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सरसों की सरकारी खरीद में व्यापारियों के बगावती सुर से मुश्किल में पड़ा प्रशासन
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अनाज मंडी में फुटपाथ का निर्माण कार्य करते मजदूर।
- फोटो : Bhiwani
कोरोना के कहर के साइड इफेक्टस अब जिला प्रशासन और सरकार के सामने आने लगे हैं। सरसों की सरकारी खरीद में व्यापारियों के बगावती सुर के बाद जिला प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। सरसों और इसके बाद गेहूं की सरकारी खरीद पर कोई संकट न मंडराए, इसके लिए व्यापारियों की मानमनोवत भी हो रही है। वहीं, सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन ने भी आढ़तियों द्वारा लिखित में खरीद से इनकार किए जाने के बाद कोऑपरेटिव सोसायटियों के माध्यम से सरसों की खरीद की तैयारी कर दी है। हालांकि अभी तक इस संबंध में जिला प्रशासन ने अधिकारिक तौर पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।
मगर, विकल्प के तौर पर अधिकारियों को अंदर खाते संकेत जरूर दिए हैं। भिवानी जिले में करीब एक लाख किसानों का मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन सरसों खरीद के लिए हो चुका है। जिसमें संबंधित विभागों द्वारा करीब 70 हजार किसानों को फसल खरीद के लिए कूपन जारी किए जाएंगे। करीब 30 हजार किसानों का डबल रजिस्ट्रेशन होने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।
भिवानी जिला में 15 अप्रैल से शुरू होने वाली सरसों की सरकारी खरीद के लिए 41 मंडियों का चयन हुआ है। इसमें से 32 मंडियों में सरसों खरीद का शेड्यूल बना है। इसमें 16 मंडियों में हैफेड और 16 मंडियों में एचडब्ल्यूसी द्वारा सरसों खरीद की जाएगी। व्यापारियों ने अब तक सरसों की खरीद शुरू होने से पहले हुई बैठक में लिखित में खरीद नहीं किए जाने का फरमान सुना दिया है। इसमें वजह यह दर्शायी गई है कि कोरोना वायरस के चलते खरीद नहीं करेंगे। इसके अलावा लेबर और ग्रामीण मंडियों तक आढ़तियों को जाने मेें परेशानियां दर्शायी गई हैं। लेकिन इसके बाद प्रशासन ने भी निर्धारित शेडयूल के हिसाब से सरसों खरीद को लेकर हर स्तर पर अपने इंतजाम पूरे किए हुए हैं।
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इन मंडियों में होनी है सरसों खरीद
हैफेड द्वारा भिवानी, लोहारू, बहल, ढिगावा मंडी, चारा मंडी भिवानी, कैरू, चांग, बामला, सिवानी के बुद्धशैली, भैरा, कासनी, सिधनवा, मिठी, चहडक़लां, बुढेड़ा, सोहासड़ा में खरीद होनी है। जबकि एचडब्ल्यूसी द्वारा सिवानी, तोशाम, जुई, बवानीखेड़ा, नंदगांव, दिनोद, बलियाली, कालोद, गुरेरा, मिरान, ओबरा, पाजू, बिधनोई, कुडलवास, ईश्रवाल, पटौदी में खरीद की जाएगी।
जिले की नौ मंडियों में सरसों खरीद को लेकर बना हुआ है संशय
हैफेड और एचडब्ल्यूसी द्वारा सरसों की खरीद में अभी तक जिला की नौ मंडियों में संशय बना हुआ है। इन मंडियों में गारनपुरा, सरल, अलखपुरा, रतेरा, जमालपुर, कुंगड़, लोहानी, लेंघा, बडवा शामिल है। इन नौ मंडियों में अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि आखिर कौन सी एजेंसी यहां पर सरसों की खरीद शुरू करेगी।
सरकारी खरीद को लेकर मंडियों में सभी इंतजाम किए हुए हैं। लेकिन आढ़तियों ने खरीद में शामिल नहीं होने की बात लिखित में दी हैं। यह मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया है। हमारी तरफ से मंडी में खरीद को लेकर पूरी तैयारी है।
- ज्योति धनखड़, सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केटिंग बोर्ड भिवानी।
सरकार के निर्देशानुसार सरसों की सरकारी खरीद शुरू की जाएगी। अगर आढ़ती इसमें सहयोग नहीं करते हैं तो फिर कोऑपरेटिव सोसायटी के माध्यम से सरसों खरीद होगी। खरीद के लिए मंडियों का शेडयूल भी जारी हो चुका है।
