{"_id":"65832826fb20c8c9930570a6","slug":"restoration-work-of-seth-kirori-mal-park-again-stuck-in-legal-trouble-sessions-court-appointed-lc-bhiwani-news-c-21-hsr1027-283202-2023-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: फिर कानूनी पचड़े में फंसा सेठ किरोड़ीमल पार्क का जीर्णोद्धार का काम, सेशन कोर्ट ने किया एलसी नियुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: फिर कानूनी पचड़े में फंसा सेठ किरोड़ीमल पार्क का जीर्णोद्धार का काम, सेशन कोर्ट ने किया एलसी नियुक्त
Wed, 20 Dec 2023 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 20 Dec 2023 11:15 PM IST
विज्ञापन
भिवानी।
शहर के ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल पार्क का जीर्णोद्धार का काम एक बार फिर कानूनी पचड़े में पड़ने के बाद रुक गया है। पार्क में करीब पौने दो करोड़ के बजट से चहारदीवारी निर्माण का काम चल रहा था, जबकि पार्क के अंदर मंच को विकसित करने के साथ-साथ पार्क के सुंदरीकरण का काम भी होना था। हालांकि एक बार फिर से श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी प्रधान विजय बंसल टैनी ने अदालत के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए न्यायालय में इस मामले में चुनौती दी।
वहीं, बुधवार को सेशन कोर्ट ने इसी मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और कार्यकारी अभियंता को भी तलब किया। इसके बाद सेशन कोर्ट ने इस मामले में एलसी (लोकल कमिश्नर) नियुक्त कर दिया, जो कोर्ट की तरफ से मौके का मुआयना कर यह सुनिश्चित करेगा कि आदेश का उल्लंघन हुआ है या नहीं। वहीं,पार्क की पैमाइश भी कराई जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट कोर्ट को दी जाएगी।
भिवानी का सेठ किरोड़ीमल पार्क देश की आजादी से पहले का है। फिलहाल नगर परिषद पार्क के जीर्णोद्धार का कार्य करा रही है। पहले नगर परिषद ने यहां वेंडिंग जोन बनाने का मसौदा तैयार कर उसका वर्क ऑर्डर जारी करा दिया था, लेकिन काम शुरू हो पाता इससे पहले ही मामला न्यायालय में पहुंच गया।
विज्ञापन
न्यायालय में इस मामले को श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैनी ने चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि सेठ किरोड़ीमल पार्क दानवीर सेठ किरोड़ीमल की पैतृक संपत्ति थी, जिसे अब नगर परिषद में मर्ज किया गया है। न्यायालय ने सेठ किरोड़ीमल पार्क को इसके मूल स्वरूप में ही रखे जाने के आदेश दिए हुए हैं। इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करना न्यायालय के आदेशों की अवमानना होगा। इसके बाद कोर्ट ने कुछ हिदायतों के बाद पार्क में निर्माण की अनुमति दी थी।
अब नगर परिषद इस पार्क की चहारदीवारी का काम करा रही थी कि फिर से रामलीला कमेटी सदस्यों ने कोर्ट का रुख यह तर्क देते हुए किया कि नगर परिषद कोर्ट के आदेशों की अवहेलना रही है। पार्क में चहारदीवारी नहीं कराई जा सकती है। बुधवार को सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सेठ किरोड़ीमल पार्क में एलसी नियुक्त कर दिया है। जबकि वीरवार को निचली अदालत में इसी मामले को लेकर सुनवाई भी होगी।
हमारा मकसद शहर का विकास कराना है, लेकिन कुछ लोग ऐसा होने देना नहीं चाहते हैं। यही वजह है कि सेठ किरोड़ीमल पार्क मामले में फिर से अड़चनें डालना शुरू कर दी हैं। जबकि कोर्ट के आदेशों के अनुसार ही पार्क के चहारदीवारी और सुंदरीकरण का काम किया जाना है। जिसके लिए करीब पौने दो करोड़ का वर्क ऑर्डर भी अलॉट किया हुआ है। पार्क के मूल स्वरूप से किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है।
-भवानी प्रताप सिंह चेयर पर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी।
