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Bhiwani News: दो मशीनों पर एक चिकित्सक, रोजाना 55-60 से आगे मरीजों का नहीं कर पा रहे अल्ट्रासाउंड
Thu, 08 Aug 2024 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 08 Aug 2024 10:22 PM IST
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नागरिक अस्पताल में स्थित अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए दो अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं, लेकिन दोनों पर चिकित्सक एक ही तैनात है। ऐसे में रोजाना ही करीब 55 से 60 अल्ट्रासाउंड करने के बाद चिकित्सक बचे मरीजों की सेवा नहीं दे पा रहा है। जिसकी वजह से बचे मरीजों को अगले दिन फिर से अल्ट्रासाउंड के लिए आने पर मजबूर होना पड़ता है।
वहीं अस्पताल में बाल रोगियों के लिए नीकू वार्ड भी बना है। जिसके अंदर फिलहाल पीलिया, वायरल बुखार और उल्टी दस्त से पीड़ित करीब 35 बच्चे उपचार ले रहे हैं। बच्चों के बीमार होने का सबसे बड़ा कारण फिलहाल मानसून का मौसम बना है। बता दें कि जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना ही करीब साढ़े 12 सौ मरीजों की ओपीडी हो रही है। ओपीडी में आने वाले मरीजों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं के लिए भी अल्ट्रासाउंड प्रेफर किया जा रहा है।
गंदे पानी का सेवन की वजह से भी लोगों का पेट दर्द हो रहा है। ऐसे में चिकित्सक उन्हें दवा देने से पहले अल्ट्रासाउंड का सुझाव देता है। अल्ट्रासाउंड कराने जब मरीज पहुंचते हैं तो पहले से ही पर्चियों की ढेरी लगी रहती है। ऐसे में वरीयता अनुसार सिर्फ 55 से 60 मरीजों के ही रोजाना अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं, बाकी मरीजों को अगले दिन सुबह फिर आने के लिए बोल दिया जाता है। यही वजह है कि मरीज दोबारा चक्कर लगाने के बजाय प्राइवेट अल्ट्रासाउंड कराने पहुंच जाते हैं। जिससे उनका पैसा भी खर्च हो रहा है। जबकि अस्पताल में ये सुविधा बिलकुल मुफ्त है।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें मुहैया कराई हुई हैं। दोनों ही मशीनें चालू हालत में हैं। फिलहाल एक ही मशीन का प्रयोग हो रहा है, जबकि दूसरी को रिजर्व में रखा हुआ है। पहली मशीन के खराब होने या दिक्कत आने पर ही दूसरी का इस्तेमाल चिकित्सक कर रहे हैं। अल्ट्रासाउंड करने वाले का एक ही चिकित्सक है। जिस तरह से अस्पताल में मरीज आते हैं ऐसे में अल्ट्रासाउंड की दूसरी मशीन पर भी चिकित्सक की दरकार है।
हर रोज होते हैं 20 से 25 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड
नागरिक अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी भी अल्ट्रासाउंड कक्ष के समीप ही बनाई गई है। रोजाना ही नागरिक अस्पताल में गर्भवती महिलाएं भी रुटीन चेकअप के लिए आती हैं, उन्हें अल्ट्रासाउंड का सुझाव दिया जाता है। अल्ट्रासाउंड से ही पेट में बच्चे की स्थिति का पता लगता है। इसके अलावा आईसीयू में दाखिल मरीजों के भी अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं, जबकि ओपीडी में सामान्य चेकअप कराने वाले मरीज भी अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में सीमित अल्ट्रासाउंड होने से काफी मरीजों को निराश ही लौटना पड़ता है।
जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें हैं। एक चिकित्सक तैनात किया हुआ है। नए चिकित्सकों की भर्ती के लिए मुख्यालय से लगातार पत्राचार हो रहा है। नए चिकित्सक आने पर ही मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में विस्तार संभव होगा।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।
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वहीं अस्पताल में बाल रोगियों के लिए नीकू वार्ड भी बना है। जिसके अंदर फिलहाल पीलिया, वायरल बुखार और उल्टी दस्त से पीड़ित करीब 35 बच्चे उपचार ले रहे हैं। बच्चों के बीमार होने का सबसे बड़ा कारण फिलहाल मानसून का मौसम बना है। बता दें कि जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना ही करीब साढ़े 12 सौ मरीजों की ओपीडी हो रही है। ओपीडी में आने वाले मरीजों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं के लिए भी अल्ट्रासाउंड प्रेफर किया जा रहा है।
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गंदे पानी का सेवन की वजह से भी लोगों का पेट दर्द हो रहा है। ऐसे में चिकित्सक उन्हें दवा देने से पहले अल्ट्रासाउंड का सुझाव देता है। अल्ट्रासाउंड कराने जब मरीज पहुंचते हैं तो पहले से ही पर्चियों की ढेरी लगी रहती है। ऐसे में वरीयता अनुसार सिर्फ 55 से 60 मरीजों के ही रोजाना अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं, बाकी मरीजों को अगले दिन सुबह फिर आने के लिए बोल दिया जाता है। यही वजह है कि मरीज दोबारा चक्कर लगाने के बजाय प्राइवेट अल्ट्रासाउंड कराने पहुंच जाते हैं। जिससे उनका पैसा भी खर्च हो रहा है। जबकि अस्पताल में ये सुविधा बिलकुल मुफ्त है।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें मुहैया कराई हुई हैं। दोनों ही मशीनें चालू हालत में हैं। फिलहाल एक ही मशीन का प्रयोग हो रहा है, जबकि दूसरी को रिजर्व में रखा हुआ है। पहली मशीन के खराब होने या दिक्कत आने पर ही दूसरी का इस्तेमाल चिकित्सक कर रहे हैं। अल्ट्रासाउंड करने वाले का एक ही चिकित्सक है। जिस तरह से अस्पताल में मरीज आते हैं ऐसे में अल्ट्रासाउंड की दूसरी मशीन पर भी चिकित्सक की दरकार है।
हर रोज होते हैं 20 से 25 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड
नागरिक अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी भी अल्ट्रासाउंड कक्ष के समीप ही बनाई गई है। रोजाना ही नागरिक अस्पताल में गर्भवती महिलाएं भी रुटीन चेकअप के लिए आती हैं, उन्हें अल्ट्रासाउंड का सुझाव दिया जाता है। अल्ट्रासाउंड से ही पेट में बच्चे की स्थिति का पता लगता है। इसके अलावा आईसीयू में दाखिल मरीजों के भी अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं, जबकि ओपीडी में सामान्य चेकअप कराने वाले मरीज भी अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में सीमित अल्ट्रासाउंड होने से काफी मरीजों को निराश ही लौटना पड़ता है।
जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें हैं। एक चिकित्सक तैनात किया हुआ है। नए चिकित्सकों की भर्ती के लिए मुख्यालय से लगातार पत्राचार हो रहा है। नए चिकित्सक आने पर ही मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में विस्तार संभव होगा।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।