्री कस्बे में पहुंचते हैं। शिक्षण संस्थानों तक जाने के लिए विद्यार्थियों को अपने निजी वाहनों से सफर तय करना पड़ रहा है।
तहसील कार्यालय में पहुंचे ग्रामीण रणसिंह, मनफूल व भतेरी देवी ने बताया कि बवानीखेड़ा से उनके गांवों के लिए कोई बस नहीं चल रही। उन्होंने बताया कि हरियाणा रोडवेज तो दूर कोई प्राइवेट वाहन की सुविधा भी गांव से नहीं है। लोग अपने खुद के वाहन बाइक, स्कूटी व गाड़ी से तहसील कार्यालय में काम के लिए आते हैं। लेकिन बस सुविधा नहीं होने से बाजार में पहुंचने की परेशानी होती है।
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कस्बे के दुकानदार महेंद्र, कृष्ण व विजय ने बताया कि इन गांवों में बस सुविधा नहीं होने के कारण लोग बाजार में आना पसंद नहीं करते हैं। इससे दुकानदारी प्रभावित हो रही है। प्राइवेट स्कूलों की बसें तो इन गांवों में जाती है जिससे गांवों के बच्चे स्कूलों में पढ़ने आते हैं। लेकिन बस सुविधा नहीं होने के कारण बच्चों की पुस्तकें, ड्रेस व स्कूली सामान लेने के लिए परिजनों को मार्केट आने में परेशानी होती है।
कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी संचालक मनीष ने बताया कि बस सुविधा नहीं होने से इन गांवों के तैयारी कर रहे छात्र पढ़ने तो आते हैं लेकिन संख्या बहुत कम है। अगर इन गांवों में बस सुविधा शुरू होती है तो बाजार में आने वाले ग्राहकों व शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ दैनिक यात्रियों को फायदा होगा। उन्होंने प्रशासन से बस सुविधा शुरू करने की मांग की है।
इन गांवों में नहीं है परिवहन सुविधा
सीपर, बोहल, रतेरा, रोहणात, पपोसा, जमालपुर व जमालपुर द्वितीय में लंबे समय से परिवहन की सुविधा नहीं है। आईटीआई शिक्षण संस्थान जमालपुर व नलवा में स्थित है। तहसील कार्यालय व राजकीय महिला महाविद्यालय कस्बे में स्थित है। इसकी वजह से रोजाना सैकड़ों यात्री इस रूट पर निजी वाहनों के सहारे सफर करना पड़ता है।
वाहन पार्किंग की नहीं है सुविधा
दैनिक यात्री विवेक, मोहित, सतबीर, रवीना व खुशी ने बताया कि बस अड्डा परिसर में पार्किंग की सुविधा नहीं है। रोजाना सुबह वे अपने काम के सिलसिले व कॉलेज में पढ़ने के लिए भिवानी, हांसी व हिसार जाते हैं। घर व बस स्टैंड की दूरी होने के कारण अपने निजी वाहन बाइक, स्कूटी व गाड़ी ले कर बस अड्डे तक पहुंचते हैं। लेकिन बस स्टैंड पर कोई पार्किंग सुविधा नहीं होने के कारण खुद के जोखिम पर वाहन को बस अड्डा परिसर में स्थित खाली मैदान में खड़ा कर जाते हैं। इसलिए उनके वाहन चोरी होने का भय रहता है। इस जगह से कुछ बाइक व स्कूटी चोरी हो चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से पार्किंग की सुविधा बनाने की मांग रखी।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो जल्दी ही उच्चाधिकारियों से बात कर यात्रियों के लिए बस सुविधा शुरू की जाएगी। किसी यात्री को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- दीपक कुंडू, जीएम, भिवानी।
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तहसील कार्यालय बवानीखेड़ा कस्बे में होने के कारण सात गांवों के लोगों को निजी वाहनों से रोजाना तहसील कार्यालय पहुंचना पड़ता है। इन सात गांवों से रोजाना सैकड़ों की संख्या में यात्री कस्बे में पहुंचते हैं। शिक्षण संस्थानों तक जाने के लिए विद्यार्थियों को अपने निजी वाहनों से सफर तय करना पड़ रहा है।
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तहसील कार्यालय में पहुंचे ग्रामीण रणसिंह, मनफूल व भतेरी देवी ने बताया कि बवानीखेड़ा से उनके गांवों के लिए कोई बस नहीं चल रही। उन्होंने बताया कि हरियाणा रोडवेज तो दूर कोई प्राइवेट वाहन की सुविधा भी गांव से नहीं है। लोग अपने खुद के वाहन बाइक, स्कूटी व गाड़ी से तहसील कार्यालय में काम के लिए आते हैं। लेकिन बस सुविधा नहीं होने से बाजार में पहुंचने की परेशानी होती है।
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कस्बे के दुकानदार महेंद्र, कृष्ण व विजय ने बताया कि इन गांवों में बस सुविधा नहीं होने के कारण लोग बाजार में आना पसंद नहीं करते हैं। इससे दुकानदारी प्रभावित हो रही है। प्राइवेट स्कूलों की बसें तो इन गांवों में जाती है जिससे गांवों के बच्चे स्कूलों में पढ़ने आते हैं। लेकिन बस सुविधा नहीं होने के कारण बच्चों की पुस्तकें, ड्रेस व स्कूली सामान लेने के लिए परिजनों को मार्केट आने में परेशानी होती है।
कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी संचालक मनीष ने बताया कि बस सुविधा नहीं होने से इन गांवों के तैयारी कर रहे छात्र पढ़ने तो आते हैं लेकिन संख्या बहुत कम है। अगर इन गांवों में बस सुविधा शुरू होती है तो बाजार में आने वाले ग्राहकों व शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ दैनिक यात्रियों को फायदा होगा। उन्होंने प्रशासन से बस सुविधा शुरू करने की मांग की है।
इन गांवों में नहीं है परिवहन सुविधा
सीपर, बोहल, रतेरा, रोहणात, पपोसा, जमालपुर व जमालपुर द्वितीय में लंबे समय से परिवहन की सुविधा नहीं है। आईटीआई शिक्षण संस्थान जमालपुर व नलवा में स्थित है। तहसील कार्यालय व राजकीय महिला महाविद्यालय कस्बे में स्थित है। इसकी वजह से रोजाना सैकड़ों यात्री इस रूट पर निजी वाहनों के सहारे सफर करना पड़ता है।
वाहन पार्किंग की नहीं है सुविधा
दैनिक यात्री विवेक, मोहित, सतबीर, रवीना व खुशी ने बताया कि बस अड्डा परिसर में पार्किंग की सुविधा नहीं है। रोजाना सुबह वे अपने काम के सिलसिले व कॉलेज में पढ़ने के लिए भिवानी, हांसी व हिसार जाते हैं। घर व बस स्टैंड की दूरी होने के कारण अपने निजी वाहन बाइक, स्कूटी व गाड़ी ले कर बस अड्डे तक पहुंचते हैं। लेकिन बस स्टैंड पर कोई पार्किंग सुविधा नहीं होने के कारण खुद के जोखिम पर वाहन को बस अड्डा परिसर में स्थित खाली मैदान में खड़ा कर जाते हैं। इसलिए उनके वाहन चोरी होने का भय रहता है। इस जगह से कुछ बाइक व स्कूटी चोरी हो चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से पार्किंग की सुविधा बनाने की मांग रखी।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो जल्दी ही उच्चाधिकारियों से बात कर यात्रियों के लिए बस सुविधा शुरू की जाएगी। किसी यात्री को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- दीपक कुंडू, जीएम, भिवानी।