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Bhiwani News: जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की बड़ी परियोजनाएं अटकी, मानसून में पानी निकासी में आएगी दिक्कत, फेज एक का भी पूरा नहीं हुआ काम
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संजय वर्मा
भिवानी। अब शहर को दिसंबर तक नई सीवरेज और पानी की पाइप लाइन डालने के कार्यों के लिए इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि अमृत फेज एक का काम पूरा नहीं होने की वजह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की बड़ी परियोजनाओं पर काम शुरू होने से पहले ही अटक गया है। प्रथम फेज के अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने के लिए छह माह की एक्सटेंशन दी गई है। जिसे दिसंबर तक पूरा किए जाने उम्मीद है।
इसके बाद ही दूसरे फेज की बड़ी परियोजनाओं की प्लानिंग आगे बढ़ पाएगी। इतना ही नहीं इस मानसून में देवसर चुंगी डिस्पोजल के सैफ्टी टैंक के अंदर लगी चैंबर स्क्रीन भी हटाई जाएगी ताकि बरसाती पानी से निकासी में कोई रुकावट न आए।
दरअसल 100 करोड़ से अधिक के बजट से शहर में अमृत योजना के प्रथम चरण के तहत बरसाती पानी की निकासी और सीवरेज लाइनों के अलावा डिस्पोजल की क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा है। इन परियोजनाओं का करीब अभी 90 फीसदी काम ही पूरा हुआ है। हालांकि परियोजना में कुछ कार्यों को एक्सटेंड कर दिया गया, जिसकी वजह से अब इस कार्य में छह माह की एक्सटेंशन भी एजेंसी को मिली है। जब तक प्रथम फेज का काम पूरा नहीं होगा तब तक दूसरे फेज का काम शुरू नहीं किया जा सकेगा। दूसरे फेज में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग बरसाती पानी की निकासी के लिए दो नए डिस्पोजल शहर में बनाएगा।
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इसके अलावा शहर की बाहरी काॅलोनियों में नई सीवरेज और पानी की पाइप लाइन डाली जाएगी जबकि करीब 30 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन पुराने शहर में बदली जाएगी। करोड़ों रुपये के इन प्रोजेक्ट का जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग खाका तैयार करने में जुटा है। जिसका सर्वेक्षण का काम होना अभी बाकी है। सर्वेक्षण के बाद ही नई और पुरानी सीवरेज और पेयजल लाइनों के साथ नए डिस्पोजल पर बजट का प्रारूप तैयार होगा।
मानसून में नहीं मिलेगी पूरे शहर को जलभराव से निजात
प्री मानसून और मानसून में इस बार भी पूरे शहर को जलभराव से निजात नहीं मिलेगी। फेज दो की परियोजनाएं मानसून से पहले सिरे नहीं चढ़ पाएंगी। जिसकी वजह से शहर के निचले इलाकों में इस मानसून जलभराव का दंश शहरवासियों को झेलना पड़ेगा। हालांकि पहले बने बरसाती डिस्पोजलों को पानी निकासी के लिए तैयार रखा जाएगा, लेकिन ये डिस्पोजल भी शहर से बरसाती पानी की निकासी में पांच से सात घंटे का समय लेंगे। अगर फेज दो का काम प्री मानसून से पहले आरंभ होता तो शायद कुछ हिस्से को निजात मिल सकती थी।
पुराने डिस्पोजल से हटेगी चैंबर स्क्रीन
देवसर चुंगी के डिस्पोजल पर सेफ्टी टैंक के अंदर पॉथिथीन व अन्य कचरे को निकालने के लिए लगाई गई चैंबर स्क्रीन भी हटाई जाएगी। ये मशीन अब खस्ताहाल हो चुकी है। जिसकी वजह से बारिश के दौरान पानी निकासी में भी दिक्कत आ रही है। बारिश के बाद इसे फिर से दुरुस्त कर स्थापित किया जाएगा। करीब 10 लाख की लागत से लगी ये मशीन शुरुआत में बारिश के दिनों में सेफ्टी टैंक से दो टन पॉलिथीन का कचरा निकालने की क्षमता रखती थी, मगर अब इसका चैन सिस्टम खराब पड़ा है। सेफ्टी टैंकों से पॉलिथीन कचरा मेनुअल निकाला जाएगा।
मेन सीवर लाइन की रुकावट दूर करने के लिए लगाएंगे 900 एमएम का पाइप
हालुवास गेट सरकुलर रोड पर मुख्य सीवरेज लाइन की रुकावट दूर करने के लिए दिल्ली से 900 एमएम का 70 फुट का नया पाइप आया है। इस पाइप को करीब 25 फुट गहरी डेमेज सीवर लाइन की जगह डाला जाएगा। जिसके बाद सरकुलर रोड की मुख्य सीवर लाइन को देवसर चुंगी डिस्पोजल तक चालू कर दिया जाएगा।
अभी शहर में अमृत फेज एक का काम बाकी है। ये पूरा होने के बाद ही फेज दो का काम जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग आरंभ कराएगा। इस मानसून सीजन में फेज दो की बड़ी परियोजनाओं पर काम शुरू होना संभव नहीं है, क्योंकि फेज एक के कार्य को अब छह माह की एक्सटेंशन मिली है, जिसे जल्द पूरा कराया जाना है। देवसर चुंगी डिस्पोजल के सेफ्टी टैंक की चैंबर स्क्रीन को भी बारिश से पहले हटाया जाएगा, ताकि बारिश के पानी का फ्लो तेज होने पर रुकावट न बने।
-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता शहरी सीवरेज शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
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भिवानी। अब शहर को दिसंबर तक नई सीवरेज और पानी की पाइप लाइन डालने के कार्यों के लिए इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि अमृत फेज एक का काम पूरा नहीं होने की वजह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की बड़ी परियोजनाओं पर काम शुरू होने से पहले ही अटक गया है। प्रथम फेज के अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने के लिए छह माह की एक्सटेंशन दी गई है। जिसे दिसंबर तक पूरा किए जाने उम्मीद है।
इसके बाद ही दूसरे फेज की बड़ी परियोजनाओं की प्लानिंग आगे बढ़ पाएगी। इतना ही नहीं इस मानसून में देवसर चुंगी डिस्पोजल के सैफ्टी टैंक के अंदर लगी चैंबर स्क्रीन भी हटाई जाएगी ताकि बरसाती पानी से निकासी में कोई रुकावट न आए।
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दरअसल 100 करोड़ से अधिक के बजट से शहर में अमृत योजना के प्रथम चरण के तहत बरसाती पानी की निकासी और सीवरेज लाइनों के अलावा डिस्पोजल की क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा है। इन परियोजनाओं का करीब अभी 90 फीसदी काम ही पूरा हुआ है। हालांकि परियोजना में कुछ कार्यों को एक्सटेंड कर दिया गया, जिसकी वजह से अब इस कार्य में छह माह की एक्सटेंशन भी एजेंसी को मिली है। जब तक प्रथम फेज का काम पूरा नहीं होगा तब तक दूसरे फेज का काम शुरू नहीं किया जा सकेगा। दूसरे फेज में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग बरसाती पानी की निकासी के लिए दो नए डिस्पोजल शहर में बनाएगा।
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इसके अलावा शहर की बाहरी काॅलोनियों में नई सीवरेज और पानी की पाइप लाइन डाली जाएगी जबकि करीब 30 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन पुराने शहर में बदली जाएगी। करोड़ों रुपये के इन प्रोजेक्ट का जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग खाका तैयार करने में जुटा है। जिसका सर्वेक्षण का काम होना अभी बाकी है। सर्वेक्षण के बाद ही नई और पुरानी सीवरेज और पेयजल लाइनों के साथ नए डिस्पोजल पर बजट का प्रारूप तैयार होगा।
मानसून में नहीं मिलेगी पूरे शहर को जलभराव से निजात
प्री मानसून और मानसून में इस बार भी पूरे शहर को जलभराव से निजात नहीं मिलेगी। फेज दो की परियोजनाएं मानसून से पहले सिरे नहीं चढ़ पाएंगी। जिसकी वजह से शहर के निचले इलाकों में इस मानसून जलभराव का दंश शहरवासियों को झेलना पड़ेगा। हालांकि पहले बने बरसाती डिस्पोजलों को पानी निकासी के लिए तैयार रखा जाएगा, लेकिन ये डिस्पोजल भी शहर से बरसाती पानी की निकासी में पांच से सात घंटे का समय लेंगे। अगर फेज दो का काम प्री मानसून से पहले आरंभ होता तो शायद कुछ हिस्से को निजात मिल सकती थी।
पुराने डिस्पोजल से हटेगी चैंबर स्क्रीन
देवसर चुंगी के डिस्पोजल पर सेफ्टी टैंक के अंदर पॉथिथीन व अन्य कचरे को निकालने के लिए लगाई गई चैंबर स्क्रीन भी हटाई जाएगी। ये मशीन अब खस्ताहाल हो चुकी है। जिसकी वजह से बारिश के दौरान पानी निकासी में भी दिक्कत आ रही है। बारिश के बाद इसे फिर से दुरुस्त कर स्थापित किया जाएगा। करीब 10 लाख की लागत से लगी ये मशीन शुरुआत में बारिश के दिनों में सेफ्टी टैंक से दो टन पॉलिथीन का कचरा निकालने की क्षमता रखती थी, मगर अब इसका चैन सिस्टम खराब पड़ा है। सेफ्टी टैंकों से पॉलिथीन कचरा मेनुअल निकाला जाएगा।
मेन सीवर लाइन की रुकावट दूर करने के लिए लगाएंगे 900 एमएम का पाइप
हालुवास गेट सरकुलर रोड पर मुख्य सीवरेज लाइन की रुकावट दूर करने के लिए दिल्ली से 900 एमएम का 70 फुट का नया पाइप आया है। इस पाइप को करीब 25 फुट गहरी डेमेज सीवर लाइन की जगह डाला जाएगा। जिसके बाद सरकुलर रोड की मुख्य सीवर लाइन को देवसर चुंगी डिस्पोजल तक चालू कर दिया जाएगा।
अभी शहर में अमृत फेज एक का काम बाकी है। ये पूरा होने के बाद ही फेज दो का काम जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग आरंभ कराएगा। इस मानसून सीजन में फेज दो की बड़ी परियोजनाओं पर काम शुरू होना संभव नहीं है, क्योंकि फेज एक के कार्य को अब छह माह की एक्सटेंशन मिली है, जिसे जल्द पूरा कराया जाना है। देवसर चुंगी डिस्पोजल के सेफ्टी टैंक की चैंबर स्क्रीन को भी बारिश से पहले हटाया जाएगा, ताकि बारिश के पानी का फ्लो तेज होने पर रुकावट न बने।
-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता शहरी सीवरेज शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।