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राकेश मलिक हत्याकांड: मास्टर माइंड व दूसरा शूटर गिरफ्तार
भिवानी
Updated Sat, 08 Mar 2014 12:29 AM IST
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भाजपा नेता व व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश मलिक हत्याकांड के मास्टर माइंड राकेश चहल को आईजी स्टाफ की स्पेशल टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे गाजियाबाद की हापुड चुंगी से पकड़ा गया।
उसके साथ ही दूसरे शूटर मंदीप मोथा को भी पकड़ लिया गया। राकेश चहल ने खुलासा किया कि राकेश मलिक के परिवार की वजह से वह और उसके दो भाई जेल गए। इसी रंजिश में उसकी हत्या की गई। आईजी स्पेशल टीम के रेंज फोर्स इंजार्च इंस्पेक्टर जीत सिंह बेनीवाल की टीम ने राकेश चहल और मंदीप मोथा को गिरफ्तार किया।
इंस्पेक्टर जीत सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि राकेश चहल और मंदीप गाजियाबाद में है। जिसके बाद वे अपनी टीम को लेकर वहां गए। वहां हापुड चुंगी के पास वाले टी प्वाइंट पर राकेश चहल और मंदीप उर्फ मोथा दिखे।
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दोनों ने भागने का प्रयास किया किन्तु दोनों को दौड़ाकर दबोच लिया गया। पूछताछ में राकेश चहल ने बताया कि राकेश मलिक के चाचा के साथ उनका झगड़ा था और 307 का मुकदजा दर्ज हुआ था। इस मामले में उसे व उसके दो भाइयों को पांच-पांच साल कैद हुई थी। इस मामले में राकेश चहल बेल जंपर है। करीब दो साल पहले वह आया था, मगर वापस नहीं गया।
इसी दौरान उसने राकेश मलिक की हत्या की योजना बनाई। राकेश चहल वाहन चोरी करने का भी मास्टर है और उस पर वाहन चोरी के अनेक मामले दर्ज है। 307 के भी दो-तीन मामले दर्ज है। दोनों को पकड़ने वाले आईजी स्पेशल स्टाफ की टीम में इंस्पेक्टर जीत सिंह बैनीवाल के अलावा सब इंस्पेक्टर सुनील बैनीवाल, एएसआई राज कुमार हेड कांस्टेबल नवदीप सिंह, सुरेंद्र, ईएसआई राज कुमार शामिल रहे। आईजी स्टाफ की इसी टीम ने मुख्य शूटर जसबीर उर्फ जस्सी को भी पकड़ा था।
मंदीप मोथा के पांव में लगी है गोली
जीत राम ने बताया कि जिस समय मंदीप मोथा पुलिस के हत्थे चढ़ा, उस समय उसके पांव में गोली लगी हुई थी। पूछताछ में मोथा ने पुलिस को बताया कि पिस्टल की सेटिंग करते वक्त चली गोली उसके पांव में लगी थी।
सीबीआई जांच की मांग उठी
भाजपा नेता और व्यापार मंडल के प्रधान राकेश मलिक हत्याकांड की अब सीबीआई जांच की मांग उठ खड़ी हुई है। शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा में उमड़े जनसमूह ने सीबीआई जांच की मांग उठाई और इस बारे में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार ओमप्रकाश मांजू को ज्ञापन सौंपा।
लोगों ने जुलूस निकालकर शूटर जसबीर के बयान के आधार पर मिल मालिक को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की और धरना दिया। सिवानी के डीएसपी राजबीर सिंह ने तीन दिन का समय मांगा, मगर लोग नहीं माने।
बाद में सोमवार तक का समय देते हुए चेतावनी दी कि सोमवार तक गिरफ्तार नहीं हुई तो लोग फिर से सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। 21 फरवरी को तोशाम की अनाज मंडी में भाजपा नेता व व्यापार मंडल के प्रधान राकेश मलिक की दो बाइक सवार युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने मामले में एक महिला समेत चार लोगाें को गिरफ्तार किया गया है। परिजनों ने एक मंत्री व सांसद पर हत्या कराने का आरोप लगाया था। मामले में एक मिल मालिक का भी नाम सामने आया।
दो रोज पूर्व राकेश मलिक के घर चोरी करने के प्रयास का भी मामला सामने आया। घटना के 25 दिन बाद भी परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। राकेश मलिक को श्रद्धांजलि देने के लिए शुक्रवार को जनसैलाब श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
