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Bhiwani News: बारिश के बाद धान रोपाई शुरू, मुंढाल क्षेत्र के 800 एकड़ में होगी धान की रोपाई
Mon, 01 Jul 2024 05:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 01 Jul 2024 05:56 AM IST
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भिवानी के गांव मुंढाल में धान की रोपाई करते प्रवासी मजदूर।
भिवानी। प्रदेश में मानसूनी बारिश का आगाज हो चुका है। इसके साथ ही धान रोपाई के कार्य ने भी गति पकड़ ली है। इसके लिए कई प्रवासी मजदूर यहां पहुंच चुके हैं। मौसम विभाग के अनुसार एक, दो दिन में मानसून की बारिश होने के बाद समूचे क्षेत्र में धान रोपाई का काम तेजी से चलेगा। इसलिए किसानों ने धान की पौध पहले ही तैयार कर ली थी।
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि धान रोपाई के लिए 15 जुलाई तक का समय उपयुक्त है। इससे धान की फसल को परिपक्व होने के लिए पूरा समय मिलेगा। इससे पैदावार भी अच्छी होने की उम्मीद रहती है। जिले के मुंढाल क्षेत्र की करीब 800 एकड़ में धान की खेती की जाती है। इन क्षेत्रों में ज्यादातर 1509, 1121, 1718 किस्म के धान की रोपाई की जा रही है। क्योंकि वहां धान की फसल पूरी तरह से मानसून पर निर्भर है।
ऐसे में इन किस्मों में कम बारिश होने पर धान की फसल में काम चल जाता है। हालांकि इस बार मौसम विभाग ने मानसून में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई है। इससे अच्छी बारिश होने पर किसानों को फायदा होगा। वहीं, सिंचाई विभाग ने आबादी में जलभराव से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। इससे किसानों को कम बारिश होने पर नलकूप का सहारा लेना पड़ेगा।
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कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि धान रोपाई के लिए 15 जुलाई तक का समय उपयुक्त है। इससे धान की फसल को परिपक्व होने के लिए पूरा समय मिलेगा। इससे पैदावार भी अच्छी होने की उम्मीद रहती है। जिले के मुंढाल क्षेत्र की करीब 800 एकड़ में धान की खेती की जाती है। इन क्षेत्रों में ज्यादातर 1509, 1121, 1718 किस्म के धान की रोपाई की जा रही है। क्योंकि वहां धान की फसल पूरी तरह से मानसून पर निर्भर है।
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ऐसे में इन किस्मों में कम बारिश होने पर धान की फसल में काम चल जाता है। हालांकि इस बार मौसम विभाग ने मानसून में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई है। इससे अच्छी बारिश होने पर किसानों को फायदा होगा। वहीं, सिंचाई विभाग ने आबादी में जलभराव से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। इससे किसानों को कम बारिश होने पर नलकूप का सहारा लेना पड़ेगा।
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