{"_id":"65887397ce1e1fa1220af2d9","slug":"now-children-will-do-homework-during-winter-holidays-while-playing-knowledge-and-creative-interest-will-increase-bhiwani-news-c-21-hsr1027-285966-2023-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: अब खेल-खेल में करेंगे बच्चे सर्दियों की छुट्टियों में गृह कार्य, बढ़ेगा ज्ञान और सृजनात्मक रुचि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: अब खेल-खेल में करेंगे बच्चे सर्दियों की छुट्टियों में गृह कार्य, बढ़ेगा ज्ञान और सृजनात्मक रुचि
Sun, 24 Dec 2023 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 24 Dec 2023 11:38 PM IST
विज्ञापन
सरकारी स्कूल में बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई कराती टीचर।
भिवानी। बच्चों को गृह कार्य यानी स्कूल से मिला होमवर्क बोरिंग या थका देने वाला नहीं लगेगा, क्योंकि अब बच्चे खेल-खेल में ही सर्दियों की छुट्टियों में अपना होमवर्क भी पूरा करेंगे। इसी के साथ उनके अंदर सृजनात्मक, रचनात्मक और कल्पनाशीलता भी विकसित होगी। इसके लिए एनजीओ के साथ मिलकर शिक्षा विभाग ने नायाब तरीका निकाला है।
बच्चों को अपने आसपास के वातावरण से ही काफी कुछ नया सीखने को मिलेगा, बस उन्हें बताए गए सलीके के हिसाब से इसे पूरा करना है। कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थियों में सृजनात्मक, रचनात्मक और कल्पनाशील गुणों को विकसित करने के लिए होमवर्क काफी मददगार रहेगा। पहली और दूसरी व तीसरी कक्षा के लिए अलग-अलग होमवर्क गतिविधियां होंगी।
शिक्षा विभाग ने एक से 15 दिसंबर तक सभी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है। स्कूल से घर पर करने के लिए मिलने वाला इस बार होमवर्क बच्चों के लिए काफी मजेदार और दिलचस्प रहेगा। कक्षा पहली के विद्यार्थियों को होम वर्क में ऐसा मजेदार काम दिया है, जिसे बच्चों को करने में भी आनंद आएगा और वह कुछ नया भी सीखेंगे। उन्हें इसके लिए किताब खोलकर नहीं बैठना पड़ेगा बल्कि बाथरूम में पहुंचकर बाल्टी और टब को गिलास से पानी भरते हुए गिनती करनी होगी कि कौन सी चीज कितने गिलास पानी से भरी है। इसी तरह बच्चों को अपने परिवार के लोगों, दोस्तों और घर के आसपास के पेड़ पौधों के अलावा पशु पक्षियों और परिवहन साधनों के चित्र भी बनाने हैं। आसपास के पेड़ों के सूखे पत्तों से किताब पर छापे यानी आकृति भी बच्चों को बनानी होगी। घर की रसोई के बर्तन, घर के दरवाजे और खिड़कियों के नाम भी लिखने हैं।
विज्ञापन
घर पर आने वाले अखबार के चित्र काटकर उनको क्रमवार लगाना है। अगर छुट्टियों के दौरान बच्चा नानी के घर गया है तो वहां क्या-क्या किया यह भी चित्र बनाकर स्कूल में समझाना है। इसी तरह कक्षा दूसरी से तीसरी तक के बच्चे अपनी दिनचर्या भी लिख सकते हैं। घर के आसपास और मोहल्ले में घटी घटना व अखबार की न्यूज लिखकर ला सकते हैं। टीवी में मनपसंद नाटक, कार्टून, फिल्म के बारे में लिखना क्यों पसंद है। घर की वस्तुओं की कीमत पूछकर लिखना। अपनी कल्पना से कहानी लिखना, अपने गांव व आसपास का इतिहास बुजुर्गों से पूछकर लिखना, अगर बच्चा परिवार के साथ कहीं घूमने गया है तो उसके अनुभव लिखना। इसके अलावा बच्चे ने अवकाश के दिनों में किन-किन से मदद ली इसका उल्लेख भी कर सकते हैं। ये सभी रोचक बातें हैं, जो बच्चे को किताबी ज्ञान से उबने नहीं देगी। संवाद
बच्चों के अंदर लगातार कुछ नया सीखने की जिझासा और उत्सुकता बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बच्चों को मजेदार तरीके से शीत कालीन अवकाश के दौरान होमवर्क करने का मसौदा तैयार कर दिया है। इसमें कुछ ऐसे बिंदुओं को शामिल किया है, जिससे बच्चा न केवल अपना होमवर्क पूरा करेगा बल्कि अपने आसपास के परिवेश को भी भलीभांति समझ और उसकी परख रखते हुए नई बातें सीखेगा। जिससे बच्चों के अंदर रचनात्मक, सृजनात्मक भावनाएं भी पैदा होंगी और उनका ज्ञान भी बढ़ेगा।
- ललित कुमार महतानी, जिला समन्वयक एफएलएन भिवानी।
कक्षा पहली से तीसरी तक के बच्चों को शीत कालीन अवकाश के दौरान गृह कार्य में रोचकता और दिलचस्प पहलुओं से जुड़ा कार्य करने और कुछ नया सीखने को मिलेगा। बच्चे अपने परिवेश से बहुत कुछ सीखते और हासिल करते हैं। बस इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए एनजीओ की मदद गृह कार्य का चार्ट तैयार कराया है। जिसे बच्चे को छुट्टियों के एक पखवाड़े के दौरान तैयार करना है। इसमें कुछ चित्र बनाने हैं और कुछ बातों का अनुभव बताना है। जिससे उनकी विषयों पर तो पकड़ मजबूत होगी ही बल्कि वे कल्पना करने, सोचने और रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्यों से भी जुड़ेंगे।
-संतोष नागर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भिवानी।
विज्ञापन
बच्चों को अपने आसपास के वातावरण से ही काफी कुछ नया सीखने को मिलेगा, बस उन्हें बताए गए सलीके के हिसाब से इसे पूरा करना है। कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थियों में सृजनात्मक, रचनात्मक और कल्पनाशील गुणों को विकसित करने के लिए होमवर्क काफी मददगार रहेगा। पहली और दूसरी व तीसरी कक्षा के लिए अलग-अलग होमवर्क गतिविधियां होंगी।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग ने एक से 15 दिसंबर तक सभी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है। स्कूल से घर पर करने के लिए मिलने वाला इस बार होमवर्क बच्चों के लिए काफी मजेदार और दिलचस्प रहेगा। कक्षा पहली के विद्यार्थियों को होम वर्क में ऐसा मजेदार काम दिया है, जिसे बच्चों को करने में भी आनंद आएगा और वह कुछ नया भी सीखेंगे। उन्हें इसके लिए किताब खोलकर नहीं बैठना पड़ेगा बल्कि बाथरूम में पहुंचकर बाल्टी और टब को गिलास से पानी भरते हुए गिनती करनी होगी कि कौन सी चीज कितने गिलास पानी से भरी है। इसी तरह बच्चों को अपने परिवार के लोगों, दोस्तों और घर के आसपास के पेड़ पौधों के अलावा पशु पक्षियों और परिवहन साधनों के चित्र भी बनाने हैं। आसपास के पेड़ों के सूखे पत्तों से किताब पर छापे यानी आकृति भी बच्चों को बनानी होगी। घर की रसोई के बर्तन, घर के दरवाजे और खिड़कियों के नाम भी लिखने हैं।
विज्ञापन
घर पर आने वाले अखबार के चित्र काटकर उनको क्रमवार लगाना है। अगर छुट्टियों के दौरान बच्चा नानी के घर गया है तो वहां क्या-क्या किया यह भी चित्र बनाकर स्कूल में समझाना है। इसी तरह कक्षा दूसरी से तीसरी तक के बच्चे अपनी दिनचर्या भी लिख सकते हैं। घर के आसपास और मोहल्ले में घटी घटना व अखबार की न्यूज लिखकर ला सकते हैं। टीवी में मनपसंद नाटक, कार्टून, फिल्म के बारे में लिखना क्यों पसंद है। घर की वस्तुओं की कीमत पूछकर लिखना। अपनी कल्पना से कहानी लिखना, अपने गांव व आसपास का इतिहास बुजुर्गों से पूछकर लिखना, अगर बच्चा परिवार के साथ कहीं घूमने गया है तो उसके अनुभव लिखना। इसके अलावा बच्चे ने अवकाश के दिनों में किन-किन से मदद ली इसका उल्लेख भी कर सकते हैं। ये सभी रोचक बातें हैं, जो बच्चे को किताबी ज्ञान से उबने नहीं देगी। संवाद
बच्चों के अंदर लगातार कुछ नया सीखने की जिझासा और उत्सुकता बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बच्चों को मजेदार तरीके से शीत कालीन अवकाश के दौरान होमवर्क करने का मसौदा तैयार कर दिया है। इसमें कुछ ऐसे बिंदुओं को शामिल किया है, जिससे बच्चा न केवल अपना होमवर्क पूरा करेगा बल्कि अपने आसपास के परिवेश को भी भलीभांति समझ और उसकी परख रखते हुए नई बातें सीखेगा। जिससे बच्चों के अंदर रचनात्मक, सृजनात्मक भावनाएं भी पैदा होंगी और उनका ज्ञान भी बढ़ेगा।
- ललित कुमार महतानी, जिला समन्वयक एफएलएन भिवानी।
कक्षा पहली से तीसरी तक के बच्चों को शीत कालीन अवकाश के दौरान गृह कार्य में रोचकता और दिलचस्प पहलुओं से जुड़ा कार्य करने और कुछ नया सीखने को मिलेगा। बच्चे अपने परिवेश से बहुत कुछ सीखते और हासिल करते हैं। बस इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए एनजीओ की मदद गृह कार्य का चार्ट तैयार कराया है। जिसे बच्चे को छुट्टियों के एक पखवाड़े के दौरान तैयार करना है। इसमें कुछ चित्र बनाने हैं और कुछ बातों का अनुभव बताना है। जिससे उनकी विषयों पर तो पकड़ मजबूत होगी ही बल्कि वे कल्पना करने, सोचने और रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्यों से भी जुड़ेंगे।
-संतोष नागर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भिवानी।