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Bhiwani News: सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह बोले- शिक्षक राष्ट्र का निर्माता, मां और शिक्षक का सम्मान जरूरी
Sat, 05 Sep 2026 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 05 Sep 2026 12:24 AM IST
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भिवानी में शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित शिक्षकों के साथ बोर्ड चेयरमैन शंकर धूपड़, सांसद च
भिवानी। शिक्षक राष्ट्र का निर्माता है और मां, भारत मां व शिक्षक का जीवन में विशेष महत्व है इसलिए शिक्षक का सम्मान जरूरी है। यह बात भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृति सेवा समिति एवं वैश्य इंटरनेशनल स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन पुरस्कार एवं शिक्षक सम्मान समारोह में कही।
समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय सेवाओं और उल्लेखनीय योगदान के लिए 101 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ विशिष्ट अतिथि रहे। अध्यक्षता शिवरत्न गुप्ता एवं उद्योगपति पवन बवानीवाला ने की। इस अवसर पर समाजसेवी सुरेंद्र लोहिया, राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता समाजसेवी लक्ष्मण गौड़, सदाचारी शिक्षा समिति की निदेशक सावित्री यादव, हिंद केसरी बाली शर्मा, लोक गायक एवं राष्ट्रपति अवाॅर्डी अशोक कुमार भारद्वाज, प्राचार्य करतार सिंह जाखड़, एनसीसी अधिकारी राजेश मुखी, प्राचार्य भगत सिंह कोठारी और भाजपा नेता रीतिक वधवा मौजूद रहे।
किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी जरूरी
चौधरी धर्मबीर सिंह और शंकर धूपड़ ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान देना भी जरूरी है। शिक्षकों को बच्चों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और मानवीय गुण विकसित करने चाहिए। समारोह में हरियाणा के कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, हिसार, रेवाड़ी, रोहतक, जींद, सोनीपत, यमुनानगर, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, करनाल, कैथल और झज्जर जिलों के अलावा दिल्ली और राजस्थान से जुड़े शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में डॉ. अनुराधा शर्मा, सोनिया शर्मा, राजेश कौशिक, अनामिका शर्मा, सुनीता कुमारी, भगत सिंह कोठारी, अश्विनी शर्मा, विकास कुमार, शिव कुमार और सुमन पंवार सहित 101 शिक्षक शामिल रहे।
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मां बच्चे का पालन-पोषण करती है, शिक्षक तराशकर जीवन योग्य बनाता है
चौधरी धर्मबीर सिंह ने कहा कि मां बच्चे का पालन-पोषण करती है, शिक्षक उसे तराशकर जीवन जीने योग्य बनाता है जबकि भारत मां अपनी धरती पर सभी का पालन-पोषण करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक से अधिक सम्मान का अधिकारी दुनिया में कोई नहीं है। अपने गुरुओं का सम्मान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर आत्मा से किया जाना चाहिए।
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समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय सेवाओं और उल्लेखनीय योगदान के लिए 101 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ विशिष्ट अतिथि रहे। अध्यक्षता शिवरत्न गुप्ता एवं उद्योगपति पवन बवानीवाला ने की। इस अवसर पर समाजसेवी सुरेंद्र लोहिया, राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता समाजसेवी लक्ष्मण गौड़, सदाचारी शिक्षा समिति की निदेशक सावित्री यादव, हिंद केसरी बाली शर्मा, लोक गायक एवं राष्ट्रपति अवाॅर्डी अशोक कुमार भारद्वाज, प्राचार्य करतार सिंह जाखड़, एनसीसी अधिकारी राजेश मुखी, प्राचार्य भगत सिंह कोठारी और भाजपा नेता रीतिक वधवा मौजूद रहे।
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किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी जरूरी
चौधरी धर्मबीर सिंह और शंकर धूपड़ ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान देना भी जरूरी है। शिक्षकों को बच्चों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और मानवीय गुण विकसित करने चाहिए। समारोह में हरियाणा के कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, हिसार, रेवाड़ी, रोहतक, जींद, सोनीपत, यमुनानगर, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, करनाल, कैथल और झज्जर जिलों के अलावा दिल्ली और राजस्थान से जुड़े शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में डॉ. अनुराधा शर्मा, सोनिया शर्मा, राजेश कौशिक, अनामिका शर्मा, सुनीता कुमारी, भगत सिंह कोठारी, अश्विनी शर्मा, विकास कुमार, शिव कुमार और सुमन पंवार सहित 101 शिक्षक शामिल रहे।
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मां बच्चे का पालन-पोषण करती है, शिक्षक तराशकर जीवन योग्य बनाता है
चौधरी धर्मबीर सिंह ने कहा कि मां बच्चे का पालन-पोषण करती है, शिक्षक उसे तराशकर जीवन जीने योग्य बनाता है जबकि भारत मां अपनी धरती पर सभी का पालन-पोषण करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक से अधिक सम्मान का अधिकारी दुनिया में कोई नहीं है। अपने गुरुओं का सम्मान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर आत्मा से किया जाना चाहिए।