फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Online registration mandatory for construction and development projects in the state.

Bhiwani News: प्रदेश में निर्माण और विकास परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 12:58 AM IST
विज्ञापन
Online registration mandatory for construction and development projects in the state.
भिवानी। हरियाणा में निर्माण एवं विकास गतिविधियों से जुड़े सभी परियोजना प्रस्तावकों, फैक्ट्रियों, बिल्डरों, कॉलोनाइजरों तथा वाणिज्यिक उपक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन एवं स्वयं-मूल्यांकन (सेल्फ असेसमेंट) के लिए निर्धारित वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। डीसी साहिल गुप्ता ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा को निर्देश दिए हैं कि इन निर्देशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करवाई जाए।
विज्ञापन

डीसी ने बताया कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से आयोग के 11 जून 2021 के निर्देशों की अनुपालना में यह पोर्टल विकसित किया गया है। सभी पात्र परियोजना प्रस्तावकों को इस पोर्टल पर स्वयं प्रदूषण मूल्यांकन एवं धूल नियंत्रण संबंधी जानकारी ऑनलाइन भरना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि राज्य में 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल पर प्रस्तावित अथवा संचालित सभी मौजूदा एवं आगामी निर्माण एवं विकास परियोजनाओं को निर्माण कार्य शुरू करने से पहले इस वेब पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। केवल एनएचएआई की राजमार्ग परियोजनाओं को इस व्यवस्था से छूट दी गई है।
विज्ञापन

डीसी ने कहा कि आवेदन करने वाले परियोजना प्रस्तावक अथवा निर्माण एजेंसी को अपनी गतिविधियों का स्वयं निरीक्षण एवं स्वयं परीक्षण करना होगा। निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसका तत्काल सुधार करना भी संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी होगी। एचएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि 2.5 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल तथा 10 लाख रुपये या उससे अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं में वेब पोर्टल के माध्यम से लाइव स्ट्रीमिंग वीडियो कैमरे स्थापित करना भी अनिवार्य होगा ताकि निर्माण गतिविधियों की सतत निगरानी की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि धूल प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 5000 वर्ग मीटर या उससे अधिक प्लॉट क्षेत्र अथवा 10000 वर्ग मीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र वाली परियोजनाओं में एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक 5000 वर्ग मीटर क्षेत्र के लिए कम से कम एक अथवा आवश्यकता अनुसार अधिक एंटी स्मॉग गन का उपयोग करना होगा।


निर्माण व विकास परियोजनाओं पर लागू प्रमुख अनिवार्य शर्तें
निर्माण एवं विकास परियोजनाओं के लिए 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली सभी परियोजनाओं का वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है तथा बिना पंजीकरण कोई भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकेगा। सभी परियोजना प्रस्तावकों को स्वयं प्रदूषण मूल्यांकन और धूल नियंत्रण से संबंधित विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होगा और इसकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। 2.5 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल अथवा 10 लाख रुपये या उससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं में निर्माण गतिविधियों की निगरानी के लिए लाइव स्ट्रीमिंग कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा 5000 वर्ग मीटर या उससे अधिक प्लॉट क्षेत्र अथवा 10000 वर्ग मीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र वाली परियोजनाओं में एंटी स्मॉग गन लगाना भी जरूरी होगा जबकि एनएचएआई की राजमार्ग परियोजनाओं को इस व्यवस्था से छूट दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed