{"_id":"672d2975a67a91f59f02c655","slug":"program-in-biran-to-create-awareness-about-the-rights-of-daughters-bhiwani-news-c-125-1-bwn1005-125391-2024-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: बेटियों के अधिकारों के प्रति जागरू करने के लिए बीरण में कार्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: बेटियों के अधिकारों के प्रति जागरू करने के लिए बीरण में कार्यक्रम
विज्ञापन
भिवानी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और बेटियों के अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वीरवार को गांव बीरण में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के समाज में योगदान को सम्मानित करना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को बढ़ावा देना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीण स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और पंचायत के सदस्यों की उपस्थिति में हुई। इस मौके पर नेहरू युवा केंद्र की स्वयंसेविका रानी मान ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक सोच है।
जो समाज को आगे बढ़ाने में सहायक है। बेटियों को शिक्षित करना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उनके अधिकारों की रक्षा करें।
विज्ञापन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला सशक्तिकरण नुक्कड़ नाटक रहा, जिसमें बेटियों के महत्व, उनके शिक्षित होने से समाज को मिलने वाले लाभ और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के खात्मे पर आधारित संदेश प्रस्तुत किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया गया कि कैसे महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देकर देश के विकास में सहायक बन सकती हैं और समाज में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। संवादए
विज्ञापन
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के समाज में योगदान को सम्मानित करना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को बढ़ावा देना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीण स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और पंचायत के सदस्यों की उपस्थिति में हुई। इस मौके पर नेहरू युवा केंद्र की स्वयंसेविका रानी मान ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक सोच है।
विज्ञापन
जो समाज को आगे बढ़ाने में सहायक है। बेटियों को शिक्षित करना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उनके अधिकारों की रक्षा करें।
विज्ञापन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला सशक्तिकरण नुक्कड़ नाटक रहा, जिसमें बेटियों के महत्व, उनके शिक्षित होने से समाज को मिलने वाले लाभ और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के खात्मे पर आधारित संदेश प्रस्तुत किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया गया कि कैसे महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देकर देश के विकास में सहायक बन सकती हैं और समाज में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। संवादए