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आज खुलेंगे स्कूल, अभिभावक बोले - अपने बच्चों को भेजेंगे
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भिवानी। कोरोना संक्रमण के बीच विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने नौवीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोले जाने के आदेश दिए हैं। शुक्रवार से जिले के सभी स्कूलों में अभिभावकों के अनुमति पत्र के साथ विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश का नियम बनाया गया है। इस निर्णय को अभिभावकों और शिक्षकों ने सही बताया है। वहीं अभिभावकों ने कहा है कि वे स्कूल में अपने बच्चों को भेजेंगे।
विभाग ने कोविड से बचाव के लिए भी व्यवस्था के निर्देश दिए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में यह निर्देश सिर्फ फाइलों में दबकर रह गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अनेक स्कूलों में अब तक न तो सामुदायिक दूरी के लिए रस्सी लगाई गई है और न ही सैनिटाइजर का छिड़काव। विभाग ने स्कूलों को काफी दिन पहले ही सैनिटाइजर उपलब्ध करवा दिया था। मगर स्टाफ ने उसका छिड़काव करवाना जरूरी नहीं समझा। स्कूल प्रशासन की दलील है कि वे शुक्रवार सुबह सैनिटाइजर का छिड़काव करवा देंगे।
जिले भर में नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा के करीब 38923 विद्यार्थियों के दाखिले हैं। ऐसे में इनमें से 50 फीसदी विद्यार्थी स्कूल में आने अपेक्षित किए हैं। इनमें से भी एक कक्षा में महज 30 बच्चे ही बैठ सकते हैं। इसलिए कुछ स्कूलों में सम और विषम का फॉर्मूला और कुछ स्कूलों में अनुक्रमांक के अनुसार 30-30 बच्चे बुलाने की व्यवस्था की है।
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जिले में कक्षानुसार विद्यार्थियों की संख्या
कक्षा विद्यार्थी
नौवीं 9822
दसवीं 10183
11वीं 9990
12वीं 8928
इन नियमों का करना होगा पालन
- मास्क और उचित सामुदायिक दूरी का पालन।
- थर्मल स्क्रीनिंग कर गेट पर ही बच्चे के तापमान की जांच।
- प्रत्येक कक्षा में 30 बच्चों को बैठाने की व्यवस्था।
- कोविड-19 सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन।
- स्कूल में लंच और प्रार्थना नहीं होगी, इसकी पालना करना।
- बच्चे खाद्य सामग्री न लेकर आएं, लेकिन पानी की बोतल जरूरी लेकर आएं।
- सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक ही कक्षाएं लगाई जाएंगी।
कोरोना संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं। सरकार ने हर क्षेत्र के उद्योग, बाजार खोल दिए हैं। ऐसे में स्कूल बंद रखना गलत निर्णय था। पढ़ाई जीवन का आधार है। अब बच्चे स्कूल में जाकर अपनी पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए कोरोना से बचाव के सभी साधनों का उचित प्रबंध करना भी आवश्यक है।
- नरेंद्र दिनोद, अभिभावक।
लॉकडाउन के दौरान स्कूल प्रशासन की ओर से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की थी। मगर ऑनलाइन पढ़ाई के फायदे से अधिक नुकसान थे। इसमें बच्चे ठीक से पढ़ाई नहीं कर रहे थे। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने के बहाने बच्चे मोबाइल और लैपटॉप में गेम खेलने में लगे रहते थे। अब स्कूल खोले जाने से वो आराम से पढ़ाई कर पाएंगे।
- सुनील शर्मा, अभिभावक।
वर्तमान हालत को देखते हुए स्कूल खोलना बहुत आवश्यक है, क्योंकि बच्चे तीन माह से घर पर ही है। इसकी वजह से उनका शारीरिक और मानसिक विकास रुक गया है। स्कूल में होने वाले कार्यक्रमों और अपने दोस्तों से मिलकर बच्चे सुखद अनुभूति करेंगे। सरकार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन भी करना चाहिए।
- वजीर सिंह, प्रदेश प्रेस प्रवक्ता, अध्यापक संघ।
फिलहाल पढ़ाई सिर्फ डिग्री और डिप्लोमा में बदल गई है, क्योंकि कोरोना संक्रमण की वजह से बच्चे स्कूल में नहीं जा पा रहा थे। ऐसे में वो पढ़ाई नहीं कर पाए। सरकार ने स्कूल खोलने का निर्णय सही लिया है। अब विद्यार्थी स्कूल में जाकर अपनी पढ़ाई सुचारु रूप से कर सकेंगे। इसके लिए कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।
- विनोद पिंकू, शारीरिक शिक्षक।
विभाग के पास सैनिटाइजर उपलब्ध, लेकिन छिड़काव नहीं
कैरू। कोरोना संक्रमण के बीच शिक्षा विभाग ने नौवीं से 12वीं तक के स्कूल खोले जाने के आदेश दिए हैं। मगर स्कूल में कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी पुख्ता प्रबंध करने के भी आदेश दिए थे। मगर ग्रामीण क्षेत्र में विभाग के आदेशों का पालन नहीं हो रहा। विभाग ने स्कूलों को सैनिटाइजर तो उपलब्ध करवा दिया, लेकिन अब तक उनका छिड़काव नहीं किया है। गांव देवराला, लोहानी, कैरू के सरकारी स्कूलों में एक बार भी सैनिटाइजर का छिड़काव नहीं हुआ है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैरू के प्राचार्य मदनलाल का कहना है कि शुक्रवार को सुबह ही सैनिटाइजर का छिड़काव करवा दिया जाएगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देवराला के प्राचार्य सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सैनिटाइजर उपलब्ध है और स्कूल में सैनिटाइजर का छिड़काव करवाया जाएगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लोहानी के प्राचार्य सुरेश जांगड़ा ने कहा कि एक दिन पहले कर दिया है, एक बार और किया जाना है। संवाद
बवानीखेड़ा में स्कूल में किया सैनिटाइजर और सफाई
बवानीखेड़ा। बवानीखेड़ा के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सभी कमरों को सैनिटाइजर का छिड़काव करवाया है। प्रधानाचार्या संतोष भाकर, डीपीई देवेंद्र ने बताया कि पूरे विद्यालय को सैनिटाइजर कराया गया है, ताकि किसी प्रकार की कोविड महामारी से बचा जा सके। विद्यालय स्टाफ ने इस दौरान स्कूल परिसर में सफाई अभियान भी चलाया और कोविड से बचाव के लिए उचित सामुदायिक दूरी के लिए गोले भी बनवाए। संवाद
सरकार के आदेशानुसार शुक्रवार से नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के स्कूल खोल दिए जाएंगे। इसके लिए सभी स्कूलों में कोविड-19 सुरक्षा नियमों के तहत सभी तरह की तैयारियां करवा दी गई हैं। स्कूल में आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी से अभिभावकों का अनुमति पत्र और स्वास्थ्य की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
-अजीत श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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विभाग ने कोविड से बचाव के लिए भी व्यवस्था के निर्देश दिए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में यह निर्देश सिर्फ फाइलों में दबकर रह गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अनेक स्कूलों में अब तक न तो सामुदायिक दूरी के लिए रस्सी लगाई गई है और न ही सैनिटाइजर का छिड़काव। विभाग ने स्कूलों को काफी दिन पहले ही सैनिटाइजर उपलब्ध करवा दिया था। मगर स्टाफ ने उसका छिड़काव करवाना जरूरी नहीं समझा। स्कूल प्रशासन की दलील है कि वे शुक्रवार सुबह सैनिटाइजर का छिड़काव करवा देंगे।
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जिले भर में नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा के करीब 38923 विद्यार्थियों के दाखिले हैं। ऐसे में इनमें से 50 फीसदी विद्यार्थी स्कूल में आने अपेक्षित किए हैं। इनमें से भी एक कक्षा में महज 30 बच्चे ही बैठ सकते हैं। इसलिए कुछ स्कूलों में सम और विषम का फॉर्मूला और कुछ स्कूलों में अनुक्रमांक के अनुसार 30-30 बच्चे बुलाने की व्यवस्था की है।
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जिले में कक्षानुसार विद्यार्थियों की संख्या
कक्षा विद्यार्थी
नौवीं 9822
दसवीं 10183
11वीं 9990
12वीं 8928
इन नियमों का करना होगा पालन
- मास्क और उचित सामुदायिक दूरी का पालन।
- थर्मल स्क्रीनिंग कर गेट पर ही बच्चे के तापमान की जांच।
- प्रत्येक कक्षा में 30 बच्चों को बैठाने की व्यवस्था।
- कोविड-19 सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन।
- स्कूल में लंच और प्रार्थना नहीं होगी, इसकी पालना करना।
- बच्चे खाद्य सामग्री न लेकर आएं, लेकिन पानी की बोतल जरूरी लेकर आएं।
- सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक ही कक्षाएं लगाई जाएंगी।
कोरोना संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं। सरकार ने हर क्षेत्र के उद्योग, बाजार खोल दिए हैं। ऐसे में स्कूल बंद रखना गलत निर्णय था। पढ़ाई जीवन का आधार है। अब बच्चे स्कूल में जाकर अपनी पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए कोरोना से बचाव के सभी साधनों का उचित प्रबंध करना भी आवश्यक है।
- नरेंद्र दिनोद, अभिभावक।
लॉकडाउन के दौरान स्कूल प्रशासन की ओर से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की थी। मगर ऑनलाइन पढ़ाई के फायदे से अधिक नुकसान थे। इसमें बच्चे ठीक से पढ़ाई नहीं कर रहे थे। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने के बहाने बच्चे मोबाइल और लैपटॉप में गेम खेलने में लगे रहते थे। अब स्कूल खोले जाने से वो आराम से पढ़ाई कर पाएंगे।
- सुनील शर्मा, अभिभावक।
वर्तमान हालत को देखते हुए स्कूल खोलना बहुत आवश्यक है, क्योंकि बच्चे तीन माह से घर पर ही है। इसकी वजह से उनका शारीरिक और मानसिक विकास रुक गया है। स्कूल में होने वाले कार्यक्रमों और अपने दोस्तों से मिलकर बच्चे सुखद अनुभूति करेंगे। सरकार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन भी करना चाहिए।
- वजीर सिंह, प्रदेश प्रेस प्रवक्ता, अध्यापक संघ।
फिलहाल पढ़ाई सिर्फ डिग्री और डिप्लोमा में बदल गई है, क्योंकि कोरोना संक्रमण की वजह से बच्चे स्कूल में नहीं जा पा रहा थे। ऐसे में वो पढ़ाई नहीं कर पाए। सरकार ने स्कूल खोलने का निर्णय सही लिया है। अब विद्यार्थी स्कूल में जाकर अपनी पढ़ाई सुचारु रूप से कर सकेंगे। इसके लिए कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।
- विनोद पिंकू, शारीरिक शिक्षक।
विभाग के पास सैनिटाइजर उपलब्ध, लेकिन छिड़काव नहीं
कैरू। कोरोना संक्रमण के बीच शिक्षा विभाग ने नौवीं से 12वीं तक के स्कूल खोले जाने के आदेश दिए हैं। मगर स्कूल में कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी पुख्ता प्रबंध करने के भी आदेश दिए थे। मगर ग्रामीण क्षेत्र में विभाग के आदेशों का पालन नहीं हो रहा। विभाग ने स्कूलों को सैनिटाइजर तो उपलब्ध करवा दिया, लेकिन अब तक उनका छिड़काव नहीं किया है। गांव देवराला, लोहानी, कैरू के सरकारी स्कूलों में एक बार भी सैनिटाइजर का छिड़काव नहीं हुआ है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैरू के प्राचार्य मदनलाल का कहना है कि शुक्रवार को सुबह ही सैनिटाइजर का छिड़काव करवा दिया जाएगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देवराला के प्राचार्य सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सैनिटाइजर उपलब्ध है और स्कूल में सैनिटाइजर का छिड़काव करवाया जाएगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लोहानी के प्राचार्य सुरेश जांगड़ा ने कहा कि एक दिन पहले कर दिया है, एक बार और किया जाना है। संवाद
बवानीखेड़ा में स्कूल में किया सैनिटाइजर और सफाई
बवानीखेड़ा। बवानीखेड़ा के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सभी कमरों को सैनिटाइजर का छिड़काव करवाया है। प्रधानाचार्या संतोष भाकर, डीपीई देवेंद्र ने बताया कि पूरे विद्यालय को सैनिटाइजर कराया गया है, ताकि किसी प्रकार की कोविड महामारी से बचा जा सके। विद्यालय स्टाफ ने इस दौरान स्कूल परिसर में सफाई अभियान भी चलाया और कोविड से बचाव के लिए उचित सामुदायिक दूरी के लिए गोले भी बनवाए। संवाद
सरकार के आदेशानुसार शुक्रवार से नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के स्कूल खोल दिए जाएंगे। इसके लिए सभी स्कूलों में कोविड-19 सुरक्षा नियमों के तहत सभी तरह की तैयारियां करवा दी गई हैं। स्कूल में आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी से अभिभावकों का अनुमति पत्र और स्वास्थ्य की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
-अजीत श्योराण, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।