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Bhiwani News: खुले पिलर बॉक्स बने मौत का कारण, बहल में युवक की जान जाने के बाद भड़का जनआक्रोश
Sat, 05 Jul 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 05 Jul 2025 12:55 AM IST
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कन्या स्कूल के मैन गेट के पास खुला पड़ा पिलर बॉक्स।
बहल। पिलर बॉक्स की चपेट में आने से कस्बे के टाइल्स शोरूम संचालक प्रदीप शर्मा की मौत के बाद कस्बे के लोगों में बिजली निगम के खिलाफ गुस्सा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि वीरवार को हुए हादसे से पहले अनेक बार बिजली निगम को कस्बे में जगह-जगह खुले पड़े पिलर बॉक्सों की हालत सुधारने के लिए कहा गया था। लेकिन बिजली निगम का रवैया उदासीन रहा। प्रदीप की मौत भी निगम की लापरवाही का नतीजा है।
शुक्रवार को भी कस्बे के लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रदीप शर्मा की मौत से गमगीन लोगों ने बिजली निगम के खिलाफ खुलकर भड़ास निकाली। लोगों ने कहा कि कस्बे के हर गली, मोहल्ले में बिजली निगम के पिलर बॉक्स जानलेवा बने हुए है। अधिकतर पिलर बॉक्स बिना जमीनी अर्थिंग के खड़े हैं तो बहुत से पिलर बॉक्स में तार नंगे हैं और वे खुले पड़े हैं। ऐसी हालत में कब और किस पिलर बॉक्स से हादसा हो जाए, कहना मुश्किल है। लोगों ने बिजली निगम में व्यक्तिगत तौर पर फरियाद के अलावा समाचार पत्रों के माध्यम से बिजली निगम को पिलर बाक्सों की हालत से अवगत कराया है, पर बिजली निगम ने इनको सही करने की जहमत नहीं उठाई।
कस्बे के प्रमुख समाजसेवी संगठन बहल युवा एकता संगठन के अलावा अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा कि वे इस संबंध में शीघ्र ही लोगों की एक मीटिंग का आयोजन करेंगे। मीटिंग में बिजली निगम में इस मामले को प्रभावी तौर पर कैसे रखा जाए इस बात पर मंथन किया जाएगा। संगठन सदस्यों ने कहा कि वे अब और इंतजार नहीं कर सकते हैं। अगर शीघ्र ही इस मामले में कदम नहीं उठाए गए तो फिर किसी के साथ हादसा हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि बिजली निगम के अधिकारियों से मिलकर समय सीमा की मांग की जाएगी कि कितने समय में इन पिलर बॉक्सों को सही कर आमजन का जीवन जोखिम रहित हो सके। मामले को लेकर इनसो नेता हिम्मत जावला ने भी निगम के एसडीओ ऋषभ से बात कर तुरंत प्रभाव से इन पिलर बॉक्स को सही करने को कहा है।
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संगठन द्वारा बार-बार पिलर बॉक्स का मामला उठाया गया है। लेकिन, बिजली निगम ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। इस का खामियाजा कस्बे के एक नौजवान को अपनी जान गंवा कर भुगतना पड़ा है। संगठन इस मामले में समाज हित में जल्दी ही फैसला लेगा। संगठन द्वारा कस्बे के पिलर बॉक्स को जोखिम रहित बनवाने के लिए शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
योगेश शर्मा, प्रधान, बहल युवा एकता संगठन।
गमगीन माहौल में हुआ प्रदीप का अंतिम संस्कार
पिलर बाक्स से हादसे का शिकार बना बहल कस्बे का युवा प्रदीप शर्मा का शुक्रवार को मुक्तिधाम में बड़े ही गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। कस्बे के बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर प्रदीप के परिवारजनों को ढांढस बंधाया। प्रदीप शर्मा की वीरवार को उस समय मौत हो गई थी जब वह अपनी दुकान के पास ट्रक को साइड में लगवा रहा था तब उसका हाथ पिलर बाक्स को छू गया और करंट लगने से उसकी मौत हो गई थी। वहीं, प्रदीप की मौत पर प्रदेश के पूर्व मंत्री जेपी दलाल, पूर्व मंडल प्रधान सुनील शर्मा सहित अन्य लोगों ने गहरा दुख प्रकट किया है।
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शुक्रवार को भी कस्बे के लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रदीप शर्मा की मौत से गमगीन लोगों ने बिजली निगम के खिलाफ खुलकर भड़ास निकाली। लोगों ने कहा कि कस्बे के हर गली, मोहल्ले में बिजली निगम के पिलर बॉक्स जानलेवा बने हुए है। अधिकतर पिलर बॉक्स बिना जमीनी अर्थिंग के खड़े हैं तो बहुत से पिलर बॉक्स में तार नंगे हैं और वे खुले पड़े हैं। ऐसी हालत में कब और किस पिलर बॉक्स से हादसा हो जाए, कहना मुश्किल है। लोगों ने बिजली निगम में व्यक्तिगत तौर पर फरियाद के अलावा समाचार पत्रों के माध्यम से बिजली निगम को पिलर बाक्सों की हालत से अवगत कराया है, पर बिजली निगम ने इनको सही करने की जहमत नहीं उठाई।
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कस्बे के प्रमुख समाजसेवी संगठन बहल युवा एकता संगठन के अलावा अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा कि वे इस संबंध में शीघ्र ही लोगों की एक मीटिंग का आयोजन करेंगे। मीटिंग में बिजली निगम में इस मामले को प्रभावी तौर पर कैसे रखा जाए इस बात पर मंथन किया जाएगा। संगठन सदस्यों ने कहा कि वे अब और इंतजार नहीं कर सकते हैं। अगर शीघ्र ही इस मामले में कदम नहीं उठाए गए तो फिर किसी के साथ हादसा हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि बिजली निगम के अधिकारियों से मिलकर समय सीमा की मांग की जाएगी कि कितने समय में इन पिलर बॉक्सों को सही कर आमजन का जीवन जोखिम रहित हो सके। मामले को लेकर इनसो नेता हिम्मत जावला ने भी निगम के एसडीओ ऋषभ से बात कर तुरंत प्रभाव से इन पिलर बॉक्स को सही करने को कहा है।
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संगठन द्वारा बार-बार पिलर बॉक्स का मामला उठाया गया है। लेकिन, बिजली निगम ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। इस का खामियाजा कस्बे के एक नौजवान को अपनी जान गंवा कर भुगतना पड़ा है। संगठन इस मामले में समाज हित में जल्दी ही फैसला लेगा। संगठन द्वारा कस्बे के पिलर बॉक्स को जोखिम रहित बनवाने के लिए शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
योगेश शर्मा, प्रधान, बहल युवा एकता संगठन।
गमगीन माहौल में हुआ प्रदीप का अंतिम संस्कार
पिलर बाक्स से हादसे का शिकार बना बहल कस्बे का युवा प्रदीप शर्मा का शुक्रवार को मुक्तिधाम में बड़े ही गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। कस्बे के बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर प्रदीप के परिवारजनों को ढांढस बंधाया। प्रदीप शर्मा की वीरवार को उस समय मौत हो गई थी जब वह अपनी दुकान के पास ट्रक को साइड में लगवा रहा था तब उसका हाथ पिलर बाक्स को छू गया और करंट लगने से उसकी मौत हो गई थी। वहीं, प्रदीप की मौत पर प्रदेश के पूर्व मंत्री जेपी दलाल, पूर्व मंडल प्रधान सुनील शर्मा सहित अन्य लोगों ने गहरा दुख प्रकट किया है।