मामले में पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। गिरफ्तारी के नाम पर भी कोरम पूर्ति हुई है। असली आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि पुलिस किसी के दबाव में काम कर रही है। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
कमल सिंह, प्रदेश प्रवक्ता, हजकां
जन स्वास्थ्य मंत्री का यह कहना कि वह राकेश मलिक को जानती नहीं, हास्यास्पद है। मामले का खुलासा कर असली आरोपियों को सलाखों के पीछे डालना होगा। पार्टी परिजनों के साथ है। वे जो फैसला लेंगे, कार्यकर्ता कदम से कदम मिलाकर चलेंगे।
सुनील लांबा, जिला प्रधान, इनेलो
राकेश के परिजनों को लगातार धमकियां मिल रही हैं। हत्यारों की गिरफ्तारी तो दूर पुलिस परिजनों को सुरक्षा भी मुहैया नहीं करा पाई है। यह बड़ी लापरवाही है। पुलिस-प्रशासन जिनके इशारे पर काम कर रहा है, उसे बेनकाब किया जाना चाहिए। हत्याकांड की सीबीआई जांच हो।
मुकेश गौड़, प्रदेश अध्यक्ष, भाजयुमो
पुलिस जिस जसविंदर को शूटर बता रही है, उसने सबके सामने मिल मालिक का नाम उगला है। फिर भी मिल मालिक को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है। जिन तीन लोगों के विरुद्ध नामजद प्रकरण दर्ज कराया था, उनकी भी गिरफ्तारी न किया जाना अन्याय है।
जोगेंद्र मलिक, मृतक के भाई
ये रहे मौजूद
सभा में नीलम अग्रवाल, एडवोकेट जगवंत पंघाल, अनूप बागनवाला, सुरेश बागनवाला, हरीश तोशामिया, नरेंद्र खानक, धारण के पूर्व सरपंच अमर सिंह, बामला से वीरेंद्र ग्रेवाल, सज्जन ढाणी माहू, सोमबीर तोशामिया, जयप्रकाश सिढाण, युधिष्ठिर शर्मा, अजीत फौजी, मास्टर चंद्रभान, सरपंच देवराज गोयल, सहित भाजपा, हजकां, इनेलो, सभापा, आम आदमी पार्टी, विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
ये उठाईं मांगें
- राकेश के हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
- हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराई जाए।
- राकेश को शहीद का दर्जा दिया जाए।
- नगर के किसी चौराहे पर राकेश मलिक की प्रतिमा लगायी जाए।
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उसके साथ ही दूसरे शूटर मंदीप मोथा को भी पकड़ लिया गया। राकेश चहल ने खुलासा किया कि राकेश मलिक के परिवार की वजह से वह और उसके दो भाई जेल गए। इसी रंजिश में उसकी हत्या की गई। आईजी स्पेशल टीम के रेंज फोर्स इंजार्च इंस्पेक्टर जीत सिंह बेनीवाल की टीम ने राकेश चहल और मंदीप मोथा को गिरफ्तार किया।
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इंस्पेक्टर जीत सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि राकेश चहल और मंदीप गाजियाबाद में है। जिसके बाद वे अपनी टीम को लेकर वहां गए। वहां हापुड चुंगी के पास वाले टी प्वाइंट पर राकेश चहल और मंदीप उर्फ मोथा दिखे।
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दोनों ने भागने का प्रयास किया किन्तु दोनों को दौड़ाकर दबोच लिया गया। पूछताछ में राकेश चहल ने बताया कि राकेश मलिक के चाचा के साथ उनका झगड़ा था और 307 का मुकदजा दर्ज हुआ था। इस मामले में उसे व उसके दो भाइयों को पांच-पांच साल कैद हुई थी। इस मामले में राकेश चहल बेल जंपर है। करीब दो साल पहले वह आया था, मगर वापस नहीं गया।
इसी दौरान उसने राकेश मलिक की हत्या की योजना बनाई। राकेश चहल वाहन चोरी करने का भी मास्टर है और उस पर वाहन चोरी के अनेक मामले दर्ज है। 307 के भी दो-तीन मामले दर्ज है। दोनों को पकड़ने वाले आईजी स्पेशल स्टाफ की टीम में इंस्पेक्टर जीत सिंह बैनीवाल के अलावा सब इंस्पेक्टर सुनील बैनीवाल, एएसआई राज कुमार हेड कांस्टेबल नवदीप सिंह, सुरेंद्र, ईएसआई राज कुमार शामिल रहे। आईजी स्टाफ की इसी टीम ने मुख्य शूटर जसबीर उर्फ जस्सी को भी पकड़ा था।
मंदीप मोथा के पांव में लगी है गोली
जीत राम ने बताया कि जिस समय मंदीप मोथा पुलिस के हत्थे चढ़ा, उस समय उसके पांव में गोली लगी हुई थी। पूछताछ में मोथा ने पुलिस को बताया कि पिस्टल की सेटिंग करते वक्त चली गोली उसके पांव में लगी थी।
सीबीआई जांच की मांग उठी
भाजपा नेता और व्यापार मंडल के प्रधान राकेश मलिक हत्याकांड की अब सीबीआई जांच की मांग उठ खड़ी हुई है। शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा में उमड़े जनसमूह ने सीबीआई जांच की मांग उठाई और इस बारे में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार ओमप्रकाश मांजू को ज्ञापन सौंपा।
लोगों ने जुलूस निकालकर शूटर जसबीर के बयान के आधार पर मिल मालिक को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की और धरना दिया। सिवानी के डीएसपी राजबीर सिंह ने तीन दिन का समय मांगा, मगर लोग नहीं माने।
बाद में सोमवार तक का समय देते हुए चेतावनी दी कि सोमवार तक गिरफ्तार नहीं हुई तो लोग फिर से सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। 21 फरवरी को तोशाम की अनाज मंडी में भाजपा नेता व व्यापार मंडल के प्रधान राकेश मलिक की दो बाइक सवार युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने मामले में एक महिला समेत चार लोगाें को गिरफ्तार किया गया है। परिजनों ने एक मंत्री व सांसद पर हत्या कराने का आरोप लगाया था। मामले में एक मिल मालिक का भी नाम सामने आया।
दो रोज पूर्व राकेश मलिक के घर चोरी करने के प्रयास का भी मामला सामने आया। घटना के 25 दिन बाद भी परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। राकेश मलिक को श्रद्धांजलि देने के लिए शुक्रवार को जनसैलाब श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
मामले में पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। गिरफ्तारी के नाम पर भी कोरम पूर्ति हुई है। असली आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि पुलिस किसी के दबाव में काम कर रही है। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
कमल सिंह, प्रदेश प्रवक्ता, हजकां
जन स्वास्थ्य मंत्री का यह कहना कि वह राकेश मलिक को जानती नहीं, हास्यास्पद है। मामले का खुलासा कर असली आरोपियों को सलाखों के पीछे डालना होगा। पार्टी परिजनों के साथ है। वे जो फैसला लेंगे, कार्यकर्ता कदम से कदम मिलाकर चलेंगे।
सुनील लांबा, जिला प्रधान, इनेलो
राकेश के परिजनों को लगातार धमकियां मिल रही हैं। हत्यारों की गिरफ्तारी तो दूर पुलिस परिजनों को सुरक्षा भी मुहैया नहीं करा पाई है। यह बड़ी लापरवाही है। पुलिस-प्रशासन जिनके इशारे पर काम कर रहा है, उसे बेनकाब किया जाना चाहिए। हत्याकांड की सीबीआई जांच हो।
मुकेश गौड़, प्रदेश अध्यक्ष, भाजयुमो
पुलिस जिस जसविंदर को शूटर बता रही है, उसने सबके सामने मिल मालिक का नाम उगला है। फिर भी मिल मालिक को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है। जिन तीन लोगों के विरुद्ध नामजद प्रकरण दर्ज कराया था, उनकी भी गिरफ्तारी न किया जाना अन्याय है।
जोगेंद्र मलिक, मृतक के भाई
ये रहे मौजूद
सभा में नीलम अग्रवाल, एडवोकेट जगवंत पंघाल, अनूप बागनवाला, सुरेश बागनवाला, हरीश तोशामिया, नरेंद्र खानक, धारण के पूर्व सरपंच अमर सिंह, बामला से वीरेंद्र ग्रेवाल, सज्जन ढाणी माहू, सोमबीर तोशामिया, जयप्रकाश सिढाण, युधिष्ठिर शर्मा, अजीत फौजी, मास्टर चंद्रभान, सरपंच देवराज गोयल, सहित भाजपा, हजकां, इनेलो, सभापा, आम आदमी पार्टी, विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
ये उठाईं मांगें
- राकेश के हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
- हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराई जाए।
- राकेश को शहीद का दर्जा दिया जाए।
- नगर के किसी चौराहे पर राकेश मलिक की प्रतिमा लगायी जाए।