सेठ किरोड़ीमल पार्क दानवीर सेठ किरोड़ीमल की संपत्ति है, जिसे नगर परिषद में कुछ शर्तों के साथ मर्ज किया गया था। इस पार्क के मूल स्वरूप से किसी तरह की कोई छेड़छाड़ या बदलाव नहीं होगा। नगर परिषद ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है, जिस पर फिर से न्यायालय की शरण ली है। पार्क की चहारदीवारी के नाम पर स्कूल के साथ काफी जगह छोड़ दी गई है, जिस पर दुकानों के निर्माण की तैयारी है। जबकि पूरे पार्क के मूल स्वरूप को इसी स्वरूप में रखा जाना है।
-विजय बंसल टैनी, प्रधान, श्री अग्रसेन लीला कमेटी भिवानी।
विज्ञापन
शहर के ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल पार्क का जीर्णोद्धार का काम एक बार फिर कानूनी पचड़े में पड़ने के बाद रुक गया है। पार्क में करीब पौने दो करोड़ के बजट से चहारदीवारी निर्माण का काम चल रहा था, जबकि पार्क के अंदर मंच को विकसित करने के साथ-साथ पार्क के सुंदरीकरण का काम भी होना था। हालांकि एक बार फिर से श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी प्रधान विजय बंसल टैनी ने अदालत के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए न्यायालय में इस मामले में चुनौती दी।
वहीं, बुधवार को सेशन कोर्ट ने इसी मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और कार्यकारी अभियंता को भी तलब किया। इसके बाद सेशन कोर्ट ने इस मामले में एलसी (लोकल कमिश्नर) नियुक्त कर दिया, जो कोर्ट की तरफ से मौके का मुआयना कर यह सुनिश्चित करेगा कि आदेश का उल्लंघन हुआ है या नहीं। वहीं,पार्क की पैमाइश भी कराई जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट कोर्ट को दी जाएगी।
विज्ञापन
भिवानी का सेठ किरोड़ीमल पार्क देश की आजादी से पहले का है। फिलहाल नगर परिषद पार्क के जीर्णोद्धार का कार्य करा रही है। पहले नगर परिषद ने यहां वेंडिंग जोन बनाने का मसौदा तैयार कर उसका वर्क ऑर्डर जारी करा दिया था, लेकिन काम शुरू हो पाता इससे पहले ही मामला न्यायालय में पहुंच गया।
विज्ञापन
न्यायालय में इस मामले को श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैनी ने चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि सेठ किरोड़ीमल पार्क दानवीर सेठ किरोड़ीमल की पैतृक संपत्ति थी, जिसे अब नगर परिषद में मर्ज किया गया है। न्यायालय ने सेठ किरोड़ीमल पार्क को इसके मूल स्वरूप में ही रखे जाने के आदेश दिए हुए हैं। इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करना न्यायालय के आदेशों की अवमानना होगा। इसके बाद कोर्ट ने कुछ हिदायतों के बाद पार्क में निर्माण की अनुमति दी थी।
अब नगर परिषद इस पार्क की चहारदीवारी का काम करा रही थी कि फिर से रामलीला कमेटी सदस्यों ने कोर्ट का रुख यह तर्क देते हुए किया कि नगर परिषद कोर्ट के आदेशों की अवहेलना रही है। पार्क में चहारदीवारी नहीं कराई जा सकती है। बुधवार को सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सेठ किरोड़ीमल पार्क में एलसी नियुक्त कर दिया है। जबकि वीरवार को निचली अदालत में इसी मामले को लेकर सुनवाई भी होगी।
हमारा मकसद शहर का विकास कराना है, लेकिन कुछ लोग ऐसा होने देना नहीं चाहते हैं। यही वजह है कि सेठ किरोड़ीमल पार्क मामले में फिर से अड़चनें डालना शुरू कर दी हैं। जबकि कोर्ट के आदेशों के अनुसार ही पार्क के चहारदीवारी और सुंदरीकरण का काम किया जाना है। जिसके लिए करीब पौने दो करोड़ का वर्क ऑर्डर भी अलॉट किया हुआ है। पार्क के मूल स्वरूप से किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है।
-भवानी प्रताप सिंह चेयर पर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी।
सेठ किरोड़ीमल पार्क दानवीर सेठ किरोड़ीमल की संपत्ति है, जिसे नगर परिषद में कुछ शर्तों के साथ मर्ज किया गया था। इस पार्क के मूल स्वरूप से किसी तरह की कोई छेड़छाड़ या बदलाव नहीं होगा। नगर परिषद ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है, जिस पर फिर से न्यायालय की शरण ली है। पार्क की चहारदीवारी के नाम पर स्कूल के साथ काफी जगह छोड़ दी गई है, जिस पर दुकानों के निर्माण की तैयारी है। जबकि पूरे पार्क के मूल स्वरूप को इसी स्वरूप में रखा जाना है।
-विजय बंसल टैनी, प्रधान, श्री अग्रसेन लीला कमेटी भिवानी।