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Bhiwani News: अब नगर परिषद अधिकारियों ने रात के अंधेरे में कचरे को खंगाला तो आई गड़बड़झाले की बू
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रात 12 बजे नप अधिकारियों की जांच के दौरान ट्रैक्टर में भरा कचरा। विज्ञप्ति
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। घोटालों और घपलों से घिरी भिवानी नगर परिषद में अब कचरे से भी गड़बड़झाले की बू आने लगी है। नगर परिषद के समक्ष एक शिकायत पहुंची तो अधिकारियों को भी हरकत में आना पड़ा। रात के अंधेरे में जब नगर परिषद टीम ने जांच की तो ठेका लेने वाली कंपनी के ऑफिस के आसपास 10 से 15 ट्रैक्टर-ट्राली कचरे से लदे खड़े मिले। जिन्हें नगर परिषद ने चिह्नित कर जांच बैठा दी है। शिकायत में यह भी उजागर हुआ है कि रात के अंधेरे में कचरे से लदे इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का कचरा प्वाइंट पर दो बार तुलाई के खेल में सिस्टम भी फेल हो गया है। इससे सरकार को भी मोटा चूना लग रहा है।
भिवानी नगर परिषद ने शहर के 31 वार्डों और सेक्टर से घर-घर कूड़ा उठान करने और दादरी रोड स्थित कचरा डंपिंग स्टेशन पर कचरे का निस्तारण का सालाना छह करोड़ में इंदौर की कंपनी को ठेका दिया हुआ है। पूरे भिवानी शहर से औसतन रोजाना 107 टन कचरा निकलता है। ये कचरा डंपिंग प्वाइंटों और टिपर ऑटो द्वारा घर-घर कचरा एकत्रित किए जाने के बाद सीधा दादरी रोड के कचरा डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचता है। इस कचरे की सबसे पहले वहां पहुंचने पर तुलाई कराई जाती है। यहां पर नगर परिषद ने खुद का तुलाई कांटा लगाया हुआ है। तुलाई के बाद ही इस कचरे का मशीनों के जरिये निस्तारण कर प्लास्टिक, मेटल व मिट्टी युक्त कचरा अलग-अलग किया जाता है। इंदौर की कंपनी को प्रति टन कचरा निस्तारण पर 2450 रुपये का भुगतान नगर परिषद द्वारा किया जाता है। कंपनी करीब तीन महीनों से ये काम करती आ रही है। वहीं नगर परिषद के जेई और सफाई निरीक्षक की अगुवाई में जांच कमेटी का गठन किया गया है।
शिकायत में ये बताया कचरे का खेल
नगर परिषद को दी गई शिकायत में बताया गया कि दादरी रोड के डंपिंग प्वाइंट पर कंपनी ने कचरा निस्तारण के लिए प्लांट लगाया है। प्लांट तक शहर से लाया गया कचरा पहुंचाने से पहले उसकी तुलाई यहां लगाए गए कांटे पर कराई जाती है। लेकिन कंपनी के कर्मचारी तुलाई के बाद इस कचरे को खाली करने की बजाए गेट नंबर एक से भरी ट्राली बाहर निकाल लेते हैं, जहां सीसीटीवी नहीं लगे हैं। इसकी अगले दिन फिर से तुलाई करा दी जाती है। इस तरह से एक ट्राली के कचरे को दो बार तुलाई कराया जा रहा है। इससे सरकार को भी मोटा चूना लग रहा है। ये ट्रैक्टर रात के अंधेरे में कंपनी कार्यालय के इर्द-गिर्द खाली प्लाटों में भरकर खड़े कर दिए जाते हैं, जिनकी सुबह सात बजे कांटा चालू होते ही दोबारा तुलाई करा दी जाती है। इसकी जांच के लिए खुद नगर परिषद की टीम पहुंची तो 10 से 15 ट्रैक्टर मंगलवार रात 12 बजे कचरे से भरे मिले, जिनको चिह्नित करा पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।
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रात के अंधेरे में खाली प्लाटों के अंदर खड़े मिले कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली
नगर परिषद के सचिव और नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि की टीम ने मंगलवार रात को अनाज मंडी के समीप कंपनी के कार्यालय के समीप पहुंचकर शिकायत की पड़ताल की तो आसपास खाली प्लाटों में ट्रैक्टर-ट्रॉली कचरे के भरे खड़े थे। करीब 10 से 15 ट्रैक्टरों की ट्रॉली कचरे से पूरी तरह भरी खड़ी थी। नगर परिषद अधिकारी की टीम ने जांच के लिए इन्हें चिह्नित कर लिया। इन ट्रैक्टरों पर लगे जीपीएस की भी अब जांच होगी, जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि ये कचरा शहर के किस हिस्से से और किस समय उठाकर यहां कब लाया गया था।
शाम सात बजे बाद हमारे पास जो भी कचरा उठान से जुड़ी शिकायतें आती हैं, उनका तुरंत निदान कराने के लिए हम रात को ही कचरा उठवा देते हैं, जिसकी तुलाई अगले दिन सुबह कराते हैं। कूड़ा उठान के लिए पूरे शहर में रूट निर्धारित किया हुआ है। अतिरिक्त शिकायतों के निदान के लिए देर शाम को ही कूड़ा उठवा पाते हैं ताकि रूट प्रभावित न हो। ये कमरा कार्यालय के आसपास सीसीटीवी की निगरानी में भी रहता है। सितंबर से कंपनी शहर में काम कर रही है, तीन माह में अभी तक कोई भुगतान भी नहीं हुआ है।
-अनुभव, निदेशक, तुलसीयान सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड इंदौर।
