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युवक का मुंह काला कर जुलूस निकालने के मामले में सोशल मीडिया को खंगालने में जुटी पुलिस
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पीड़ित परिवार से मिलने के लिए गांव घुसकानी पहुंचे एडवोकेट रजत कलसन। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। गांव घुसकानी निवासी मंदबुद्धि युवक का मुंह काला कर उसे जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकालने के मामले में पुलिस सोशल मीडिया के खाते खंगालने में जुटी हुई है। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। वहीं दूसरी ओर नेशनल अलायंस फॉर दलित ह्यूमन राइट्स संगठन ने गांव का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की है।
बता दें कि 20 सितंबर को छेड़छाड़ के एक मामले में गांव घुसकानी निवासी एक मंदबुद्धि युवक के मुंह पर गांव मिताथल में कालिख पोती गई और उसके बाद उसे जूतों की माला पहनाई गई। इतना ही नहीं इसी हालत में गांव मिताथल से घुसकानी तक उसका जुलूस भी निकाला गया। बाद में इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी गई। 14 अक्तूबर को पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस सोशल मीडिया के खाते खंगालने में जुटी हुई है।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे संगठन के सदस्य
गांव घुसकानी निवासी पीड़ित परिवार से मिलने के लिए शुक्रवार को नेशनल अलायंस फॉर दलित ह्यूमन राइट्स संगठन के पदाधिकारियों ने गांव का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित युवक के परिवार से मामले की जानकारी ली और पुलिस से भी कार्रवाई के बारे में बात की।
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फैसला करने वालों पर केस दर्ज करने की मांग
नेशलन अलायंस फॉर दलित ह्यूमन राइट्स संगठन के कोऑर्डिनेटर एडवोकेट रजत कलसन ने कहा कि दोनों ही परिवार अनुसूचित जाति के हैं। मगर जिन लोगों ने युवक का मुंह काला करने और उसे जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकालने का फैसला किया है, वे सवर्ण जाति के हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी जरूरी है। उन्होंने बताया कि पीड़ित युवक के पिता ने उन सभी लोगों के नाम और जानकारी संगठन को दी है। इस बारे में पुलिस के आला अधिकारियों से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
जल्द कार्रवाई की जाएगी
पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है। सोशल मीडिया के खाते खंगाले जा रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- भीष्म, प्रभारी, गुजरानी पुलिस चौकी।
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बता दें कि 20 सितंबर को छेड़छाड़ के एक मामले में गांव घुसकानी निवासी एक मंदबुद्धि युवक के मुंह पर गांव मिताथल में कालिख पोती गई और उसके बाद उसे जूतों की माला पहनाई गई। इतना ही नहीं इसी हालत में गांव मिताथल से घुसकानी तक उसका जुलूस भी निकाला गया। बाद में इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी गई। 14 अक्तूबर को पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस सोशल मीडिया के खाते खंगालने में जुटी हुई है।
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पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे संगठन के सदस्य
गांव घुसकानी निवासी पीड़ित परिवार से मिलने के लिए शुक्रवार को नेशनल अलायंस फॉर दलित ह्यूमन राइट्स संगठन के पदाधिकारियों ने गांव का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित युवक के परिवार से मामले की जानकारी ली और पुलिस से भी कार्रवाई के बारे में बात की।
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फैसला करने वालों पर केस दर्ज करने की मांग
नेशलन अलायंस फॉर दलित ह्यूमन राइट्स संगठन के कोऑर्डिनेटर एडवोकेट रजत कलसन ने कहा कि दोनों ही परिवार अनुसूचित जाति के हैं। मगर जिन लोगों ने युवक का मुंह काला करने और उसे जूतों की माला पहनाकर जुलूस निकालने का फैसला किया है, वे सवर्ण जाति के हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी जरूरी है। उन्होंने बताया कि पीड़ित युवक के पिता ने उन सभी लोगों के नाम और जानकारी संगठन को दी है। इस बारे में पुलिस के आला अधिकारियों से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
जल्द कार्रवाई की जाएगी
पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है। सोशल मीडिया के खाते खंगाले जा रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- भीष्म, प्रभारी, गुजरानी पुलिस चौकी।