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नहर में आया महज 30 फीसदी पानी, कैसे चले काम
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भिवानी। पेयजल संकट से जूझ रहे शहर वासियों के लिए बुरी खबर है। नहर में महज 30 फीसदी पानी आया है। हालात ये हैं कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मोटरों से पानी लिफ्ट करने को मजबूर हैं। ऐसे में आगामी कुछ दिनों में हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी एक दिन छोड़कर एक दिन शहर वासियों के लिए 40 एमएलडी पानी सप्लाई का दावा कर रहे हैं मगर शहर की अधिकतर कॉलोनियों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। टेल की कॉलोनियों में तो पानी पहुंच ही नहीं रहा। अब अधिकारियों को बारिश से ही आस है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की माने तो भाखड़ा और यमुना दोनों में पानी बहुत कम है।
शहर वासी पिछले काफी दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहे है। हालात ये है कि पेयजल की कमी के कारण एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल सप्लाई की जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को आस थी कि 29 जून को नहर में पानी आ जाएगा। नहर में पानी तो आया मगर इतना कम की किसी ने सोची भी नहीं थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार महज 30 फीसदी ही पानी नहर में आया है। पानी अत्यधिक कम होने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पानी को लिफ्ट कर टैंकों में डालने का प्रयास कर रहे है।
अब निनान जलघर और डाबर कॉलोनी जलघर से पानी लेने की तैयारी
शहर में बने पेयजल संकट को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने अब निनान जलघर और डाबर कॉलोनी जलघर से पानी लेने की तैयारी कर ली है ताकि पुराने शहर के लोगों की प्यास बुझाई जा सके।
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40 एमएलडी पानी सप्लाई, 50 प्रतिशत दुरुपयोग तो बनी समस्या
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल शहर में 40 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा है। पेयजल सप्लाई एक दिन छोड़कर एक दिन की जा रही है। विभाग अधिकारियों की माने तो शहरवासी अगर सहीं तरीके से पानी का प्रयोग करें तो यह पानी काफी है मगर दुरुपयोग के कारण टेल की कॉलोनियों में पानी पहुंच ही नहीं रहा। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की माने तो 50 प्रतिशत तक पानी का दुरुपयोग होता है। दुरुपयोग मतलब पानी आदमी की जरूरत के काम आने के बजाय नाली या खेतों में बहता है।
वर्जन
नहर में बहुत कम पानी आया है। हमारे पाइप तक नहीं डूबे। अब पंपिंग से लिफ्ट करके नहर में आए थोड़े पानी को ही टैंकों तक पहुंचा रहे है।शहर में फिलहाल एक दिन छोड़कर एक दिन पानी सप्लाई की जा रही है। 40 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा है। पानी का दुरुपयोग न करें तो यह काफी है मगर 50 फीसदी तक दुरुपयोग होता है।
प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
नहर में फिलहाल जीरो से 88 तक पानी है। नहर में महज 30 फीसदी पानी आया है। भाखड़ा और यमुना में ही पानी बहुत कम हो रखा है। अब तो बारिश से ही आस है। बारिश होगी तो डब्ल्यूजेसी में हालात सुधरेंगे और हमें नहर में पानी मिलेगा। स्थिति से जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी अवगत करवा रखा है।
राहुल शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जूई वाटर सर्विसिज भिवानी
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शहर वासी पिछले काफी दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहे है। हालात ये है कि पेयजल की कमी के कारण एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल सप्लाई की जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को आस थी कि 29 जून को नहर में पानी आ जाएगा। नहर में पानी तो आया मगर इतना कम की किसी ने सोची भी नहीं थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार महज 30 फीसदी ही पानी नहर में आया है। पानी अत्यधिक कम होने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पानी को लिफ्ट कर टैंकों में डालने का प्रयास कर रहे है।
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अब निनान जलघर और डाबर कॉलोनी जलघर से पानी लेने की तैयारी
शहर में बने पेयजल संकट को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने अब निनान जलघर और डाबर कॉलोनी जलघर से पानी लेने की तैयारी कर ली है ताकि पुराने शहर के लोगों की प्यास बुझाई जा सके।
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40 एमएलडी पानी सप्लाई, 50 प्रतिशत दुरुपयोग तो बनी समस्या
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल शहर में 40 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा है। पेयजल सप्लाई एक दिन छोड़कर एक दिन की जा रही है। विभाग अधिकारियों की माने तो शहरवासी अगर सहीं तरीके से पानी का प्रयोग करें तो यह पानी काफी है मगर दुरुपयोग के कारण टेल की कॉलोनियों में पानी पहुंच ही नहीं रहा। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की माने तो 50 प्रतिशत तक पानी का दुरुपयोग होता है। दुरुपयोग मतलब पानी आदमी की जरूरत के काम आने के बजाय नाली या खेतों में बहता है।
वर्जन
नहर में बहुत कम पानी आया है। हमारे पाइप तक नहीं डूबे। अब पंपिंग से लिफ्ट करके नहर में आए थोड़े पानी को ही टैंकों तक पहुंचा रहे है।शहर में फिलहाल एक दिन छोड़कर एक दिन पानी सप्लाई की जा रही है। 40 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा है। पानी का दुरुपयोग न करें तो यह काफी है मगर 50 फीसदी तक दुरुपयोग होता है।
प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
नहर में फिलहाल जीरो से 88 तक पानी है। नहर में महज 30 फीसदी पानी आया है। भाखड़ा और यमुना में ही पानी बहुत कम हो रखा है। अब तो बारिश से ही आस है। बारिश होगी तो डब्ल्यूजेसी में हालात सुधरेंगे और हमें नहर में पानी मिलेगा। स्थिति से जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी अवगत करवा रखा है।
राहुल शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जूई वाटर सर्विसिज भिवानी