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Bhiwani News: पति राजेश का पार्थिव शव देख बिलख पड़ीं पत्नी, पुष्प वर्षा के साथ अंतिम विदाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:50 AM IST
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Seeing the body of husband Rajesh, his wife broke down and bid him farewell with a shower of flowers.
हवलदार राजेश कुमार के निधन पर विलाप करतीं पत्नी मीना। 
कैरू (भिवानी)। असम में तेजपुर पहाड़ी इलाके में 21 मार्च को ड्यूटी के दौरान हृदयघात से निधन के बाद मंगलवार सुबह आईटीबीपी में हवलदार राजेश का पार्थिव शरीर गांव लाया गया। शहीद को श्रद्धांजलि देने लोगों की भीड़ जुट गई। तिरंगा हाथ में लिए स्कूली बच्चों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, राजेश तेरा नाम रहेगा..नारे से आसमां गूंजा दिया। दोपहर करीब 12.30 बजे राजकीय कन्या महाविद्यालय के सामने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यहीं पर स्मारक स्थल बनाया जाएगा। सुबह करीब 11 बजे पुलिस और आईटीबीपी के जवान राजेश (42) के पार्थिव शरीर को लेकर गांव पहुंचे। श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का काफिला शहीद अमर रहे के नारे लगाते हुए पीछे-पीछे चलने लगा। इससे पहले लोहानी, हेतमपुरा, टीटानी, लेघां, शिमली मोड़ व ढाणी जाटान के ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं व स्वास्थ्य विभाग कैरू के कर्मियों ने पुष्प वर्षा कर शहीद को नमन किया। महिलाओं ने घरों की छतों और युवाओं ने पेड़ों पर चढ़कर अंतिम दर्शन किए। तिरंगे में लिपटी राजेश की पार्थिव देह घर पहुंची तो चीख-पुकार मच गई। तीन दिन से बेसुध पत्नी रीना पति का शव देख बिलख पड़ीं। परिवार के लोगों ने उन्हें संभाला। मीना ने कांपते हाथों से पति को नमन किया। पांच साल की बेटी अंजलि को तो पता भी नहीं था कि उसके पापा अब दुनिया में नहीं रहे लेकिन परिवार के सदस्यों को रोता देख वह भी फफक पड़ीं। इसके बाद अंतिम यात्रा रवाना हुई।
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युवाओं ने जेसीबी से की पुष्प वर्षा
अंतिम यात्रा के दौरान करीब एक किलोमीटर तक युवा जेसीबी पर चढ़कर पुष्प वर्षा करते रहे। पार्थिव शरीर को गांव के राजकीय कन्या महाविद्यालय के सामने उस जगह ले जाया गया जहां ग्राम पंचायत ने अंतिम संस्कार के लिए स्थान चिह्नित किया था। यहां पुलिस के जवानों ने सशस्त्र सलामी दी। जाटूसाना (रेवाड़ी) से आई आईटीबीपी-28 बटालियन के एसआई सुरेश ने राजेश के पिता तारा को तिरंगा झंडा सौंपा तो सबकी आंखें नम हो गईं। भाई सतीश ने नम आंखों से चिता को मुखाग्नि दी। तोशाम से कानूनगो राजेंद्र जाखड़, कैरू पुलिस चौकी इंचार्ज राजेश कुमार, कैरू सरपंच सुभाष रंगा, डाॅ. प्रतीम तंवर, समाजसेवी सुरेश फौजी, सरपंच सुंदरपाल, युवा कल्याण संगठन से कमल प्रधान व अनिल शेषमां, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश, भवानी सिंह, सूबेदार सुरेंद्र सिंह, कैप्टन महेंद्र इंदीवाली ने नम आंखों से जवान को अंतिम विदाई दी। पिता ने कहा कि मुझे गर्व है कि बेटा भारत माता की गोद में समर्पित हुआ।
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29 दिन पहले अवकाश पूरा कर ड्यूटी पर गए थे राजेश
आईटीबीपी-55 बटालियन में तैनात हवलदार राजेश 29 दिन पहले ही अवकाश पूरा कर डयूटी पर लौटे थे। वे असम में तेजपुर पहाड़ी इलाके में 9000 फीट ऊंचाई पर तैनात थे। 21 मार्च को सुबह 6 बजे हृदयगति रुकने से निधन हो गया। इसके बाद 23 मार्च को राजेश का शव दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया और वहां से शाम को भिवानी पहुंचा। शव को रात भर सदर थाने ससम्मान रखा गया।
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बहल-भिवानी मार्ग हुआ जाम



हवलदार राजेश की अंतिम यात्रा के दौरान भिवानी, बहल, जूई और तोशाम मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने बमुश्किल यातायात व्यवस्था बनाई।
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