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पीपीपी के चक्कर में उलझीं योजनाएं, लापरवाही से अटके काम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2022 12:09 AM IST
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Plans got entangled in the affair of PPP, work stuck due to carelessness
गुलशन अपनी पत्नी नीरू के साथ। संवाद - फोटो : Bhiwani
संजय वर्मा
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भिवानी। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के चक्कर में सरकारी सेवाएं उलझ गई हैं। लापरवाही की वजह से लोगों के जरूरी काम भी अटक गए हैं। इस समय बच्चों के स्कूलों में दाखिले चल रहे हैं, ऐसे में आय प्रमाणपत्र भी नहीं बन रहे हैं। वहीं कई लाभपात्रों की पेंशन पर भी कैंची चल चुकी है तो कई बेरोजगारों को परिवार पहचान पत्र में अच्छा खासा रोजगार तक दर्शाया गया है। परिणाम यह हुआ कि संबंधित सरकारी विभागों ने अब लाभपात्रों के लाभ पर भी रोक लगा दी है। इसका खामियाजा भुगतने वाले लोग अब परिवार पहचान पत्र की त्रुटियों को लेकर एडीसी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
भिवानी जिले में करीब तीन लाख से अधिक परिवार पहचान पत्र बने हैं। अब तक इनमें से अधिकतर परिवार पहचान पत्रों की सामान्य त्रुटि भी ठीक नहीं हुई हैं, जिसमें नाम, जाति, पते को लेकर भी संशय बना है। इसके बावजूद अब पीपीपी को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में अनिवार्य कर दिया है। इसमें सरल केंद्र में दी जाने वाली सेवाएं भी पीपीपी से जुड़ गई हैं। ऐसे में अगर किसी को आय प्रमाणपत्र भी बनवाना है और उसकी आय प्रमाणित नहीं हुई है तो उसका आय प्रमाणपत्र नहीं बनेगा। आय प्रमाणित हो चुकी है तो उसमें भी मिसमैच है तो भी आय प्रमाणपत्र अटक जाएगा। यही हाल पेंशन लेने वालों का है, जबकि बेरोजगार युवाओं के आंकड़ों में भी अगर कुछ गलत जानकारी दर्ज हो गई है तो फिर उसका भी उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा। फिलहाल स्कूलों में बच्चों के दाखिला चल रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भी तहसील कार्यालय के साथ साथ पीपीपी की त्रुटि ठीक कराने के लिए एडीसी कार्यालय की सीढ़ियां भी नापनी पड़ रही हैं।
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उलझन दूर करने वाले खुद उलझे
परिवार पहचान पत्र की उलझन दूर करने वाले खुद उलझन में फंसे हैं। आय प्रमाणपत्र की गलतियों को ठीक कराने के लिए सेक्टर कमेटी बनाने में उलझे हैं, जबकि जाति की गलती दूर कराने के लिए कानूनगो व पटवारी की ड्यूटी है। नाम, उम्र, पता व दिव्यांग प्रमाण की गलती जोनल सिटीजन रिसोर्स इन्फार्मेशन मैनेजर द्वारा दूर की जानी है। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक पर जेडसीआरआईएम नियुक्त हैं। जन्मतिथि के सत्यापन के लिए जिला सिटीजन रिसोर्स इन्फोर्मेशन मैनेजर की नियुक्ति हैं, लेकिन अभी तक इस सिस्टम ने सही तरीके से काम शुरू नहीं किया है। लोग अपनी समस्याएं लेकर आ रहे हैं, मगर जवाबदेही तय नहीं होने की वजह से काम सुलझने की वजह और उलझ रहे हैं। (संवाद)
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दिव्यांग दंपती एक माह से काट रहा चक्कर
बवानीखेड़ा के वार्ड तीन निवासी शत प्रतिशत दिव्यांग (अंधता) गुलशन अपनी पत्नी नीरू देवी के साथ एक माह से पीपीपी की त्रुटि ठीक कराने के लिए एडीसी कार्यालय के चक्कर काट रहा है। गुलशन ने बताया कि उसकी फरवरी, मार्च और अप्रैल की दिव्यांगता पेंशन नहीं मिली है। उसी के साथ उसकी दिव्यांग पत्नी की पेंशन भी कट गई है। इसकी वजह पीपीपी में खामी बताई गई है। इसे ठीक कराने के लिए दिव्यांग दंपती बवानीखेड़ा से हर तीसरे दिन एडीसी कार्यालय की सीढ़ियां नापने पर मजबूर हैं। सिस्टम पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि परिवार पहचान पत्र बनाने वाले की गलती है। गुलशन का कहना है कि एक साल पहले पीपीपी बनवाया था। तीन माह से पेंशन नहीं आ रही है। पेंशन नहीं मिलने से आर्थिक तंगी आ गई है।
आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए कराया था आवेदन, बच्चों का एडमिशन लटका
मुकेश, संजय व दीपक ने बताया कि उन्हें बच्चों के दाखिला कराने के लिए आय प्रमाणपत्र की जरूरत थी। सरल केंद्र पर ऑनलाइन आवेदन किया था। उनकी आय तीन स्तर की जांच में फंसकर रह गई। कर्मचारी आय मिसमैच बता रहे हैं, जिसके समाधान के लिए अब चक्कर काट रहे हैं। बच्चों के दाखिले भी लटक गए हैं, जब तक सिस्टम पूरी तरह से डाटा अपडेट नहीं हुआ तो योजनाओं से क्यों जोड़ा, अब खामियाजा लोग भुगत रहे हैं।
बीए पास बेरोजगार, फिर भी मुझे दर्शाया कंस्ट्रक्शन वर्कर
लोहारू के सोहांसड़ा निवासी बुद्धराम ने बताया कि बीए पास है और सक्षम के तहत रोजगार पाने के लिए गया था, लेकिन उसके परिवार पहचान पत्र में उसे कंस्ट्रक्शन वर्कर दर्शा दिया। इसकी वजह से उसे कोई लाभ नहीं मिला। अब खुद को बेरोजगार साबित करने के लिए चक्कर काट रहा हूं। गांव से 60 किलोमीटर का सफर तय कर भिवानी मुख्यालय पहुंचा हूं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
परिवार पहचान पत्र बनवाने के बाद भी चालू नहीं हुई बुजुर्ग पेंशन
पूर्व पार्षद शिवकुमार गोठवाल ने बताया कि शांति देवी की बुजुर्ग पेंशन बनी हुई थी। कई सालों से पेंशन लेती रहीं। अब उसे परिवार पहचान पत्र नहीं बनवाने पर पेंशन काट दी। उसने परिवार पहचान पत्र बनवा लिया, फिर भी उसकी पेंशन चालू नहीं हुई। अब समाज कल्याण विभाग और एडीसी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। मगर 2020 से बुजुर्ग को कोई पेंशन नहीं मिल रही है।

मेरे पास नहीं आई शिकायत
मेरे पास अभी ऐसी शिकायत नहीं आई है। शिकायत आते ही उनका समाधान कराया जाएगा। ऑनलाइन सेवाएं लोगों की सुविधाओं के लिए हैं। इनमें आने वाली सभी समस्याओं का निपटारा किया जाएगा।
- राहुल नरवाल, अतिरिक्त उपायुक्त भिवानी।
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