- संतराम, जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।
सरसों खरीद में शामिल नहीं होने देने के संबंध में लिखित में दिया जा चुका है, लेकिन फिर भी स्टेट बॉडी की राज्य सरकार के साथ बातचीत चल रही है। गेहूं की खरीद के संबंध में मामला सुलझ गया है। गेहूं की खरीद में आढ़ती पूरा सहयोग करेंगे।
- रामनिवास गुप्ता सिवानीवाला, प्रधान ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी।
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मगर, विकल्प के तौर पर अधिकारियों को अंदर खाते संकेत जरूर दिए हैं। भिवानी जिले में करीब एक लाख किसानों का मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन सरसों खरीद के लिए हो चुका है। जिसमें संबंधित विभागों द्वारा करीब 70 हजार किसानों को फसल खरीद के लिए कूपन जारी किए जाएंगे। करीब 30 हजार किसानों का डबल रजिस्ट्रेशन होने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।
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भिवानी जिला में 15 अप्रैल से शुरू होने वाली सरसों की सरकारी खरीद के लिए 41 मंडियों का चयन हुआ है। इसमें से 32 मंडियों में सरसों खरीद का शेड्यूल बना है। इसमें 16 मंडियों में हैफेड और 16 मंडियों में एचडब्ल्यूसी द्वारा सरसों खरीद की जाएगी। व्यापारियों ने अब तक सरसों की खरीद शुरू होने से पहले हुई बैठक में लिखित में खरीद नहीं किए जाने का फरमान सुना दिया है। इसमें वजह यह दर्शायी गई है कि कोरोना वायरस के चलते खरीद नहीं करेंगे। इसके अलावा लेबर और ग्रामीण मंडियों तक आढ़तियों को जाने मेें परेशानियां दर्शायी गई हैं। लेकिन इसके बाद प्रशासन ने भी निर्धारित शेडयूल के हिसाब से सरसों खरीद को लेकर हर स्तर पर अपने इंतजाम पूरे किए हुए हैं।
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इन मंडियों में होनी है सरसों खरीद
हैफेड द्वारा भिवानी, लोहारू, बहल, ढिगावा मंडी, चारा मंडी भिवानी, कैरू, चांग, बामला, सिवानी के बुद्धशैली, भैरा, कासनी, सिधनवा, मिठी, चहडक़लां, बुढेड़ा, सोहासड़ा में खरीद होनी है। जबकि एचडब्ल्यूसी द्वारा सिवानी, तोशाम, जुई, बवानीखेड़ा, नंदगांव, दिनोद, बलियाली, कालोद, गुरेरा, मिरान, ओबरा, पाजू, बिधनोई, कुडलवास, ईश्रवाल, पटौदी में खरीद की जाएगी।
जिले की नौ मंडियों में सरसों खरीद को लेकर बना हुआ है संशय
हैफेड और एचडब्ल्यूसी द्वारा सरसों की खरीद में अभी तक जिला की नौ मंडियों में संशय बना हुआ है। इन मंडियों में गारनपुरा, सरल, अलखपुरा, रतेरा, जमालपुर, कुंगड़, लोहानी, लेंघा, बडवा शामिल है। इन नौ मंडियों में अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि आखिर कौन सी एजेंसी यहां पर सरसों की खरीद शुरू करेगी।
सरकारी खरीद को लेकर मंडियों में सभी इंतजाम किए हुए हैं। लेकिन आढ़तियों ने खरीद में शामिल नहीं होने की बात लिखित में दी हैं। यह मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया है। हमारी तरफ से मंडी में खरीद को लेकर पूरी तैयारी है।
- ज्योति धनखड़, सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केटिंग बोर्ड भिवानी।
सरकार के निर्देशानुसार सरसों की सरकारी खरीद शुरू की जाएगी। अगर आढ़ती इसमें सहयोग नहीं करते हैं तो फिर कोऑपरेटिव सोसायटी के माध्यम से सरसों खरीद होगी। खरीद के लिए मंडियों का शेडयूल भी जारी हो चुका है।
- संतराम, जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।
सरसों खरीद में शामिल नहीं होने देने के संबंध में लिखित में दिया जा चुका है, लेकिन फिर भी स्टेट बॉडी की राज्य सरकार के साथ बातचीत चल रही है। गेहूं की खरीद के संबंध में मामला सुलझ गया है। गेहूं की खरीद में आढ़ती पूरा सहयोग करेंगे।
- रामनिवास गुप्ता सिवानीवाला, प्रधान ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी।