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Bhiwani News: दुर्घटना संभावित बिंदु पर संकेतक और सूचक नहीं, तोशाम बाईपास पर खतरे में जिंदगानी
Wed, 08 Nov 2023 10:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 08 Nov 2023 10:44 PM IST
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तोशम बाईपास पर सड़क किनारे टूटा पेड़।
भिवानी।
शहर का तोशाम बाईपास का करीब चार किलोमीटर दायरे का सफर खतरे से खाली नहीं है। इस दायरे में दुर्घटना संभावित कई बिंदुओं पर भी संकेतक और दिशा सूचक तक नहीं लगे हैं। सड़क के साथ ही जूई नहर की तरफ लोहे की पट्टी लगाई हुई हैं, मगर ये भी कई वाहनों के हादसा ग्रस्त होने के बाद क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। इसे अभी तक ठीक नहीं कराया गया है। ऐसे में हादसों के बावजूद भी अधिकारी कोई सबक नहीं ले रहे हैं। एक माह बाद मौसम में धुंध का आगाज भी होने लगेगा। ऐसे में अभी से इन प्रबंधों की ओर ध्यान देना जरूरी है, ताकि हादसों में किसी की जान जाने से बच सके।
भिवानी का तोशाम बाईपास हिमाचल और पंजाब से मुंबई तक जाने वाले भारी व माल ढुलाई वाहनों का एकमात्र रास्ता है। यहां से रोजाना ही करीब डेढ़ हजार से अधिक माल ढुलाई वाहन गुजरते हैं। तोशाम बाईपास की सड़क पर तीन से चार जगह दुर्घटना संभावित बिंदु हैं, जिन्हें सुरक्षित किया जाना बेहद जरूरी है। तोशाम बाईपास जूई नहर में दो दिन पहले भी तेज रफ्तार कार नहर में गिर गई थी। इसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और दूसरा अस्पताल पहुंच गया। जिस मोड़ पर ये हादसा हुआ, वहां सुरक्षा के लिए नहर की तरफ कोई रेलिंग तक नहीं है। साथ ही मोड़ पर कोई दिशा सूचक व संकेतक तक नहीं लगा है। इसी तरह हांसी रोड पर तोशाम बाईपास मोड़ भी हादसा प्वाइंट बना है। जबकि दिनोद रोड चौक बाईपास भी हादसा संभावित बिंदु है।
25 से अधिक दुर्घटना संभावित बिंदु पर भी नहीं पर्याप्त प्रबंध
भिवानी जिले में 25 से अधिक दुर्घटना संभावित प्वाइंट हैं। इसके अलावा शहर के अंदर भी 15 से अधिक दुर्घटना संभावित मोड़ व प्वाइंट हैं। इन पर हर साल औसतन सबसे अधिक सड़क हादसे होते हैं। इनमें कई तो अपंगता और कई लोग अपनी जान ही गंवा बैठते हैं। हालांकि धुंध के दौरान सबसे अधिक सड़क हादसे भी इन्हीं बिंदुओं पर होते हैं।
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सीएम, पीएम को किया ट्वीट फिर भी नहीं हटाया सड़क किनारे पड़ा पेड़
तोशाम बाईपास क्षेत्रवासी शिवकुमार प्रजापति ने बताया कि उसने सड़क किनारे पड़े भारी पेड़ व टूटने के कगार पर पहुंचे पेड़ों को हटाने के लिए पीएम, सीएम को ट्वीट किया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ये पेड़ बाईपास के सड़क दुर्घटना संभावित मोड़ पर पड़ा है। इससे कोई भी वाहन टकराया तो जानमाल की हानि हो सकती है। पहले भी यहां हादसे हुए हैं। कुछ पेड़ भी सड़क की तरफ झुके हैं और सूखे खड़े हैं, जिन्हें हटाए जाने की गुहार लगाई है। धूंध के दिनों में ये पेड़ हादसों की वजह बन सकते हैं।
सड़क किनारे पेड़ और टूटे पेड़ वन विभाग के दायरे में आते हैं। तोशाम बाईपास की सड़क पर हादसा संभावित जगहों पर संकेतक लगाए हुए हैं। धुंध के मौसम से पहले इन बिंदुओं पर संकेतक और दिशा सूचकों को दुरुस्त कराया जाएगा।
-सोनू हुड्डा, कनिष्ठ अभियंता पीडब्ल्यूडी विभाग भिवानी।
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शहर का तोशाम बाईपास का करीब चार किलोमीटर दायरे का सफर खतरे से खाली नहीं है। इस दायरे में दुर्घटना संभावित कई बिंदुओं पर भी संकेतक और दिशा सूचक तक नहीं लगे हैं। सड़क के साथ ही जूई नहर की तरफ लोहे की पट्टी लगाई हुई हैं, मगर ये भी कई वाहनों के हादसा ग्रस्त होने के बाद क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। इसे अभी तक ठीक नहीं कराया गया है। ऐसे में हादसों के बावजूद भी अधिकारी कोई सबक नहीं ले रहे हैं। एक माह बाद मौसम में धुंध का आगाज भी होने लगेगा। ऐसे में अभी से इन प्रबंधों की ओर ध्यान देना जरूरी है, ताकि हादसों में किसी की जान जाने से बच सके।
भिवानी का तोशाम बाईपास हिमाचल और पंजाब से मुंबई तक जाने वाले भारी व माल ढुलाई वाहनों का एकमात्र रास्ता है। यहां से रोजाना ही करीब डेढ़ हजार से अधिक माल ढुलाई वाहन गुजरते हैं। तोशाम बाईपास की सड़क पर तीन से चार जगह दुर्घटना संभावित बिंदु हैं, जिन्हें सुरक्षित किया जाना बेहद जरूरी है। तोशाम बाईपास जूई नहर में दो दिन पहले भी तेज रफ्तार कार नहर में गिर गई थी। इसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और दूसरा अस्पताल पहुंच गया। जिस मोड़ पर ये हादसा हुआ, वहां सुरक्षा के लिए नहर की तरफ कोई रेलिंग तक नहीं है। साथ ही मोड़ पर कोई दिशा सूचक व संकेतक तक नहीं लगा है। इसी तरह हांसी रोड पर तोशाम बाईपास मोड़ भी हादसा प्वाइंट बना है। जबकि दिनोद रोड चौक बाईपास भी हादसा संभावित बिंदु है।
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25 से अधिक दुर्घटना संभावित बिंदु पर भी नहीं पर्याप्त प्रबंध
भिवानी जिले में 25 से अधिक दुर्घटना संभावित प्वाइंट हैं। इसके अलावा शहर के अंदर भी 15 से अधिक दुर्घटना संभावित मोड़ व प्वाइंट हैं। इन पर हर साल औसतन सबसे अधिक सड़क हादसे होते हैं। इनमें कई तो अपंगता और कई लोग अपनी जान ही गंवा बैठते हैं। हालांकि धुंध के दौरान सबसे अधिक सड़क हादसे भी इन्हीं बिंदुओं पर होते हैं।
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सीएम, पीएम को किया ट्वीट फिर भी नहीं हटाया सड़क किनारे पड़ा पेड़
तोशाम बाईपास क्षेत्रवासी शिवकुमार प्रजापति ने बताया कि उसने सड़क किनारे पड़े भारी पेड़ व टूटने के कगार पर पहुंचे पेड़ों को हटाने के लिए पीएम, सीएम को ट्वीट किया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ये पेड़ बाईपास के सड़क दुर्घटना संभावित मोड़ पर पड़ा है। इससे कोई भी वाहन टकराया तो जानमाल की हानि हो सकती है। पहले भी यहां हादसे हुए हैं। कुछ पेड़ भी सड़क की तरफ झुके हैं और सूखे खड़े हैं, जिन्हें हटाए जाने की गुहार लगाई है। धूंध के दिनों में ये पेड़ हादसों की वजह बन सकते हैं।
सड़क किनारे पेड़ और टूटे पेड़ वन विभाग के दायरे में आते हैं। तोशाम बाईपास की सड़क पर हादसा संभावित जगहों पर संकेतक लगाए हुए हैं। धुंध के मौसम से पहले इन बिंदुओं पर संकेतक और दिशा सूचकों को दुरुस्त कराया जाएगा।
-सोनू हुड्डा, कनिष्ठ अभियंता पीडब्ल्यूडी विभाग भिवानी।