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ग्राउंड रिपोर्ट: ताक पर गुणवत्ता, नियमों से खिलवाड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2022 11:39 PM IST
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Sale of cut fruits and vegetables happening in vegetable markets and markets, inviting diseases
ग्राउंड रिपोर्ट:
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ताक पर गुणवत्ता, नियमों से खिलवाड़
भिवानी। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग के नियमों की धज्जियां शहर में सरेआम उड़ाई जा रहे है। विभाग के दावों के विपरीत शहर में कटे फलों और सब्जियों की बिक्री पर रोक नहीं लग पाई है। बाजार में बेचे जा रहे कटे हुए फलों पर धूल, वाहनों के धुएं के साथ ही मक्खियां और अन्य कीटाणु भी बैठते हैं, जो कि बीमारी का कारण बनते हैं।
बाजार में कटे फल व अन्य खाद्य पदार्थ खुले में बेचे जा रहे हैं। शहर में चारों तरफ खुले नाले-नालियों के चलते भिनभिनाती मक्खियों से हर समय बीमारी फैलने का खतरा रहता है। सब्जी मंडी और बाजार में रेहड़ियों पर अनार, अनानास, नारियल, पपीता, अमरूद, तरबूज, खरबूज सहित तमाम कटे फल खुले में बेचे जा रहे हैं। दुकानदार इनको ढकने की भी जहमत नहीं उठा रहे। इसके अलावा टिक्की, समोसा, कचौरी, बर्गर, चाऊमीन भी ठेलों पर बेचे जा रहे हैं। इन पर भी सड़क की धूल और गंदगी बैठती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में संक्रामक रोगों का खतरा अधिक रहता है।
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पॉलिथीन के प्रयोग से भी खो रहे गुणवत्ता
कटे हुए फलों का सेवन कतई न करें। क्योंकि इन फलों पर कीटाणु, जीवाणु बैठते है, जो कि खाने से मानव शरीर में पहुंच कर संक्रामक रोग फैलाने का काम करते हैं। कई जगह रेहड़ियों पर कटे हुए फल पॉलिथीन से ढके देते है। जो भी ग्राहक आता है उसे यही फल चखाते है और उसे यही फल बेच देते है। पॉलिथीन से ढके हुए फल भी शुद्ध नहीं रहते। क्योंकि आधा घंटे से अधिक फल कटने के बाद अपनी गुणवत्ता खोने लगता है।
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मिष्ठान भंडारों में खुले में रखी मिठाई
शहर के हांसी गेट, महम गेट, रोहतक गेट, घंटा घर, हालु बाजार, पतराम गेट, हनुमान ढाणी, भगत सिंह चौक, दादरी गेट, बिचला बाजार, सर्कुलर रोड पर अधिकतर प्रमुख मिष्ठान भंडार है। इन मिष्ठान भंडारों पर सैकड़ों तरह की मिठाई तैयार करने रखी हुई है, लेकिन ये मिठाई पूरी तरह खुले मेें रखी है। सड़क से गुजरने वाले वाहनों के धुएं और धूल की वजह से ये दूषित हो गई है। अगर कोई उनका सेवन करता है तो उसका स्वास्थ्य बिगड़ना स्वाभाविक है। इसके अलावा शहर के अधिकतर मिष्ठान भंडारों पर खाद्य सुरक्षा विभाग के नियमों को ताक पर रखा हुआ है। इन पर मिठाइयों की एक्सपायरी डेट की पर्ची भी नहीं लगा रखी, जिसके कारण ग्राहक को ये नहीं पता चल पाता की कौन सी मिठाई, कितने दिन पर खाने योग्य है।
सस्ते जूस के चक्कर में कर रहे स्वास्थ्य से खिलवाड़
गर्मी के मौसम में जूस पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। मगर, बाजारों में लगी रेहड़ियों पर जो जूस मिल रहा है वह काफी नुकसानदायक है। रेहड़ियों पर इन दिनों 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक का जूस मिल रहा है। अधिकतर रेहड़ियों पर जूस खुले में रहता है, जिसकी वजह से जूस में मक्खी, मच्छर और अन्य कीटाणुओं की वजह से दुषित हो जाता है। अक्सर देखने को मिलता है कि बाजार में लोग सस्ते जूस के चक्कर में अपने स्वास्थ्य के साथ ही खिलवाड़ कर रहे हैं।
कौन सी मिठाई, कब तक होगी खराब:
एक दिन चलने वाली मिठाइयां : चॉकलेट कलाकंद, कलाकंद, बटर स्कॉच कलाकंद, रोज कलाकंद।
दो दिन चलने वाली मिठाइयां : दूध से बनीं मिठाइयां, रसगुल्ला, मिल्क बादाम, मलाई रोल, हरिभोग, रसकदम, गुड़ रसमलाई, रस मलाई, शाही टोस्ट, रबड़ी, रस काटा, खीर मोहन, बंगाली रबड़ी।
चार दिन चलने वाली मिठाइयां : केसर कोकोनट लड्डू, खीर कदम, मेवा भाटी, फ्रूट केक, मोतीचूर मोदक, पेड़ा, घेवर, तिल बुग्गा, सफेद पेड़ा, मिल्क बर्फी, खोवा बादाम, फ्रूट केक, बूंदी लड्डू, प्लेन बर्फी, कोकोनट बर्फी, लाल लड्डू।
सात दिन चलने वाली मिठाइयां : काजू कतली, बालूशाही, मूंग बर्फी, काजू केसर बर्फी, काजू लड्डू, बेसन बर्फी, काजू रोल, केसर गुजिया, मैदा गुजिया, काजू खजूर, पिस्ता लौंग।
30 दिन चलने वाली मिठाइयां : चना लड्डू, बेसन लड्डू, आटा लड्डू, कराची हलवा, सोन हलवा, गजक, चिक्की, अंजीर खजूर बर्फी
विशेषज्ञ की सलाह:
कटे हुए फल व सब्जियों का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। जब भी फल का सेवन करना हो तो महज कुछ देर पहले ही कटे, ताकि उसमें कोई संक्रमण न फैले। साथ ही ऐसे मिठाई का सेवन करने से बचें, जो मक्खी या फिर मच्छर के संपर्क में आई है। अगर, कोई ऐसे मिठाई का सेवन करता है तो उन्हें मच्छर और मक्खी से जनित बीमारी होने का खतरा रहता है। साथ ही उससे डायरिया, हैजा भी हो सकता है। फल व सब्जियों को बाजार से लाकर शुद्ध पानी में धोएं और बाद में उनका सेवन करें।

- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, नागरिक अस्पताल।
वर्जन::
बाजार में कटे हुए फल बेचना गलत है। कोई भी दुकानदार या रेहड़ी चालक ऐसा न करें। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अमल में लगाई जाएगी। साथ ही शीतल पेय बनाने वाले भी शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। अगर कहीं भी खाद्य पदार्थों में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है तो उसके बारे में विभाग को लिखित शिकायत दें, तो हम तुरंत कार्रवाई करेंगे। नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. जोगेंद्र, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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