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Bhiwani News: योग से नया विहान ... मधुमेह पीड़ित के जीवन में पदकों की मिठास
Sun, 09 Jun 2024 04:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 09 Jun 2024 04:52 AM IST
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भिवानी में कायाकल्प योग केंद्र में मौजूद योग खिलाड़ी व संचालक।
भिवानी। महज 11 साल की उम्र। इस उम्र में बच्चे उछलते-कूदते रहते हैं, मगर विहान मैदान में उतरते ही थक जाता था। परिजनों ने स्वास्थ्य जांच कराया तो विहान उच्च स्तरीय मधुमेह पीड़ित मिला। अब उसे रोज इंसुलिन लेना पड़ता था। उसका वजन भी घटकर मात्र 23 किलो रह गया। ऐसी हालत में उसे करीब एक साल पहले ही परिजन विहान को लेकर कायाकल्प योग केंद्र पहुंचे थे। महज एक साल के भीतर योगाभ्यास के बल पर विहान ने न केवल अपनी बीमारी को मात दी, बल्कि हाल ही में हुई जिलास्तरीय योग ओलंपियाड में भी पदक जीतकर अपनी काबिलियत भी साबित की। अब उसका वजन 32 किलो हो गया है और उसे खेलों के दौरान जरा सी थकान नहीं होती। योग के बल पर जीवन में नया सवेरा लाने वाला विहान अकेला व्यक्ति नहीं है। कायाकल्प योग केंद्र में कम से कम चार खिलाड़ी ऐसे हैं, जो योग से रोग को हराने के साथ ही राज्य व राष्ट्रीय खेलों में पदकों की झड़ी लगा रहे हैं।
भिवानी की पार्क कॉलोनी में स्थित कायाकल्प योग केंद्र की शुरुआत 23 अप्रैल 2017 को हुई थी। तब बहुत कम बच्चे इस केंद्र थे। जो जुड़े थे उनका मकसद भी खुद को सेहतमंद बनाना भर था लेकिन बच्चों की मेहनत और योग्य मार्गदर्शन के कारण कुछ समय में ही अकादमी से राज्य व राष्ट्रीय स्तर के कई योग खिलाड़ी निकल गए। योग केंद्र की कोच रेनु वर्मा ने बताया कि फिलहाल उनके केंद्र में 36 योग खिलाड़ी हैं जिनमें से चार राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी हैं जबकि दस राज्य स्तर के योग खिलाड़ी हैं। उनके योग केंद्र से अब तक करीब ढाई सौ खिलाड़ी तैयार निकल चुके हैं। रेनु वर्मा ने बताया कि शारीरिक फिटनेस को बरकरार रखने और बीमारी से मुक्ति के लिए कई महिलाएं यहां रोज अभ्यास करती हैं। इनमें से कुछ महिलाओं को लंबी बीमारियों की दवाइयों से भी हमेशा के लिए छुटकारा मिल गया है।
बचपन में लगा था करंट, डॉक्टर बोले- ये बच्ची कभी नहीं खेल सकती, अब राष्ट्रीय खिलाड़ी
नई पुलिस लाइन कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय प्रीति को बचपन में करंट लगा था, जिसकी वजह से फिजिकल वर्क करते ही उल्टी और चक्कर आने लगता था। प्रीति की माता हरियाणा पुलिस में एएसआई रेनु और पिता वीरेंद्र सिंह ने उसे चिकित्सक को दिखाया। उसकी सभी जांच के उपरांत चिकित्सक ने कहा था कि ये बच्ची अपने जीवन में कभी ज्यादा शारीरिक काम व खेलकूद नहीं कर सकती। इसके बाद रेनु ने अपनी बेटी को 2017 में कायाकल्प योग केंद्र भेजना शुरू किया। शुरुआत में प्रीति को योग करने के उपरांत उल्टी और चक्कर भी आता था, मगर धीरे-धीरे वह अपना अभ्यास बेहतर करती चली गई। फिलहाल प्रीति तीन बार हरियाणा नेशनल स्कूली खेलों में पदक जीत चुकी है। प्रीति अब पूरी तरह स्वस्थ ही नहीं बल्कि योग की राष्ट्रीय खिलाड़ी बन पदकों की झड़ी लगा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग में आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर डॉ मीना का मात्र 9 साल का बेटा पार्थ बचपन से काफी चंचल स्वभाव का था। उसकी वजह से वह स्कूल में पढ़ाई नहीं कर पा रहा था और कोई काम भी ठीक से नहीं करता था। परेशान परिजन उसे लेकर कायाकल्प योग केंद्र पहुंचे। उसे योग के जरिए एकाग्रता की शक्ति मिली जिससे वह राज्य स्तर का योग खिलाड़ी बन सका। पार्थ ने जिला स्तरीय योग में भी पदक जीता है। स्कूल में भी अब उसकी तारीफ होती है।
ये हैं अकादमी के होनहार सितारे
कायाकल्प योगा केंद्र के राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रीति, जया वर्मा, महक वर्मा, मानवी के अलावा राज्य स्तर की योग खिलाड़ी स्वाति, ईशिका, मानसी, यशिका, राशि, तृष, पारस, माधव, पार्थ, आरुष शामिल हैं। ये खिलाड़ी योग की हर स्पर्धा में अपना बेहतर प्रदर्शन कर खेलों में नाम कमा रहे हैं।
कायाकल्प योग केंद्र में छह से 17 साल की उम्र तक के लड़के और लड़कियां योग अभ्यास के लिए आ रहे हैं इनमें से अधिकांश अकादमी के योग खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में प्रतिभागिता कर बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं, कई खिलाड़ियों ने पदक जीत अपने परिवार व अकादमी का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों के लिए यहां योग के बेहतर अभ्यास के लिए जरूरी संसाधन भी मौजूद हैं।
-रेनु वर्मा कोच कायाकल्प योग केंद्र भिवानी।
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भिवानी की पार्क कॉलोनी में स्थित कायाकल्प योग केंद्र की शुरुआत 23 अप्रैल 2017 को हुई थी। तब बहुत कम बच्चे इस केंद्र थे। जो जुड़े थे उनका मकसद भी खुद को सेहतमंद बनाना भर था लेकिन बच्चों की मेहनत और योग्य मार्गदर्शन के कारण कुछ समय में ही अकादमी से राज्य व राष्ट्रीय स्तर के कई योग खिलाड़ी निकल गए। योग केंद्र की कोच रेनु वर्मा ने बताया कि फिलहाल उनके केंद्र में 36 योग खिलाड़ी हैं जिनमें से चार राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी हैं जबकि दस राज्य स्तर के योग खिलाड़ी हैं। उनके योग केंद्र से अब तक करीब ढाई सौ खिलाड़ी तैयार निकल चुके हैं। रेनु वर्मा ने बताया कि शारीरिक फिटनेस को बरकरार रखने और बीमारी से मुक्ति के लिए कई महिलाएं यहां रोज अभ्यास करती हैं। इनमें से कुछ महिलाओं को लंबी बीमारियों की दवाइयों से भी हमेशा के लिए छुटकारा मिल गया है।
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बचपन में लगा था करंट, डॉक्टर बोले- ये बच्ची कभी नहीं खेल सकती, अब राष्ट्रीय खिलाड़ी
नई पुलिस लाइन कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय प्रीति को बचपन में करंट लगा था, जिसकी वजह से फिजिकल वर्क करते ही उल्टी और चक्कर आने लगता था। प्रीति की माता हरियाणा पुलिस में एएसआई रेनु और पिता वीरेंद्र सिंह ने उसे चिकित्सक को दिखाया। उसकी सभी जांच के उपरांत चिकित्सक ने कहा था कि ये बच्ची अपने जीवन में कभी ज्यादा शारीरिक काम व खेलकूद नहीं कर सकती। इसके बाद रेनु ने अपनी बेटी को 2017 में कायाकल्प योग केंद्र भेजना शुरू किया। शुरुआत में प्रीति को योग करने के उपरांत उल्टी और चक्कर भी आता था, मगर धीरे-धीरे वह अपना अभ्यास बेहतर करती चली गई। फिलहाल प्रीति तीन बार हरियाणा नेशनल स्कूली खेलों में पदक जीत चुकी है। प्रीति अब पूरी तरह स्वस्थ ही नहीं बल्कि योग की राष्ट्रीय खिलाड़ी बन पदकों की झड़ी लगा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग में आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर डॉ मीना का मात्र 9 साल का बेटा पार्थ बचपन से काफी चंचल स्वभाव का था। उसकी वजह से वह स्कूल में पढ़ाई नहीं कर पा रहा था और कोई काम भी ठीक से नहीं करता था। परेशान परिजन उसे लेकर कायाकल्प योग केंद्र पहुंचे। उसे योग के जरिए एकाग्रता की शक्ति मिली जिससे वह राज्य स्तर का योग खिलाड़ी बन सका। पार्थ ने जिला स्तरीय योग में भी पदक जीता है। स्कूल में भी अब उसकी तारीफ होती है।
ये हैं अकादमी के होनहार सितारे
कायाकल्प योगा केंद्र के राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रीति, जया वर्मा, महक वर्मा, मानवी के अलावा राज्य स्तर की योग खिलाड़ी स्वाति, ईशिका, मानसी, यशिका, राशि, तृष, पारस, माधव, पार्थ, आरुष शामिल हैं। ये खिलाड़ी योग की हर स्पर्धा में अपना बेहतर प्रदर्शन कर खेलों में नाम कमा रहे हैं।
कायाकल्प योग केंद्र में छह से 17 साल की उम्र तक के लड़के और लड़कियां योग अभ्यास के लिए आ रहे हैं इनमें से अधिकांश अकादमी के योग खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में प्रतिभागिता कर बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं, कई खिलाड़ियों ने पदक जीत अपने परिवार व अकादमी का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों के लिए यहां योग के बेहतर अभ्यास के लिए जरूरी संसाधन भी मौजूद हैं।
-रेनु वर्मा कोच कायाकल्प योग केंद्र भिवानी।