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Bhiwani News: नौ साल बाद टूटी आईटीआई की नींद, 2015 बैच में कोपा ट्रेड के विद्यार्थियों के अब सर्टिफिकेट किए रद्द
Thu, 23 Jan 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 23 Jan 2025 12:50 AM IST
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भिवानी का राजकीय आईटीआई।
अशोक भारद्वाज
भिवानी। करे कोई और भरे कोई वाली कहावत भिवानी की राजकीय आईटीआई से कोपा (कंप्यूटर ऑपरेटर प्रोग्रामिंग असिस्टेंट) की ट्रेड से उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों पर चरितार्थ हो गई है। नौ साल बाद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की नींद टूटी है। इसके बाद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान निदेशालय ने पत्र जारी कर भिवानी आईटीआई से 2015 बैच में कोपा ट्रेड से आईटीआई करने वाले विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट ही रद्द कर दिए हैं।
इन विद्यार्थियों को अब नए सर्टिफिकेट लेने के लिए भी प्रत्येक को सौ-सौ रुपये देने होंगे। अब भिवानी आईटीआई के कर्मचारी उस बैच के पास आउट विद्यार्थियों के फोन नंबर खंगाल कर उनसे संपर्क साधने में जुटे हैं। बड़ा सवाल यह भी है कि उस बैच में कोपा करने वाले विद्यार्थी अब उसी सर्टिफिकेट से रोजगार भी पकड़ चुके हैं, जिनके लिए अब बड़ी दुविधा भी बनेगी।
दरअसल, साल 2015 के बैच से भिवानी राजकीय आईटीआई से कोपा की ट्रेड से प्रशिक्षण लेने के लिए विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। इसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों ने पढ़ाई के बाद परीक्षा दी। पास होने वाले विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट बनवाने के लिए संस्थान के कर्मचारियों ने प्रफॉर्मा तैयार करके भेजते समय कोपा ट्रेड की फुल फॉर्म लिखने के बजाय शॉर्ट फॉर्म में कोपा लिखकर भेज दिया।
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अब निदेशालय ने शॉर्ट फॉर्म में लिखे गए ट्रेड के नाम को फुल फॉर्म कंप्यूटर ऑपरेटर प्रोग्रामिंग असिस्टेंट में लिखे जाने के मामले पर संज्ञान लेते हुए दोबारा से सर्टिफिकेट बनवाने के आदेश जारी किए गए हैं। नए सर्टिफिकेट बनवाने की फीस 100 रुपये रखी गई है। वहीं पहले बनवाए गए सभी सर्टिफिकेट को रद्द किया गया है। विभाग के इस फैसले से जिन विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट में शॉर्ट फॉर्म में ट्रेड का नाम लिखा गया है। वे सभी विद्यार्थी प्रभावित होंगे।
विद्यार्थियों को फिर से सर्टिफिकेट बनवाने के लिए रुपये नहीं देने पड़ेगें। रुपये माफ करवाने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा जाएगा। वहीं जिन विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट में शॉर्ट फार्म में ट्रेड का नाम लिखा गया है। उनको नए सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सूचना दे दी जाएगी। - बलवीर सिंह, कार्यवाहक प्राचार्य, राजकीय आईटीआई, भिवानी।
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भिवानी। करे कोई और भरे कोई वाली कहावत भिवानी की राजकीय आईटीआई से कोपा (कंप्यूटर ऑपरेटर प्रोग्रामिंग असिस्टेंट) की ट्रेड से उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों पर चरितार्थ हो गई है। नौ साल बाद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की नींद टूटी है। इसके बाद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान निदेशालय ने पत्र जारी कर भिवानी आईटीआई से 2015 बैच में कोपा ट्रेड से आईटीआई करने वाले विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट ही रद्द कर दिए हैं।
इन विद्यार्थियों को अब नए सर्टिफिकेट लेने के लिए भी प्रत्येक को सौ-सौ रुपये देने होंगे। अब भिवानी आईटीआई के कर्मचारी उस बैच के पास आउट विद्यार्थियों के फोन नंबर खंगाल कर उनसे संपर्क साधने में जुटे हैं। बड़ा सवाल यह भी है कि उस बैच में कोपा करने वाले विद्यार्थी अब उसी सर्टिफिकेट से रोजगार भी पकड़ चुके हैं, जिनके लिए अब बड़ी दुविधा भी बनेगी।
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दरअसल, साल 2015 के बैच से भिवानी राजकीय आईटीआई से कोपा की ट्रेड से प्रशिक्षण लेने के लिए विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। इसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों ने पढ़ाई के बाद परीक्षा दी। पास होने वाले विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट बनवाने के लिए संस्थान के कर्मचारियों ने प्रफॉर्मा तैयार करके भेजते समय कोपा ट्रेड की फुल फॉर्म लिखने के बजाय शॉर्ट फॉर्म में कोपा लिखकर भेज दिया।
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अब निदेशालय ने शॉर्ट फॉर्म में लिखे गए ट्रेड के नाम को फुल फॉर्म कंप्यूटर ऑपरेटर प्रोग्रामिंग असिस्टेंट में लिखे जाने के मामले पर संज्ञान लेते हुए दोबारा से सर्टिफिकेट बनवाने के आदेश जारी किए गए हैं। नए सर्टिफिकेट बनवाने की फीस 100 रुपये रखी गई है। वहीं पहले बनवाए गए सभी सर्टिफिकेट को रद्द किया गया है। विभाग के इस फैसले से जिन विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट में शॉर्ट फॉर्म में ट्रेड का नाम लिखा गया है। वे सभी विद्यार्थी प्रभावित होंगे।
विद्यार्थियों को फिर से सर्टिफिकेट बनवाने के लिए रुपये नहीं देने पड़ेगें। रुपये माफ करवाने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा जाएगा। वहीं जिन विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट में शॉर्ट फार्म में ट्रेड का नाम लिखा गया है। उनको नए सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सूचना दे दी जाएगी। - बलवीर सिंह, कार्यवाहक प्राचार्य, राजकीय आईटीआई, भिवानी।