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Bhiwani News: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब, ग्रैप 3 लागू, तोशाम में खनन पर लगी पाबंदी
Wed, 12 Nov 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 12 Nov 2025 01:38 AM IST
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भिवानी- तोशाम मार्ग पर मंगलवार दोपहर को छाया स्मॉग।
तोशाम। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के चलते मंगलवार से ग्रैप 3 के प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। इसके तहत खानक और खरकड़ी सोहान में खनन कार्य पर पाबंदी लग गई है। अगले आदेशों तक खनन कार्य बंद रहेगा। खनन कार्य बंद होते ही भवन निर्माण सामग्री के भाव में तेजी देखी गई।
मंगलवार सुबह क्रशर और रोड़ी का भाव 750 रुपये प्रति टन तक पहुंच गया जबकि दोपहर तक यह 850 रुपये प्रति टन तक बढ़ गया। इससे मकान निर्माण और विकास परियोजनाओं पर एक बार फिर ब्रेक लग सकता है। ग्रैप 3 लागू होने से खानक और खरकड़ी सोहान के पहाड़ों में खनन कार्य पूरी तरह ठप हो गया। क्रशर इकाइयां बंद होने से भवन निर्माण सामग्री का भाव 200 रुपये प्रति टन तक बढ़ गया। पाबंदी अधिक समय तक जारी रहने पर सामग्री की उपलब्धता होने पर भी संकट पैदा हो सकता है।
रोजगार पर भी संकट
खनन कार्य बंद रहने से स्थानीय रोजगार पर असर पड़ेगा। लगभग 10 हजार से अधिक लोग पहाड़ खनन से जुड़े हैं। खनन बंद होने से सबसे बड़ा संकट डंपर मालिकों के सामने खड़ा होता है क्योंकि काम बंद के दौरान डंपरों की किश्त भरना मुश्किल हो जाता है। साथ ही मार्केट में मंदी का दौर भी शुरू हो सकता है।
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भवन निर्माण सामग्री के भाव में बढ़ोतरी
ग्रैप 3 लागू होते ही भवन सामग्री के भाव एक दिन में ही दो बार बढ़ गए। सोमवार को क्रशर का भाव 700 रुपये प्रति टन और रोड़ी का भाव 650 रुपये प्रति टन था। मंगलवार सुबह ग्रैप 3 लागू होते ही क्रैशर और रोड़ी का भाव 750 रुपये प्रति टन किया गया। वहीं दोपहर बाद यह 850 रुपये प्रति टन तक पहुंच गया। एचएसआईआईडीसी के मैनेजर रविन्द्र जाखड़ ने बताया कि ग्रैप 3 लागू होने से खनन कार्य बंद हो गया है और इसका सीधा असर भवन निर्माण सामग्री के भाव पर पड़ा है।
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मंगलवार सुबह क्रशर और रोड़ी का भाव 750 रुपये प्रति टन तक पहुंच गया जबकि दोपहर तक यह 850 रुपये प्रति टन तक बढ़ गया। इससे मकान निर्माण और विकास परियोजनाओं पर एक बार फिर ब्रेक लग सकता है। ग्रैप 3 लागू होने से खानक और खरकड़ी सोहान के पहाड़ों में खनन कार्य पूरी तरह ठप हो गया। क्रशर इकाइयां बंद होने से भवन निर्माण सामग्री का भाव 200 रुपये प्रति टन तक बढ़ गया। पाबंदी अधिक समय तक जारी रहने पर सामग्री की उपलब्धता होने पर भी संकट पैदा हो सकता है।
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रोजगार पर भी संकट
खनन कार्य बंद रहने से स्थानीय रोजगार पर असर पड़ेगा। लगभग 10 हजार से अधिक लोग पहाड़ खनन से जुड़े हैं। खनन बंद होने से सबसे बड़ा संकट डंपर मालिकों के सामने खड़ा होता है क्योंकि काम बंद के दौरान डंपरों की किश्त भरना मुश्किल हो जाता है। साथ ही मार्केट में मंदी का दौर भी शुरू हो सकता है।
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भवन निर्माण सामग्री के भाव में बढ़ोतरी
ग्रैप 3 लागू होते ही भवन सामग्री के भाव एक दिन में ही दो बार बढ़ गए। सोमवार को क्रशर का भाव 700 रुपये प्रति टन और रोड़ी का भाव 650 रुपये प्रति टन था। मंगलवार सुबह ग्रैप 3 लागू होते ही क्रैशर और रोड़ी का भाव 750 रुपये प्रति टन किया गया। वहीं दोपहर बाद यह 850 रुपये प्रति टन तक पहुंच गया। एचएसआईआईडीसी के मैनेजर रविन्द्र जाखड़ ने बताया कि ग्रैप 3 लागू होने से खनन कार्य बंद हो गया है और इसका सीधा असर भवन निर्माण सामग्री के भाव पर पड़ा है।