हमारे पास इस संबंध में शिकायत आई थी। मैं खुद मंगलवार रात 12 बजे नगर परिषद सचिव के साथ मौके पर पहुंचा, जहां काफी ट्रैक्टरों के अंदर कूड़ा भरकर खड़ा किया हुआ था। वहां पूछा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस मामले में नगर परिषद के जेई और सफाई निरीक्षक की अगुवाई में जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच में अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो निश्चित रूप से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जब तक जांच नहीं होती तब तक कंपनी को कोई भुगतान भी नहीं किया जाएगा।
- भवानी प्रताप, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।
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भिवानी नगर परिषद ने शहर के 31 वार्डों और सेक्टर से घर-घर कूड़ा उठान करने और दादरी रोड स्थित कचरा डंपिंग स्टेशन पर कचरे का निस्तारण का सालाना छह करोड़ में इंदौर की कंपनी को ठेका दिया हुआ है। पूरे भिवानी शहर से औसतन रोजाना 107 टन कचरा निकलता है। ये कचरा डंपिंग प्वाइंटों और टिपर ऑटो द्वारा घर-घर कचरा एकत्रित किए जाने के बाद सीधा दादरी रोड के कचरा डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचता है। इस कचरे की सबसे पहले वहां पहुंचने पर तुलाई कराई जाती है। यहां पर नगर परिषद ने खुद का तुलाई कांटा लगाया हुआ है। तुलाई के बाद ही इस कचरे का मशीनों के जरिये निस्तारण कर प्लास्टिक, मेटल व मिट्टी युक्त कचरा अलग-अलग किया जाता है। इंदौर की कंपनी को प्रति टन कचरा निस्तारण पर 2450 रुपये का भुगतान नगर परिषद द्वारा किया जाता है। कंपनी करीब तीन महीनों से ये काम करती आ रही है। वहीं नगर परिषद के जेई और सफाई निरीक्षक की अगुवाई में जांच कमेटी का गठन किया गया है।
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शिकायत में ये बताया कचरे का खेल
नगर परिषद को दी गई शिकायत में बताया गया कि दादरी रोड के डंपिंग प्वाइंट पर कंपनी ने कचरा निस्तारण के लिए प्लांट लगाया है। प्लांट तक शहर से लाया गया कचरा पहुंचाने से पहले उसकी तुलाई यहां लगाए गए कांटे पर कराई जाती है। लेकिन कंपनी के कर्मचारी तुलाई के बाद इस कचरे को खाली करने की बजाए गेट नंबर एक से भरी ट्राली बाहर निकाल लेते हैं, जहां सीसीटीवी नहीं लगे हैं। इसकी अगले दिन फिर से तुलाई करा दी जाती है। इस तरह से एक ट्राली के कचरे को दो बार तुलाई कराया जा रहा है। इससे सरकार को भी मोटा चूना लग रहा है। ये ट्रैक्टर रात के अंधेरे में कंपनी कार्यालय के इर्द-गिर्द खाली प्लाटों में भरकर खड़े कर दिए जाते हैं, जिनकी सुबह सात बजे कांटा चालू होते ही दोबारा तुलाई करा दी जाती है। इसकी जांच के लिए खुद नगर परिषद की टीम पहुंची तो 10 से 15 ट्रैक्टर मंगलवार रात 12 बजे कचरे से भरे मिले, जिनको चिह्नित करा पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।
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रात के अंधेरे में खाली प्लाटों के अंदर खड़े मिले कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली
नगर परिषद के सचिव और नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि की टीम ने मंगलवार रात को अनाज मंडी के समीप कंपनी के कार्यालय के समीप पहुंचकर शिकायत की पड़ताल की तो आसपास खाली प्लाटों में ट्रैक्टर-ट्रॉली कचरे के भरे खड़े थे। करीब 10 से 15 ट्रैक्टरों की ट्रॉली कचरे से पूरी तरह भरी खड़ी थी। नगर परिषद अधिकारी की टीम ने जांच के लिए इन्हें चिह्नित कर लिया। इन ट्रैक्टरों पर लगे जीपीएस की भी अब जांच होगी, जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि ये कचरा शहर के किस हिस्से से और किस समय उठाकर यहां कब लाया गया था।
शाम सात बजे बाद हमारे पास जो भी कचरा उठान से जुड़ी शिकायतें आती हैं, उनका तुरंत निदान कराने के लिए हम रात को ही कचरा उठवा देते हैं, जिसकी तुलाई अगले दिन सुबह कराते हैं। कूड़ा उठान के लिए पूरे शहर में रूट निर्धारित किया हुआ है। अतिरिक्त शिकायतों के निदान के लिए देर शाम को ही कूड़ा उठवा पाते हैं ताकि रूट प्रभावित न हो। ये कमरा कार्यालय के आसपास सीसीटीवी की निगरानी में भी रहता है। सितंबर से कंपनी शहर में काम कर रही है, तीन माह में अभी तक कोई भुगतान भी नहीं हुआ है।
-अनुभव, निदेशक, तुलसीयान सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड इंदौर।
हमारे पास इस संबंध में शिकायत आई थी। मैं खुद मंगलवार रात 12 बजे नगर परिषद सचिव के साथ मौके पर पहुंचा, जहां काफी ट्रैक्टरों के अंदर कूड़ा भरकर खड़ा किया हुआ था। वहां पूछा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस मामले में नगर परिषद के जेई और सफाई निरीक्षक की अगुवाई में जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच में अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो निश्चित रूप से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जब तक जांच नहीं होती तब तक कंपनी को कोई भुगतान भी नहीं किया जाएगा।
- भवानी प्रताप, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।