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10 वर्षों से प्राइवेट स्कूल और निजी अस्पताल नहीं भर रहे टैक्स
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रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
शहर में बेरोक-टोक चल रहे प्राइवेट स्कूल और प्राइवेट अस्पतालों में अधिकतर ने 10-10 साल से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा है। ऐसे में अब इनका टैक्स लाखों में बन गया है। कुल दो करोड़ रुपये नगर परिषद के स्कूल और अस्पतालों में फंसे हैं। टैक्स की रिकवरी के लिए अब नगर परिषद ने करीब 100 स्कूल और 40 अस्पतालों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। जिसमें इन्हें 15 दिन में टैक्स भरने की बात कही गई है। 15 दिन में टैक्स नहीं भरने पर 18 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
नगर परिषद बजट की कमी से जूझ रहा है। अक्सर कर्मचारियों का वेतन देने के लिए भी राशि नहीं होती। इस कारण तीन-तीन महीने बाद कर्मचारी प्रदर्शन करते हैं और फिर उन्हें वेतन मिलता है। इसमें नगर परिषद के कर्मचारियों की लापरवाही है। हालात ये हैं कि अनेक स्कूल संचालकों, प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने पिछले 10-10 साल से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा है। कुछ तो ऐसे हैं, जिन्होंने निर्माण के बाद टैक्स ही नहीं भरा मगर अब नप 10-10 साल का ही नोटिस भेज रहा है।
नगर परिषद ने टैक्स नहीं भरने वाले स्कूलों की लिस्ट बनाई तो करीब एक सौ स्कूल ऐसे है जो टैक्स नहीं भर रहे। इनमें शहर के कुछ बड़े स्कूल भी शामिल हैं। अधिकतर स्कूल एक एकड़ के दायरे में बने हैं। कुछ नामी बड़े स्कूलों का एक से दो साल का टैक्स लंबित है। ये सवा लाख से तीन लाख रुपये तक है।
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शिक्षण संस्थाओं के लिए यह तय है टैक्स
- एक एकड़ में बने स्कूलों के लिए पांच हजार रुपये प्रति वर्ष
- एक एकड़ से अधिक और ढाई एकड़ तक की जगह में बने स्कूलों के लिए 75 हजार रुपये प्रति वर्ष
- ढाई एकड़ से अधिक और पांच एकड़ तक की जगह में बने स्कूल के लिए सवा लाख रुपये वार्षिक
- पांच एकड़ से अधिक की जगह में बने स्कूल के लिए दो लाख रुपये प्रति वर्ष
एजूकेशन बोर्ड पर बकाया है 70 लाख का टैक्स
नगर परिषद के बड़े बकाएदारों की बात करें तो हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने पिछले चार साल से टैक्स नहीं भरा है जो कि करीब 70 लाख रुपये है। इसके अलावा मार्केटिंग बोर्ड का करीब 35 लाख रुपये बकाया है, जो 10 साल से नहीं भरा गया है। सिंचाई विभाग का करीब 17 लाख रुपये बकाया है।
31 जनवरी तक टैक्स भरने मिलेगी छूट
शहरी निकाय निदेशालय ने 31 जनवरी तक टैक्स जमा कराने पर ब्याज और जुर्माने में छूट का प्रावधान किया है। ऐसे में लोग अपना टैक्स जमा कराकर इसका लाभ उठा सकते है।
शिक्षण संस्थाओं, निजी अस्पतालों को टैक्स नहीं भरने पर नोटिस भेजे जा रहे है। निर्धारित समयावधि में टैक्स नहीं भरने पर अतिरिक्त ब्याज देना होगा। 31 जनवरी तक ब्याज में छूट का प्रावधान है तो सभी इसका फायदा उठाए। टैक्स नहीं भरने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश महता, सचिव, नगर परिषद
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नगर परिषद बजट की कमी से जूझ रहा है। अक्सर कर्मचारियों का वेतन देने के लिए भी राशि नहीं होती। इस कारण तीन-तीन महीने बाद कर्मचारी प्रदर्शन करते हैं और फिर उन्हें वेतन मिलता है। इसमें नगर परिषद के कर्मचारियों की लापरवाही है। हालात ये हैं कि अनेक स्कूल संचालकों, प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने पिछले 10-10 साल से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा है। कुछ तो ऐसे हैं, जिन्होंने निर्माण के बाद टैक्स ही नहीं भरा मगर अब नप 10-10 साल का ही नोटिस भेज रहा है।
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नगर परिषद ने टैक्स नहीं भरने वाले स्कूलों की लिस्ट बनाई तो करीब एक सौ स्कूल ऐसे है जो टैक्स नहीं भर रहे। इनमें शहर के कुछ बड़े स्कूल भी शामिल हैं। अधिकतर स्कूल एक एकड़ के दायरे में बने हैं। कुछ नामी बड़े स्कूलों का एक से दो साल का टैक्स लंबित है। ये सवा लाख से तीन लाख रुपये तक है।
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शिक्षण संस्थाओं के लिए यह तय है टैक्स
- एक एकड़ में बने स्कूलों के लिए पांच हजार रुपये प्रति वर्ष
- एक एकड़ से अधिक और ढाई एकड़ तक की जगह में बने स्कूलों के लिए 75 हजार रुपये प्रति वर्ष
- ढाई एकड़ से अधिक और पांच एकड़ तक की जगह में बने स्कूल के लिए सवा लाख रुपये वार्षिक
- पांच एकड़ से अधिक की जगह में बने स्कूल के लिए दो लाख रुपये प्रति वर्ष
एजूकेशन बोर्ड पर बकाया है 70 लाख का टैक्स
नगर परिषद के बड़े बकाएदारों की बात करें तो हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने पिछले चार साल से टैक्स नहीं भरा है जो कि करीब 70 लाख रुपये है। इसके अलावा मार्केटिंग बोर्ड का करीब 35 लाख रुपये बकाया है, जो 10 साल से नहीं भरा गया है। सिंचाई विभाग का करीब 17 लाख रुपये बकाया है।
31 जनवरी तक टैक्स भरने मिलेगी छूट
शहरी निकाय निदेशालय ने 31 जनवरी तक टैक्स जमा कराने पर ब्याज और जुर्माने में छूट का प्रावधान किया है। ऐसे में लोग अपना टैक्स जमा कराकर इसका लाभ उठा सकते है।
शिक्षण संस्थाओं, निजी अस्पतालों को टैक्स नहीं भरने पर नोटिस भेजे जा रहे है। निर्धारित समयावधि में टैक्स नहीं भरने पर अतिरिक्त ब्याज देना होगा। 31 जनवरी तक ब्याज में छूट का प्रावधान है तो सभी इसका फायदा उठाए। टैक्स नहीं भरने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश महता, सचिव, नगर परिषद