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जिले के 136649 गरीबों के घरों में नहीं लग रहा सरसों तेल का तड़का
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राशन डिपो पर बॉयोमीट्रिक से राशन वितरित करता संचालक अनिल कुमार। संवाद
- फोटो : Bhiwani
संजय वर्मा
भिवानी। जिले के 136649 गरीबों के घर पर सब्जी में सरसों तेल का तड़का नहीं लग रहा है। न ही गरीबों को सरकारी डिपो के नमक का स्वाद चखने को मिला है। सरकार ने 4 जून को गरीबों के बैंक खातों में सरसों तेल के बदले 250 रुपये डालने का एलान किया था, लेकिन 20 दिन बाद भी गरीबों को डिपो पर न तो सरसों तेल मिला है न ही उनके खाते में रुपये आए हैं।
विभाग के पास अब तक सभी गरीबों के बैंक खातों की जानकारी ही नहीं है। इसकी एक वजह यह भी मानी जा रही है कि अब तक सभी गरीबों के परिवार पहचान पत्र नहीं बने हैं, जिसमें परिवार के मुखिया का बैंक खाता भी जुड़ा है।
जिले में एक लाख 36 हजार 649 राशन कार्ड धारक ऐसे हैं, जो बीपीएल, एएवाई और प्राथमिक परिवार की श्रेणी में आते हैं। इन परिवारों में पांच लाख 96 हजार 904 सदस्यों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें हर माह सस्ता राशन मिलता है। जिले में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा दो लाख 23 हजार 859 परिवारों के राशन कार्ड बनाए हुए हैं। एपीएल यानी सामान्य श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को सरकार की राशन वितरण संबंधित किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलता है। जबकि अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई), बीपीएल स्टेट, बीपीएल सेंट्रल और प्राथमिक परिवार (ओपीएच) परिवारों को 435 डिपो पर रियायती दरों पर सरसों तेल, चीनी, गेहूं, चना, बाजरा, नमक का वितरण निर्धारित है।
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ये मिल रहा गरीबों को राशन
जून में एएवाई परिवारों के लिए 35 किलोग्राम गेहूं की बजाए 25 किलो गेहूं और 10 किलो बाजरा देने का प्रावधान है। स्टेट बीपीएल, सेंट्रल बीपीएल और प्राथमिक परिवारों को प्रति सदस्य दो किलो बाजरा व तीन किलो गेहूं दिया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में एक रुपया प्रति किलो बाजरा व दो रुपये प्रति किलो गेहूं का भुगतान कराया गया, जबकि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में मुफ्त राशन दिया गया। (संवाद)
जिले में गरीब परिवार और सदस्य
श्रेणी परिवार सदस्य
एएवाई 13918 56680
ओपीएच 73719 318976
सीबीपीएल 23995 199021
एसबीपीएल 25017 112227
----------
ये बोले गरीब
पूरा जून गुजरने को है, अब तक डिपो पर हमें न तो सरसों तेल मिला है और न ही खाते में पैसे आए हैं। दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहे हैं। सरकार से मिलने वाले सरसों तेल से ही पूरे महीने का काम चलता था। अब मुश्किल हो रही है।
-प्यारी देवी, बीपीएल परिवार।
हमें तो पहले से ही पता था कि गरीबों को कुछ नहीं मिलने वाला है। एक-एक कर गरीबों के मुंह से निवाला छीना जा रहा है। अब तेल और नमक बंद हुआ हैञ बाद में गेहूं और दाल बंद हो जाएगी। गरीबी ने पहले ही कमर तोड़ दी है। कोरोना में सब ठप हो गया है।
-श्याम वर्मा, बीपीएल परिवार सदस्य।
गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है। डिपो पर कभी कोई राशन तो कभी किसी चीज का अभाव हमेशा बना रहता है। हमें जो चीज सस्ती मिलनी चाहिए, उसे बाहर से महंगे दामों में खरीदना पड़ता है। पहले ही महंगाई ने गरीबों का जीना दमभर कर दिया है। हमें सरकारी योजनाओं से कोई राहत नहीं मिल रही है।
-राजू प्लंबर, बीपीएल परिवार सदस्य।
लगता है गरीबों को पैसे देने की सरकार की मंशा ही नहीं है। समय पर अगर गरीबों को राहत नहीं मिले तो बाद में उसका क्या लाभ होगा। जून में खातों में पैसे आने थे, मगर अभी तक कोई पैसा नहीं आया है।
-राजू, बीपीएल परिवार सदस्य।
जून की सप्लाई में नहीं आया तेल और नमक
डिपो पर जून की सप्लाई में सरसों तेल और नमक नहीं आया। बाकी राशन का वितरण किया जा चुका है। लोग डिपो पर रोजाना तेल के पैसे खाते में नहीं आने के बारे में पूछताछ करने के लिए आ रहे हैं। राशन वितरण का काम पीओएस मशीन से जुड़ा है।
-अनिल कुमार, डिपो संचालक, दिनोद रोड भिवानी।
खातों की पूरी जानकारी नहीं आई है
अब तक सभी बीपीएल परिवारों के बैंक खातों की जानकारी नहीं आई है। विभाग डिपो स्तर पर गरीब परिवारों के परिवार पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी जुटा रहा है। हम गरीबों को सरसों तेल के पैसों का जल्द से जल्द खाते में भुगतान का प्रयास कर रहे हैं।
-चंद्रशेखर खरे, निदेशक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग।
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भिवानी। जिले के 136649 गरीबों के घर पर सब्जी में सरसों तेल का तड़का नहीं लग रहा है। न ही गरीबों को सरकारी डिपो के नमक का स्वाद चखने को मिला है। सरकार ने 4 जून को गरीबों के बैंक खातों में सरसों तेल के बदले 250 रुपये डालने का एलान किया था, लेकिन 20 दिन बाद भी गरीबों को डिपो पर न तो सरसों तेल मिला है न ही उनके खाते में रुपये आए हैं।
विभाग के पास अब तक सभी गरीबों के बैंक खातों की जानकारी ही नहीं है। इसकी एक वजह यह भी मानी जा रही है कि अब तक सभी गरीबों के परिवार पहचान पत्र नहीं बने हैं, जिसमें परिवार के मुखिया का बैंक खाता भी जुड़ा है।
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जिले में एक लाख 36 हजार 649 राशन कार्ड धारक ऐसे हैं, जो बीपीएल, एएवाई और प्राथमिक परिवार की श्रेणी में आते हैं। इन परिवारों में पांच लाख 96 हजार 904 सदस्यों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें हर माह सस्ता राशन मिलता है। जिले में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा दो लाख 23 हजार 859 परिवारों के राशन कार्ड बनाए हुए हैं। एपीएल यानी सामान्य श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को सरकार की राशन वितरण संबंधित किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलता है। जबकि अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई), बीपीएल स्टेट, बीपीएल सेंट्रल और प्राथमिक परिवार (ओपीएच) परिवारों को 435 डिपो पर रियायती दरों पर सरसों तेल, चीनी, गेहूं, चना, बाजरा, नमक का वितरण निर्धारित है।
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ये मिल रहा गरीबों को राशन
जून में एएवाई परिवारों के लिए 35 किलोग्राम गेहूं की बजाए 25 किलो गेहूं और 10 किलो बाजरा देने का प्रावधान है। स्टेट बीपीएल, सेंट्रल बीपीएल और प्राथमिक परिवारों को प्रति सदस्य दो किलो बाजरा व तीन किलो गेहूं दिया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में एक रुपया प्रति किलो बाजरा व दो रुपये प्रति किलो गेहूं का भुगतान कराया गया, जबकि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में मुफ्त राशन दिया गया। (संवाद)
जिले में गरीब परिवार और सदस्य
श्रेणी परिवार सदस्य
एएवाई 13918 56680
ओपीएच 73719 318976
सीबीपीएल 23995 199021
एसबीपीएल 25017 112227
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ये बोले गरीब
पूरा जून गुजरने को है, अब तक डिपो पर हमें न तो सरसों तेल मिला है और न ही खाते में पैसे आए हैं। दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहे हैं। सरकार से मिलने वाले सरसों तेल से ही पूरे महीने का काम चलता था। अब मुश्किल हो रही है।
-प्यारी देवी, बीपीएल परिवार।
हमें तो पहले से ही पता था कि गरीबों को कुछ नहीं मिलने वाला है। एक-एक कर गरीबों के मुंह से निवाला छीना जा रहा है। अब तेल और नमक बंद हुआ हैञ बाद में गेहूं और दाल बंद हो जाएगी। गरीबी ने पहले ही कमर तोड़ दी है। कोरोना में सब ठप हो गया है।
-श्याम वर्मा, बीपीएल परिवार सदस्य।
गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है। डिपो पर कभी कोई राशन तो कभी किसी चीज का अभाव हमेशा बना रहता है। हमें जो चीज सस्ती मिलनी चाहिए, उसे बाहर से महंगे दामों में खरीदना पड़ता है। पहले ही महंगाई ने गरीबों का जीना दमभर कर दिया है। हमें सरकारी योजनाओं से कोई राहत नहीं मिल रही है।
-राजू प्लंबर, बीपीएल परिवार सदस्य।
लगता है गरीबों को पैसे देने की सरकार की मंशा ही नहीं है। समय पर अगर गरीबों को राहत नहीं मिले तो बाद में उसका क्या लाभ होगा। जून में खातों में पैसे आने थे, मगर अभी तक कोई पैसा नहीं आया है।
-राजू, बीपीएल परिवार सदस्य।
जून की सप्लाई में नहीं आया तेल और नमक
डिपो पर जून की सप्लाई में सरसों तेल और नमक नहीं आया। बाकी राशन का वितरण किया जा चुका है। लोग डिपो पर रोजाना तेल के पैसे खाते में नहीं आने के बारे में पूछताछ करने के लिए आ रहे हैं। राशन वितरण का काम पीओएस मशीन से जुड़ा है।
-अनिल कुमार, डिपो संचालक, दिनोद रोड भिवानी।
खातों की पूरी जानकारी नहीं आई है
अब तक सभी बीपीएल परिवारों के बैंक खातों की जानकारी नहीं आई है। विभाग डिपो स्तर पर गरीब परिवारों के परिवार पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी जुटा रहा है। हम गरीबों को सरसों तेल के पैसों का जल्द से जल्द खाते में भुगतान का प्रयास कर रहे हैं।
-चंद्रशेखर खरे, निदेशक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग।