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Bhiwani News: अब शहर की फुटपाथ पर स्टॉल लगाने से पहले लेना होगा नगर परिषद से लाइसेंस
Mon, 14 Aug 2023 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 14 Aug 2023 01:07 AM IST
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भिवानी: सरकुलर रोड पर फुटपाथ व रेहड़ियों वालों के लाइसेंस बनवाने के लिए प्रशासन की तरफ से मुनाद
भिवानी। अब शहर की फुटपाथ पर स्टॉल और रेहड़ी लगाने से पहले नगर परिषद से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए बाकायदा नगर परिषद प्रशासन की तरफ से शहर में मुनादी कराई गई है। जिसमें एनाउंसर ने रेहड़ी व फुटपाथ पर स्टॉल लगाने वालों को अपना पंजीकरण कराने की जानकारी दी।
भिवानी शहर में करीब चार हजार से अधिक रेहड़ी और फुटपाथ पर सामान बेजकर गुजर बसर करने वाले लोग हैं, लेकिन नगर परिषद के पास महज ढाई हजार से भी कम रेहड़ी व फुटपाथ पर स्टॉल लगाने वालों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है। पंजीकरण के पीछे नगर परिषद का एक मकसद यह भी है कि रेहड़ी वालों से जुड़ा आंकड़ा प्रशासन के समक्ष हो और सरकार से मिलने वाली सुविधाएं भी उन्हें मिले, उन्हें मामूली रजिस्ट्रेशन फीस जमा करानी होगी।
दरअसल भिवानी शहर में रेहड़ी और फुटपाथ पर सामान बेचने वालों का नगर परिषद के पास सटीक आंकड़ा नहीं है। हालांकि शहर में स्टीट वेंडर को लेकर नगर परिषद की तरफ से कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनमें उन्हें काम के लिए दस हजार से 50 हजार रुपये तक का ऋण देने के अलावा उनके स्वास्थ्य से संबंधित योजनाएं भी शामिल हैं। नगर परिषद अब स्ट्रीट वेंडरर्स के पंजीकरण के लिए उनके आधार कार्ड और बैंक खाता से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं। इस जानकारी के बाद उनका पंजीकरण किया जाएगा। अगर स्ट्रीट वेंडर्स लोन लेना चाहता है तो उसे फैमिली आईडी भी पंजीकरण दस्तावेजों के साथ जमा करानी होगी। पंजीकरण के बाद शहर में स्ट्रीट वेंडर्स का आंकड़ा भी प्रशासन के पास मौजूद रहेगा। जिसके बाद इनसे जुड़ी योजनाएं भी बनेंगी। दूसरे प्रांतों से भी कुछ लोग यहां आकर फुटपाथ पर अपना रोजगार जमा रहे हैं, ऐसे लोगों को लेकर भी जिला प्रशासन स्ट्रीट वेंडरर्स से जुड़ा पंजीकरण को लेकर योजना बना रहा है।
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शहर में स्ट्रीट वेंडर्स के संबंध में नए पंजीकरण किए जा रहे हैं। इसको लेकर पूरे शहर में डीएमसी की तरफ से मुनादी कराई गई है। नगर परिषद के पास स्ट्रीट वेंडरर्स अगर पंजीकृत होंगे तो उनके लिए सरकार की योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा वहीं उनके परिजनों के स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिलेगा।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी।
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भिवानी शहर में करीब चार हजार से अधिक रेहड़ी और फुटपाथ पर सामान बेजकर गुजर बसर करने वाले लोग हैं, लेकिन नगर परिषद के पास महज ढाई हजार से भी कम रेहड़ी व फुटपाथ पर स्टॉल लगाने वालों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है। पंजीकरण के पीछे नगर परिषद का एक मकसद यह भी है कि रेहड़ी वालों से जुड़ा आंकड़ा प्रशासन के समक्ष हो और सरकार से मिलने वाली सुविधाएं भी उन्हें मिले, उन्हें मामूली रजिस्ट्रेशन फीस जमा करानी होगी।
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दरअसल भिवानी शहर में रेहड़ी और फुटपाथ पर सामान बेचने वालों का नगर परिषद के पास सटीक आंकड़ा नहीं है। हालांकि शहर में स्टीट वेंडर को लेकर नगर परिषद की तरफ से कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनमें उन्हें काम के लिए दस हजार से 50 हजार रुपये तक का ऋण देने के अलावा उनके स्वास्थ्य से संबंधित योजनाएं भी शामिल हैं। नगर परिषद अब स्ट्रीट वेंडरर्स के पंजीकरण के लिए उनके आधार कार्ड और बैंक खाता से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं। इस जानकारी के बाद उनका पंजीकरण किया जाएगा। अगर स्ट्रीट वेंडर्स लोन लेना चाहता है तो उसे फैमिली आईडी भी पंजीकरण दस्तावेजों के साथ जमा करानी होगी। पंजीकरण के बाद शहर में स्ट्रीट वेंडर्स का आंकड़ा भी प्रशासन के पास मौजूद रहेगा। जिसके बाद इनसे जुड़ी योजनाएं भी बनेंगी। दूसरे प्रांतों से भी कुछ लोग यहां आकर फुटपाथ पर अपना रोजगार जमा रहे हैं, ऐसे लोगों को लेकर भी जिला प्रशासन स्ट्रीट वेंडरर्स से जुड़ा पंजीकरण को लेकर योजना बना रहा है।
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शहर में स्ट्रीट वेंडर्स के संबंध में नए पंजीकरण किए जा रहे हैं। इसको लेकर पूरे शहर में डीएमसी की तरफ से मुनादी कराई गई है। नगर परिषद के पास स्ट्रीट वेंडरर्स अगर पंजीकृत होंगे तो उनके लिए सरकार की योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा वहीं उनके परिजनों के स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिलेगा।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी।